
एक झटके में बदला मौसम, बारिश ने दिल्ली की गर्माहट पर लगा दी लगाम
दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के बीच अचानक बढ़ती गर्मी पर आखिरकार मौसम ने ब्रेक लगा दिया है। जिस राजधानी में एक दिन पहले तक गर्मी का एहसास होने लगा था, वहीं अब बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को फिर से सर्दी का अहसास करा दिया है। बृहस्पतिवार को जहां अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था, वहीं बारिश के बाद यह सीधे करीब 11 डिग्री गिरकर 16 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

दरअसल, बृहस्पतिवार आधी रात के बाद मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश का दौर शुक्रवार देर शाम तक चलता रहा। यह इस सीजन की दूसरी बारिश रही, इससे पहले 9 जनवरी को हल्की बारिश दर्ज की गई थी। लगातार बारिश की वजह से राजधानी के तापमान में तेजी से गिरावट आई और ठंड एक बार फिर लौट आई।
मौसम के इस बदलाव का असर पूरे दिन देखने को मिला। शुक्रवार सुबह आसमान में घने बादल छाए रहे, जिससे सुबह नौ बजे ही अंधेरे जैसा माहौल बन गया। यही स्थिति शाम के वक्त भी देखने को मिली, जब चार बजे के बाद ही दिन ढलने जैसा एहसास होने लगा। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने वातावरण में नमी बढ़ा दी, जिससे सर्दी और ज्यादा चुभने लगी।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण यह बदलाव देखने को मिला। इसके असर से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हुई, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश दर्ज की गई। दिल्ली में शुक्रवार शाम 5:30 बजे तक कुल 13.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे ज्यादा बारिश रिज इलाके में 17.4 मिमी और पालम में 14 मिमी दर्ज की गई।
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। 26 जनवरी तक अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही बना रह सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान भी एक बार फिर गिरकर एक अंकीय स्तर पर पहुंच सकता है। 24 से 26 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
शनिवार को भी मौसम साफ होने के आसार नहीं हैं। आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। 25 और 26 जनवरी को भी आंशिक रूप से बादल बने रह सकते हैं। इसके बाद 27 जनवरी को एक बार फिर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
गौरतलब है कि बारिश से एक दिन पहले दिल्ली ने जनवरी महीने की असामान्य गर्मी देखी थी। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले छह वर्षों में जनवरी का सबसे गर्म दिन रहा। इससे पहले 2019 में 21 जनवरी को अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं जनवरी का सबसे गर्म दिन होने का रिकॉर्ड 29 जनवरी 1991 का है, जब तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
बारिश का असर वायु गुणवत्ता पर भी पड़ा है। शुक्रवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 282 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि यह बृहस्पतिवार की तुलना में करीब 40 अंक कम रहा, यानी हवा की गुणवत्ता में थोड़ी सुधार जरूर हुआ। एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जहां एक्यूआई 278 दर्ज किया गया। नोएडा में 270, ग्रेटर नोएडा में 249 और गुरुग्राम में 227 एक्यूआई दर्ज किया गया। फरीदाबाद की हवा सबसे बेहतर रही, जहां एक्यूआई 216 रहा, हालांकि यह भी खराब श्रेणी में ही है।
सीपीसीबी के अनुसार, शुक्रवार को हवा उत्तर-पूर्व दिशा से करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में वाहन प्रदूषण की हिस्सेदारी करीब 10.65 फीसदी रही।
कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने साफ संकेत दे दिया है कि सर्दी अभी खत्म नहीं हुई है। बारिश और ठंडी हवाओं ने बढ़ते तापमान पर लगाम लगा दी है और आने वाले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रह सकता है।



