हरियाणा

हरियाणा का साइको किलर उम्रकैद का दोषी, युवती अपहरण–हत्या केस में सख्त सजा

हरियाणा में युवतियों के खिलाफ जघन्य अपराधों की एक खौफनाक कड़ी का अंत आखिरकार अदालत के फैसले के साथ हुआ। छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक युवती का अपहरण कर उसकी बेरहमी से हत्या करने वाले साइको किलर सिंहराज को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में कोर्ट ने दोषी पर दो लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की उम्मीद लेकर आया, बल्कि समाज के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि ऐसे अपराधियों को कानून बख्शने वाला नहीं है।

यह घटना 31 दिसंबर 2022 की है, जब भूपानी गांव की रहने वाली युवती ओल्ड फरीदाबाद मार्केट से खरीदारी कर अपने मामा के घर जा रही थी। रास्ते में सिंहराज ने उसे जबरन साइकिल पर बैठा लिया और एक सुनसान इलाके की ओर ले गया। आरोप है कि आरोपी ने युवती के साथ छेड़छाड़ की, जिसका उसने विरोध किया। विरोध से बौखलाए सिंहराज ने युवती की चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने की नीयत से उसके शव को आगरा कैनाल में फेंक दिया।

हत्या के बाद आरोपी ने जो किया, वह उसकी मानसिक विकृति को और उजागर करता है। सिंहराज ने खुद युवती की नानी को फोन कर यह जानकारी दी कि उसने उनकी नातिन की हत्या कर दी है और शव को आगरा कैनाल में फेंक दिया है। संयोग से यह कॉल नानी के मोबाइल में रिकॉर्ड हो गई, जो आगे चलकर इस केस का सबसे मजबूत सबूत बनी। बाद में फॉरेंसिक जांच में आरोपी की आवाज का मिलान उस रिकॉर्डिंग से हो गया, जिससे पुलिस और अभियोजन पक्ष को बड़ा सहारा मिला।

करीब छह दिन बाद युवती का शव सेक्टर-17 के पास आगरा कैनाल की झाड़ियों से बरामद किया गया। तब तक पूरा इलाका सनसनी और डर के माहौल में था। जांच में सामने आया कि सिंहराज पर पहले से ही कई संगीन आरोप थे। उस पर कुल पांच लोगों की हत्या का आरोप है, जिनमें तीन नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं। हालांकि एक मामले में सबूतों के अभाव में कोर्ट ने उसे पहले ही बरी कर दिया था, जबकि तीन अन्य नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ और हत्या के मामले अभी भी अदालतों में विचाराधीन हैं।

इस केस की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के अनुसार, यह मुकदमा बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि घटना स्थल से कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य या चश्मदीद गवाह नहीं मिले थे। एडवोकेट संतोष भारद्वाज ने बताया कि युवती की हत्या के मामले में पुलिस के पास शुरू में कोई ठोस सबूत नहीं था। लेकिन आरोपी से बरामद मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्डिंग और मृतका के कपड़ों ने पूरे केस की दिशा बदल दी। कॉल रिकॉर्डिंग में आरोपी द्वारा हत्या की बात स्वीकार करना और फॉरेंसिक जांच में उसकी आवाज का मिलान होना अभियोजन पक्ष के लिए निर्णायक साबित हुआ।

एडवोकेट गुप्ता ने अदालत में दलील दी कि सिंहराज ने युवती का अपहरण किया, उसके साथ जबरदस्ती की कोशिश की और फिर उसकी हत्या कर सबूत मिटाने का प्रयास किया। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के खिलाफ किया गया गंभीर अपराध है। उन्होंने आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का भी हवाला दिया, जिससे यह साबित हुआ कि सिंहराज एक आदतन अपराधी है और समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।

सरकारी पक्ष की ओर से डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी रेखा जेएस जांगड़ा ने बताया कि इस केस में पीड़ित परिवार की ओर से लगातार कानूनी लड़ाई लड़ी गई। करीब चार साल चले ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने 26 गवाह पेश किए। इनमें पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और पीड़ित परिवार के सदस्य शामिल थे। हालांकि कोई भी ऐसा गवाह नहीं था जिसने आरोपी को हत्या करते या शव को नहर में फेंकते हुए देखा हो, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्य इतने मजबूत थे कि उन्होंने आरोपी की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित कर दिया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों को ध्यान में रखते हुए सिंहराज को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे युवती के अपहरण, हत्या, साक्ष्य मिटाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही आर्थिक दंड भी लगाया गया, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऐसे अपराधों के प्रति न्याय व्यवस्था सख्त रुख अपनाती है।

इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली, लेकिन उनका दर्द आज भी उतना ही गहरा है। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी तो वापस नहीं आ सकती, लेकिन यह सजा कम से कम अन्य परिवारों को ऐसे दर्द से बचाने की दिशा में एक कदम है। वहीं समाज के बुद्धिजीवियों और महिला अधिकार संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे महिला सुरक्षा के लिए अहम बताया है।

कुल मिलाकर, यह मामला न सिर्फ एक साइको किलर की क्रूरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि मजबूत जांच, फॉरेंसिक तकनीक और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए बिना चश्मदीद गवाहों के भी न्याय संभव है। यह फैसला अपराधियों के लिए चेतावनी है कि कानून के शिकंजे से बच पाना अब आसान नहीं है।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button