खेत में मौत का जाल: सहारनपुर में करंटयुक्त तार से झुलसे दो युवक, एक जिंदगी की जंग लड़ रहा
उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक लापरवाही भरी और खतरनाक घटना सामने आई है, जिसने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया। खेतों में शिकार के लिए बिछाए गए बिजली के तार दो युवकों के लिए मौत का जाल बन गए। करंट की चपेट में आने से दोनों युवक गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से एक की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

घटना शाकंभरी कोतवाली क्षेत्र के गांव रामपुर बडकला की है। ग्रामीणों के अनुसार गांव निवासी मांगेराम और उसका चचेरा भाई अजय सुबह खेतों में पानी देने के लिए घर से निकले थे। उनके साथ उनका साथी राम कुमार भी था, जो उनसे थोड़ी दूरी पर पीछे चल रहा था। खेतों तक पहुंचने के लिए उन्हें एक पगडंडी से होकर गुजरना था, जहां आसपास कई खेत फैले हुए हैं।
बताया जा रहा है कि इसी रास्ते के किनारे शिकारियों ने जानवरों को पकड़ने के लिए तार बिछा रखी थी। इस तार में अवैध रूप से बिजली का करंट दौड़ा दिया गया था ताकि कोई जंगली जानवर इसके संपर्क में आते ही मर जाए। लेकिन दुर्भाग्यवश यह जाल इंसानों के लिए घातक साबित हो गया।
जैसे ही मांगेराम और अजय उस जगह से गुजरे, दोनों अनजाने में तार से टकरा गए। करंट का तेज झटका लगते ही दोनों जमीन पर गिर पड़े और दर्द से तड़पने लगे। उनके शरीर पर गंभीर जलन के निशान पड़ गए। पीछे चल रहे राम कुमार ने जब उन्हें गिरते देखा तो वह घबरा गया और तुरंत मदद के लिए शोर मचाया।
राम कुमार ने दौड़कर गांव में सूचना दी। कुछ ही मिनटों में ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। लोगों ने स्थिति की गंभीरता समझते हुए पहले बिजली का संपर्क हटवाने का प्रयास किया और फिर दोनों घायलों को सावधानी से उठाकर सुरक्षित स्थान पर लिटाया। घटना की सूचना तुरंत ग्राम प्रधान और पुलिस को भी दी गई।
ग्राम प्रधान संजय चौधरी सहित कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस के साथ मिलकर घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था की। पुलिस टीम ने भी तत्परता दिखाते हुए दोनों युवकों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा।
अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों ने बताया कि दोनों को गंभीर करंट लगा है, जिससे त्वचा के अलावा अंदरूनी अंगों पर भी असर पड़ सकता है। इनमें से एक युवक की हालत ज्यादा गंभीर है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 24 घंटे उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
इस घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश दोनों का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में इस तरह करंटयुक्त तार बिछाना पूरी तरह गैरकानूनी और बेहद खतरनाक है। इससे न केवल जानवर बल्कि इंसान भी कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध शिकार लंबे समय से जारी है और कई बार शिकायतों के बावजूद इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन पहले ही सख्ती दिखाता तो आज दो युवकों की जान खतरे में न पड़ती।
पीड़ित परिवार ने भी पुलिस को लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि यह केवल दुर्घटना नहीं बल्कि लापरवाही और अवैध गतिविधि का परिणाम है, जिसके जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। क्षेत्राधिकारी ने कहा कि तार किसने बिछाई, बिजली का कनेक्शन कहां से लिया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि करंटयुक्त तार का इस्तेमाल शिकार के लिए करना बेहद खतरनाक और अमानवीय तरीका है। यह न केवल पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए नुकसानदेह है बल्कि मानव जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन जाता है। कई राज्यों में ऐसे मामलों में कठोर सजा का प्रावधान है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी की जरूरत को उजागर किया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खेतों और जंगल से सटे इलाकों में नियमित पुलिस गश्त हो, अवैध बिजली कनेक्शन पर रोक लगे और शिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल गांव में हर कोई घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
यह हादसा एक कड़वी सीख भी देता है कि अवैध और लापरवाही भरे तरीके कभी भी किसी की जिंदगी छीन सकते हैं। यदि समय रहते ऐसी गतिविधियों पर रोक न लगी तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।



