हरियाणा

रेज़ांगला मेमोरियल पालम विहार में नौसेना दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं शौर्य का सम्मान कोसली, ओमप्रकाश डाबला

रेज़ांगला मेमोरियल पालम विहार में नौसेना दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं शौर्य का सम्मान कोसली, ओमप्रकाश डाबला

रेज़ांगला मेमोरियल पालम विहार में नौसेना दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं शौर्य का सम्मान
कोसली, ओमप्रकाश डाबला
04 दिसम्बर 2025 को रेज़ांगला मेमोरियल, पालम विहार में भारतीय नौसेना दिवस बड़े गौरव एवं सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नौसेना के वीर वीरांगना शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस समारोह में नौसेना के पूर्व सैनिकों सहित थल सेना, वायु सेना, अर्धसैनिक बलों के वीर सैनिक, अधिकारी, गुरुग्राम के नागरिक एवं युवाओं ने भाग लेकर शहीदों के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडमिरल पारसनाथ, पूर्व लॉजिस्टिक प्रमुख, भारतीय नौसेना रहे। इस आयोजन का समन्वय कमांडर नरेंद्र यादव द्वारा किया गया। शहीद परिवार कल्‍याण फाउंडेशन ने सभी व्यवस्थाएँ भव्य रूप से सुनिश्चित कीं।

समारोह के आरंभ में डॉ. टी.सी. राव, संयोजक, ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्राचीन काल से लेकर मध्यकालीन नौसेना, रॉयल इंडियन नेवी और आज की भारतीय नौसेना के आत्मरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्त्वपूर्ण योगदानों का विवरण प्रस्तुत किया।

इसके पश्चात कमांडर वी.पी. यादव ने 1971 भारत-पाक युद्ध में भारतीय नौसेना की निर्णायक भूमिका का वर्णन किया तथा कमोडोर बबरूभान यादव, MVC एवं पेट्टी ऑफिसर चिमन सिंह यादव, MVC की वीरता गाथा को उपस्थित जनसमूह के समक्ष रखा।

मुख्य अतिथि एडमिरल पारसनाथ ने अपने उद्बोधन में भारतीय नौसेना द्वारा स्वतंत्रता के पश्चात लिए गए सामरिक निर्णयों और आधुनिक नौसेना की वैश्विक क्षमता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कैप्टन एस.एन. मुल्ला के अदम्य साहस का उल्लेख करते हुए कहा कि वे भारतीय नौसेना की परंपराओं का सम्मान करते हुए अपने डूबते हुए जहाज INS खुखरी के साथ वीरगति को प्राप्त हुए और अपने नाविकों को प्राथमिकता देते हुए स्वयं को बचाने से इंकार कर दिया — जो भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण घटनाओं में से एक है।

उन्होंने कहा कि आज की भारतीय नौसेना केवल भारत की ही नहीं, बल्कि विश्व की सर्वश्रेष्ठ नौसेनाओं में से एक है, जो भारत की समुद्री सीमाओं, आर्थिक हितों और राष्ट्रीय समृद्धि की सुरक्षा में प्रतिबद्ध है।

इसी समारोह में डॉ. टी.सी. राव द्वारा लिखित पुस्‍तक “Queen of the Water: The Indian Navy from Ancient Seas to Operation Sindoor” का लोकार्पण भी किया गया। उपस्थित समूह ने पुस्‍तक को सराहा और पुस्‍तक को खरीदने के लिए भी इच्‍छा जाहिर की।

समारोह के अंत में तीनों सेनाओं के पूर्व सैनिकों, नागरिकों एवं युवाओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर भारत माँ के शहीद सपूतों को नमन किया।
इस समारोह में कर्नल ओपी यादव, कमांडर खुशी राम, कमांडर आर.पी. यादव, कर्नल जे.एस. यादव, कैप्‍टन पी.डी. यादव, कमांडर हरि सिंह यादव, कमांडर अजीत सिंह यादव, कमांडर नरेन्‍द्र कुमार, ले. कर्नल चंदू लाल, ले. कर्नल शंभू सिंह यादव, कर्नल एस.एल. यादव, कमांडर जे.एस. यादव आदि वरिष्‍ठ पूर्व अधिकारी उपस्थित रहे।

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