
शिकार के लिए बिछाए करंट वाले तार बने जानलेवा, खेत जाते दो युवक झुलसे; एक की हालत नाजुक
सहारनपुर जिले के शाकंभरी क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां खेत में बिछाए गए करंटयुक्त तार की चपेट में आकर दो युवक गंभीर रूप से झुलस गए। बताया जा रहा है कि ये तार शिकार के उद्देश्य से लगाए गए थे। हादसे में एक युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जबकि दूसरे का इलाज चल रहा है।

घटना शाकंभरी कोतवाली क्षेत्र के गांव रामपुर बडकला की है। गांव के निवासी मांगेराम पुत्र राजपाल और उसका चचेरा भाई अजय पुत्र टोनी सुबह के समय अपने खेत में पानी देने जा रहे थे। उनके साथ गांव का ही राम कुमार भी था। तीनों युवक रोजमर्रा की तरह खेत की ओर निकले थे। मांगेराम और अजय आगे-आगे चल रहे थे, जबकि राम कुमार कुछ दूरी पर पीछे था।
बताया जाता है कि खेतों के पास पहुंचते ही अचानक मांगेराम और अजय एक ऐसे तार से टकरा गए, जिसमें तेज करंट दौड़ रहा था। यह तार जमीन के करीब बिछाया गया था, ताकि जंगली जानवर या अन्य जीव उसके संपर्क में आते ही करंट की चपेट में आ जाएं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कुछ शिकारियों ने अवैध रूप से हाईटेंशन लाइन से जोड़कर यह जाल बिछाया था।
जैसे ही दोनों युवक उस तार की चपेट में आए, तेज करंट के कारण वे बुरी तरह झुलस गए और जमीन पर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवक कुछ देर तक छटपटाते रहे। पीछे चल रहे राम कुमार ने यह दृश्य देखा तो वह घबरा गया। उसने तुरंत शोर मचाया और गांव की ओर भागकर लोगों को सूचना दी। सौभाग्य से वह खुद तार की चपेट में नहीं आया, क्योंकि वह कुछ दूरी पर था।
घटना की खबर मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्राम प्रधान संजय चौधरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने पहले बिजली आपूर्ति बंद कराने का प्रयास किया, ताकि किसी और को नुकसान न पहुंचे। इसके बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद दोनों घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों युवकों के शरीर पर गंभीर जलन के निशान हैं। एक युवक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों का कहना है कि करंट का प्रभाव गहरा होने के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ लोग जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए अक्सर खेतों के आसपास करंटयुक्त तार बिछा देते हैं। यह न केवल अवैध है, बल्कि इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। इस घटना ने गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में और भी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
पीड़ित परिवार की ओर से कई लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। परिवार का कहना है कि जिन लोगों ने करंट वाला तार बिछाया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका आरोप है कि यह लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है, क्योंकि हाईटेंशन लाइन से सीधे जोड़कर तार में करंट दौड़ाया गया था।
मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सीओ वैभव पांडे ने बताया कि शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि यह साबित होता है कि शिकार के उद्देश्य से अवैध रूप से करंट प्रवाहित किया गया था, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आसपास के खेतों की भी जांच कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और इस तरह के खतरनाक तार तो नहीं बिछाए गए हैं।
यह घटना ग्रामीण इलाकों में फैलती एक खतरनाक प्रवृत्ति की ओर भी इशारा करती है। फसलों को जंगली जानवरों से बचाने या शिकार करने के लिए लोग कभी-कभी बिजली के तारों का सहारा लेते हैं, लेकिन यह तरीका न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि मासूम लोगों की जान भी जोखिम में डाल देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में बिजली विभाग और वन विभाग को भी संयुक्त रूप से कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल गांव रामपुर बडकला में घायल युवकों के परिवारों में चिंता और गुस्सा दोनों का माहौल है। अस्पताल के बाहर परिजन दुआ कर रहे हैं कि गंभीर रूप से घायल युवक की हालत में सुधार हो। पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चा है और लोग प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी विचार किया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अवैध तरीके से बिजली का उपयोग कितना घातक हो सकता है।



