
मंदिर के पास लापता मासूम का तालाब में मिला शव, परिवार में मचा कोहराम
ग्रेटर नोएडा के बिसरख कोतवाली क्षेत्र में छह दिन पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुए पांच वर्षीय मासूम का शव रविवार को मंदिर के पास स्थित एक तालाब से बरामद होने के बाद इलाके में शोक और सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने बच्चे की मौत डूबने से होने की आशंका जताई है, हालांकि अंतिम स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, मूल रूप से फर्रुखाबाद निवासी इंद्रपाल अपने परिवार के साथ चिपियाना बुजुर्ग इलाके में किराए के मकान में रहते हैं। वह दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। 17 फरवरी की दोपहर करीब दो बजे इंद्रपाल अपने पांच वर्षीय बेटे ईशू को लेकर पास ही स्थित कुत्ते वाले मंदिर गए थे। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में पहुंचकर इंद्रपाल एक तरफ बैठकर आराम करने लगे, जबकि छोटा ईशू वहीं आसपास खेलता रहा।
कुछ समय बाद जब इंद्रपाल की नजर बेटे पर पड़ी तो वह वहां दिखाई नहीं दिया। पहले तो उन्हें लगा कि बच्चा पास ही कहीं खेल रहा होगा, लेकिन काफी देर तक तलाश के बाद भी जब ईशू का कोई सुराग नहीं मिला तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की और मंदिर परिसर के कोने-कोने में बेटे को खोजा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
बेटे के अचानक गायब होने से घबराए इंद्रपाल ने तुरंत बिसरख कोतवाली पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चे की तलाश के लिए टीमें गठित कीं और आसपास के इलाकों में खोजबीन शुरू कर दी। पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की, संभावित स्थानों पर छानबीन की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, लेकिन कई दिनों तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
परिवार के लिए ये छह दिन बेहद पीड़ादायक रहे। हर गुजरते दिन के साथ उम्मीद और चिंता दोनों बढ़ती गईं। परिजन और पड़ोसी लगातार बच्चे की तलाश में जुटे रहे और सुरक्षित मिलने की दुआ करते रहे। लेकिन रविवार को जो खबर सामने आई, उसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
रविवार को मंदिर के पास स्थित तालाब की ओर गए कुछ लोगों की नजर पानी में पड़े एक शव पर पड़ी। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तालाब की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है—वह घास, कूड़े और झाड़ियों से भरा हुआ था और लंबे समय से उसकी सफाई नहीं कराई गई थी। बताया जाता है कि आसपास के घरों का पानी भी इसी तालाब में भरता है, जिससे वहां दलदल जैसी स्थिति बनी रहती है।
पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से तालाब से शव को बाहर निकलवाया। शव की पहचान लापता बच्चे ईशू के रूप में हुई। यह पुष्टि होते ही मौके पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां-बाप की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
प्रभारी निरीक्षक कृष्ण गोपाल शर्मा के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला खेलते समय तालाब में गिरकर डूबने से मौत का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल परिवार की ओर से किसी प्रकार का आरोप नहीं लगाया गया है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सके।
स्थानीय लोगों ने घटना के बाद तालाब की बदहाल स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मंदिर के पास यह तालाब लंबे समय से गंदगी, झाड़ियों और कूड़े से पटा पड़ा है, लेकिन इसकी सफाई और सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। जबकि रोजाना आसपास के परिवारों के लोग मंदिर में दर्शन करने, बैठने और टहलने आते रहते हैं। ऐसे में खुले और असुरक्षित तालाब से हमेशा खतरा बना रहता है।
लोगों का यह भी कहना है कि अगर तालाब के चारों ओर उचित घेराबंदी या चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते, तो शायद यह हादसा टल सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। यदि जांच में कोई संदिग्ध तथ्य सामने आता है तो उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले को दुर्घटना मानकर जांच की जा रही है।
इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। मासूम की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं स्थानीय लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए तालाबों और खुले जलाशयों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस पूरे मामले की सच्चाई साफ करेगी।



