
आगरा मेट्रो का बड़ा विस्तार: मार्च में आरबीएस तक पहुंचेगी सेवा, जून से दूसरे कॉरिडोर का ट्रायल
आगरा शहर में मेट्रो परियोजना लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) आगरा मेट्रो के दोनों कॉरिडोर को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रहा है। आने वाले महीनों में मेट्रो का दायरा और बढ़ेगा, जिससे न केवल शहरवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि आगरा आने वाले पर्यटकों को भी आधुनिक और तेज परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा। मार्च 2026 तक मेट्रो आरबीएस कॉलेज तक दौड़ने लगेगी, वहीं जून से दूसरे कॉरिडोर पर ट्रायल रन शुरू किए जाएंगे।

पहले कॉरिडोर पर तेजी से आगे बढ़ रहा काम
फिलहाल आगरा मेट्रो का संचालन पहले कॉरिडोर पर ताज पूर्वी गेट से मन:कामेश्वर स्टेशन तक किया जा रहा है। इस रूट पर यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यूपीएमआरसी ने अब इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाते हुए आरबीएस कॉलेज तक मेट्रो चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, मार्च के अंत तक आरबीएस कॉलेज स्टेशन तक मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाएगी।
इसके लिए ट्रायल रन पहले ही शुरू हो चुके हैं। अगले सप्ताह से मेट्रो ट्रेनों को अधिकतम 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर तकनीकी जांच की जाएगी। ट्रायल के दौरान सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक की मजबूती, ब्रेक और सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की जाएगी।
जून से दूसरे कॉरिडोर का ट्रायल होगा शुरू
आगरा मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर भी अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि जून 2026 से दूसरे कॉरिडोर पर ट्रायल रन शुरू करने की योजना है। यह ट्रायल आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक किया जाएगा।
इस सेक्शन में 75 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि अगले दो महीनों में पांच स्टेशनों तक ट्रैक का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद मेट्रो ट्रेनों का परीक्षण शुरू होगा। यदि सभी तकनीकी मानक सही पाए गए, तो अगस्त 2026 तक दूसरे कॉरिडोर पर भी यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाएगी।
आगरा कॉलेज बनेगा दोनों कॉरिडोर का केंद्र
आगरा मेट्रो परियोजना की एक महत्वपूर्ण खासियत यह है कि आगरा कॉलेज स्टेशन को जंक्शन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां दोनों कॉरिडोर आपस में मिलेंगे। इससे यात्रियों को एक रूट से दूसरे रूट पर जाने के लिए मेट्रो बदलने में आसानी होगी।
इस व्यवस्था से शहर के अलग-अलग इलाकों के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। यात्रियों को बार-बार बाहर निकलकर अन्य साधनों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी।
90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से होगा परीक्षण
मेट्रो ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा को लेकर यूपीएमआरसी कोई समझौता नहीं करना चाहता। इसी कारण ट्रायल रन को विशेष महत्व दिया जा रहा है। अगले सप्ताह से मेट्रो ट्रेनों का परीक्षण 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा।
इस दौरान ट्रेनों की स्थिरता, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और आपातकालीन व्यवस्थाओं की जांच होगी। अधिकारियों के अनुसार, सभी परीक्षण सफल रहने के बाद ही नियमित संचालन की अनुमति दी जाएगी।
30 किलोमीटर लंबा होगा आगरा मेट्रो नेटवर्क
आगरा में मेट्रो का कुल नेटवर्क लगभग 30 किलोमीटर में फैला होगा। यह नेटवर्क शहर के प्रमुख इलाकों को आपस में जोड़ेगा। यूपीएमआरसी के मुताबिक, प्रति किलोमीटर के हिसाब से 30 मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह संख्या अप और डाउन दोनों लाइनों को मिलाकर तय की गई है, ताकि यात्रियों को कम से कम इंतजार करना पड़े।
अब तक आगरा के लिए 18 मेट्रो ट्रेनें आ चुकी हैं, जबकि 12 और ट्रेनों का आना बाकी है। सभी ट्रेनों को पीएससी मैदान में बनाए गए अत्याधुनिक डिपो में रखा जाएगा। यही डिपो मेट्रो के संचालन, रखरखाव और नियंत्रण का मुख्य केंद्र होगा।
दिसंबर तक दोनों कॉरिडोर पूरे करने का लक्ष्य
यूपीएमआरसी ने आगरा मेट्रो के दोनों कॉरिडोर को दिसंबर 2026 तक पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निर्माण कार्य की गति बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त मशीनें और कर्मचारी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की देरी न हो।
अधिकारियों का मानना है कि मेट्रो परियोजना पूरी होने के बाद आगरा की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण स्तर में भी गिरावट आएगी।
शहर और पर्यटन दोनों को मिलेगा फायदा
आगरा एक प्रमुख पर्यटन शहर है, जहां देश-विदेश से लाखों सैलानी आते हैं। मेट्रो सेवा के विस्तार से ताजमहल, आगरा किला और अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंच और आसान हो जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को भी रोजमर्रा के सफर के लिए एक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद साधन मिलेगा।
कुल मिलाकर, आगरा मेट्रो परियोजना शहर के विकास में एक अहम भूमिका निभाने जा रही है। मार्च में आरबीएस कॉलेज तक मेट्रो सेवा और जून से दूसरे कॉरिडोर का ट्रायल आगरा को आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक और कदम आगे ले



