
नेशनल हाईवे पर कहर, बारात से लौट रहे चार लोगों की दर्दनाक मौत
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक भीषण सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। मौदहा क्षेत्र के नेशनल हाईवे-34 पर सोमवार देर रात हुए इस हादसे में चार बारातियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना इतनी भयावह थी कि जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप उठी।

मिली जानकारी के अनुसार, कुरारा थाना क्षेत्र के ग्राम डामर से कुशवाहा समाज की एक बारात महोबा जिले के ग्राम खड्डी पहरा जा रही थी। बारात में शामिल लोग खुशी-खुशी अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। कई वाहन इस बारात का हिस्सा थे, जिनमें एक ओमनी वैन भी शामिल थी। इसी वैन में कुछ बाराती सवार थे।
रात का समय था और हाईवे पर ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहा था। जैसे ही ओमनी वैन छिरका के पास पहुंची, सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से उसकी आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें बैठे लोगों को संभलने का कोई मौका नहीं मिला।
हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए। लेकिन तब तक चार लोगों की जान जा चुकी थी। मृतकों की पहचान उर्दना निवासी मोहन, तिंदुही निवासी आशीष, डामर निवासी कमलेश और एक अज्ञात व्यक्ति के रूप में हुई है। इन सभी की मौत मौके पर ही हो गई थी।
इस हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में तिंदुही निवासी रोहित, उर्दना निवासी दिलीप और डामर निवासी बाबूजी शामिल हैं। इनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य तेज किया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ क्षेत्राधिकारी मौदहा राजकुमार पांडे और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वैन से बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल भिजवाया।
घायलों को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और उनकी हालत पर नजर बनाए हुए है।
पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जैसे ही इस हादसे की खबर मृतकों के परिवारों तक पहुंची, वहां कोहराम मच गया। जिन घरों में शादी की खुशियां थीं, वहां अचानक मातम छा गया। परिजन अपने प्रियजनों के शव देखकर बेसुध हो गए।
क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुआ प्रतीत होता है। हालांकि, पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। ट्रक चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से इस दुख की घड़ी में परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया गया है।
घटनास्थल पर तहसीलदार शिखर मिश्रा और नायब तहसीलदार महेंद्र गुप्ता भी पहुंचे। उन्होंने राहत कार्यों की निगरानी की और पुलिस के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया। हादसे के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ, जिसे बाद में सामान्य किया गया।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर रात के समय तेज रफ्तार में वाहन चलाना और सावधानी न बरतना अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनता है। अगर थोड़ी सी सतर्कता बरती जाए, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।
बारात जैसे खुशी के मौके पर हुई इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। जो लोग अपने प्रियजनों के साथ खुशियां मनाने निकले थे, वे अब गहरे सदमे में हैं। यह हादसा न सिर्फ पीड़ित परिवारों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ी त्रासदी बन गया है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और हादसे के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश में जुटी है। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



