
हाईकोर्ट का अहम फैसला: 19 साल का युवक भी बालिग, पार्टनर के साथ लिव-इन में रहने से नहीं रोका जा सकता
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि 19 साल का युवक और 21 साल की युवती, दोनों बालिग हैं और उन्हें एक साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का पूरा अधिकार है। केवल इस आधार पर युवक को रोका नहीं जा सकता कि उसने अभी विवाह की कानूनी उम्र पूरी नहीं की है।

इस मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकल पीठ के न्यायाधीश अरुण कुमार त्यागी ने कहा कि जब दोनों याचिकाकर्ता बालिग हैं, तो उन्हें अपनी मर्जी से साथ रहने से वंचित नहीं किया जा सकता। साथ ही कोर्ट ने उनके जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा को भी संवैधानिक अधिकार बताया।
⚖️ पुलिस को सुरक्षा देने के निर्देश
युगल ने कोर्ट को बताया कि उन्हें लड़की के परिवार की ओर से जान का खतरा है और इस संबंध में उन्होंने मोहाली पुलिस को शिकायत भी दी थी। इस पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए कि वे युगल को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराएं।
👨⚖️ कोर्ट की टिप्पणी
न्यायाधीश ने कहा कि मौजूदा मामले में याचिकाकर्ता बालिग हैं, इसलिए वे लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रहने के हकदार हैं। साथ ही, यदि किसी पक्ष से उन्हें खतरा है तो राज्य का दायित्व है कि उनके जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा की जाए।
🚨 परिवार से खतरे का आरोप
याचिका में कहा गया कि लड़की का परिवार उसकी शादी किसी और से कराना चाहता है और कथित तौर पर युगल को पारिवारिक प्रतिष्ठा के नाम पर धमकियां दी जा रही हैं। युगल ने यह भी स्पष्ट किया कि युवक के विवाह योग्य आयु पूरी करते ही वे शादी कर लेंगे।
🛡️ एसएसपी को दिए निर्देश
हाईकोर्ट ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया कि युगल की शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाए और परिस्थितियों के अनुसार उनके जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाएं।

