
घने कोहरे ने ली जान: साहा चौक पर कार हादसे में पति की मौत, पत्नी गंभीर
अंबाला जिले में रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अंबाला–जगाधरी मार्ग पर स्थित साहा चौक के पास घने कोहरे के कारण एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर चौक से टकरा गई। इस हादसे में कार चला रहे पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह के समय उस वक्त हुआ जब दृश्यता बेहद कम थी। ठंड के मौसम में घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे सड़क पर कुछ ही मीटर आगे देख पाना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान दंपति अपनी कार से गुजर रहे थे। जैसे ही उनकी कार साहा चौक के पास पहुंची, चालक को चौक का सही अंदाजा नहीं लग पाया और कार सीधे चौक के डिवाइडर या संरचना से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के समय कार में केवल पति-पत्नी ही सवार थे। टक्कर लगते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। जब तक मदद पहुंचती, तब तक पति की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी और कुछ ही देर में उन्होंने मौके पर दम तोड़ दिया। वहीं, पत्नी को गंभीर चोटें आईं और वह बेहोशी की हालत में थीं।
घायल महिला को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार महिला की हालत नाजुक बनी हुई है, हालांकि डॉक्टर पूरी कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें बचाया जा सके। हादसे की खबर मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंचे, जहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कार को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक अंबाला का ही रहने वाला था और प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण घना कोहरा और कम दृश्यता माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है ताकि दुर्घटना की सही वजह सामने आ सके।
स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए प्रशासनिक लापरवाही को भी जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि साहा चौक पर न तो पर्याप्त रिफ्लेक्टर लगे हैं और न ही कोई स्पष्ट चेतावनी संकेतक बोर्ड मौजूद हैं। खासकर कोहरे के मौसम में यह चौक बेहद खतरनाक साबित होता है। लोगों का आरोप है कि इससे पहले भी यहां कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि चौक पर रिफ्लेक्टर, स्ट्रीट लाइट्स और चेतावनी संकेत सही ढंग से लगाए गए होते, तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था। सुबह और रात के समय यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को चौक का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस चौक को सुरक्षित बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।
पुलिस का कहना है कि हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है और सड़क सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कोहरे के मौसम में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कम दृश्यता के कारण तेज रफ्तार और लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करता है। हर साल सर्दियों में कोहरे के कारण उत्तर भारत में सड़क हादसों की संख्या बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन और आम जनता, दोनों को मिलकर सतर्कता बरतनी होगी। जहां एक ओर प्रशासन को सड़कों पर पर्याप्त संकेत, रिफ्लेक्टर और रोशनी की व्यवस्था करनी चाहिए, वहीं दूसरी ओर वाहन चालकों को भी धीमी गति और नियमों का पालन करना चाहिए।
इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। पति की अचानक मौत और पत्नी की गंभीर हालत ने उनके परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इलाके में भी इस घटना को लेकर शोक का माहौल है। लोग दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और घायल महिला के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, यह हादसा सभी के लिए एक चेतावनी है कि कोहरे और खराब मौसम में जरा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

