
कल मौनी अमावस्या, सर्वार्थ सिद्धि योग में स्नान-दान को लेकर तीर्थों पर उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
माघ माह की मौनी अमावस्या रविवार, 18 जनवरी को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में मनाई जाएगी। इस बार मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व और अधिक बढ़ गया है। पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और मौन व्रत के लिए देशभर से श्रद्धालु प्रमुख तीर्थ स्थलों की ओर रुख करेंगे।

प्रयागराज में गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रहने की उम्मीद है। इसके अलावा चित्रकूट की मंदाकिनी नदी, ओरछा और उनाव बालाजी के धार्मिक स्थलों पर भी भक्त स्नान कर पूजा-अर्चना करेंगे। स्नान के पश्चात श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए जल तर्पण करेंगे और गरीबों को दान देंगे।
धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही, पूर्वज अपने वंशजों पर कृपा बनाए रखते हैं। इसी आस्था के चलते हर वर्ष इस दिन तीर्थ स्थलों पर विशेष चहल-पहल देखी जाती है।
मंदिरों और आश्रमों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन किया जाएगा। कई श्रद्धालु मौन व्रत रखकर दिनभर भगवान का स्मरण करेंगे। माना जाता है कि मौन व्रत से मानसिक शांति प्राप्त होती है और साधक आत्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है।
ज्योतिषाचार्य आचार्य सुबोध शास्त्री ने बताया कि 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इस दिन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र सुबह 10:14 बजे तक रहेगा, इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। यह समय धार्मिक कार्यों और पुण्य कर्मों के लिए विशेष रूप से शुभ माना गया है।



