
हरियाणा पुलिस में बड़ा बदलाव तय: 22 एचपीएस अधिकारियों के आईपीएस बनने की प्रक्रिया अंतिम चरण में, 28 अप्रैल को निर्णायक बैठक
हरियाणा पुलिस विभाग में लंबे समय से प्रतीक्षित पदोन्नति प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। राज्य के 22 हरियाणा पुलिस सेवा (एचपीएस) अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस संबंध में 28 अप्रैल को चंडीगढ़ में डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की अहम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इन अधिकारियों के प्रमोशन पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

पिछले कुछ वर्षों से एचपीएस से आईपीएस में पदोन्नति का मामला विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से अटका हुआ था। हालांकि अब इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तेजी दिखाई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में उन सभी लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी, जिनकी वजह से प्रमोशन में देरी हो रही थी।
खाली पदों को भरने की कवायद तेज
हरियाणा में आईपीएस अधिकारियों के कई पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इन पदों को भरने के लिए राज्य सरकार ने एचपीएस अधिकारियों को प्रमोट करने का प्रस्ताव पहले ही मंजूर कर लिया है। जानकारी के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच के 18 पदों को भरने की स्वीकृति दी जा चुकी है, जबकि वर्ष 2025 के चार पद भी इसमें जोड़े गए हैं। इस तरह कुल 22 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है।
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इन पदों को भरने से पुलिस विभाग की कार्यक्षमता में सुधार होगा और प्रशासनिक कामकाज अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। इससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट ने खोला रास्ता
किसी भी अधिकारी को आईपीएस में प्रमोट करने से पहले उसकी सेवा रिकॉर्ड की जांच की जाती है। इसी क्रम में करीब दो महीने पहले राज्य के मुख्य सचिव द्वारा 22 एचपीएस अधिकारियों को इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी किया गया था। यह प्रमाण पत्र इस बात का संकेत होता है कि संबंधित अधिकारी का सेवा रिकॉर्ड साफ है और उसके खिलाफ कोई गंभीर मामला लंबित नहीं है।
यह कदम इस पूरी प्रक्रिया में बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसके बिना प्रमोशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती। इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट मिलने के बाद अब अधिकारियों की पदोन्नति का रास्ता लगभग साफ हो चुका है।
बैठक में देरी का कारण
दरअसल, यह डीपीसी बैठक पहले ही आयोजित की जानी थी, लेकिन मुख्य सचिव की तबीयत खराब होने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। इसके चलते प्रमोशन प्रक्रिया में और देरी हो गई थी। हालांकि अब स्थिति सामान्य होने के बाद बैठक की नई तारीख तय कर दी गई है और इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
बताया जा रहा है कि इस बार किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पहले ही पूरी कर ली गई हैं, ताकि बैठक के दौरान कोई बाधा न आए।
28 अप्रैल की बैठक होगी निर्णायक
चंडीगढ़ में होने वाली डीपीसी बैठक को इस पूरे मामले में निर्णायक माना जा रहा है। इस बैठक में यूपीएससी के प्रतिनिधि, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी शामिल होंगे। सभी संबंधित अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता, कार्य प्रदर्शन और अन्य जरूरी पहलुओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।
यदि सब कुछ सही पाया जाता है, तो इन अधिकारियों के प्रमोशन पर अंतिम मुहर लग सकती है। इसके बाद औपचारिक आदेश जारी कर उन्हें आईपीएस कैडर में शामिल कर लिया जाएगा।
पहले भी हो चुका है प्रमोशन
हरियाणा में इससे पहले भी एचपीएस अधिकारियों को आईपीएस में प्रमोट किया जा चुका है। वर्ष 2022 में 16 डीएसपी स्तर के अधिकारियों को आईपीएस में पदोन्नत किया गया था। उस समय भी यह प्रक्रिया लंबे इंतजार के बाद पूरी हुई थी। अब एक बार फिर बड़ी संख्या में अधिकारियों को प्रमोशन मिलने जा रहा है, जिससे विभाग में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है।
2012 बैच मिलने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, जिन अधिकारियों को इस बार आईपीएस में प्रमोट किया जाएगा, उन्हें 2012 बैच आवंटित किया जा सकता है। बैच आवंटन किसी भी अधिकारी के करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि इससे उसकी वरिष्ठता और भविष्य की पदोन्नति तय होती है।
यदि 2012 बैच मिलता है, तो इन अधिकारियों को करियर में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
पुलिस व्यवस्था को मिलेगा मजबूती
इन प्रमोशनों का असर राज्य की पुलिस व्यवस्था पर भी सकारात्मक रूप से पड़ेगा। अनुभवी एचपीएस अधिकारियों के आईपीएस में शामिल होने से प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।
इसके अलावा, अपराध नियंत्रण, जांच प्रक्रिया और पुलिसिंग के आधुनिक तरीकों को लागू करने में भी मदद मिलेगी। इससे जनता का भरोसा पुलिस पर और मजबूत होगा।
अधिकारियों में बढ़ी उम्मीद
लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे एचपीएस अधिकारियों के बीच अब उत्साह का माहौल है। उन्हें उम्मीद है कि इस बार उनकी मेहनत और सेवा का उचित सम्मान मिलेगा। कई अधिकारी वर्षों से इस अवसर का इंतजार कर रहे थे, जो अब पूरा होने की कगार पर है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, 28 अप्रैल को होने वाली डीपीसी बैठक हरियाणा पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो 22 एचपीएस अधिकारियों का आईपीएस में प्रमोशन तय माना जा रहा है। यह न केवल अधिकारियों के करियर के लिए बड़ा कदम होगा, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।



