
राजली 06-10-2025
गांव राजली में बरसाती पानी से हालात भयावह – खेत, मकान और गलियां जलमग्न
गांव राजली (जिला हिसार) में इस वर्ष की भारी बरसात ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।
लगातार हो रही वर्षा और निकासी व्यवस्था के अभाव में गांव के खेत, जोहड़ और गलियां पिछले डेढ़ महीने से पानी में डूबे हुए हैं। इस बार तेज बारिश ने किसान और मजदूर दोनों बर्बाद कर दिए हैं।
कई बार ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सूचित करने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
गांव के खेतों में फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, वहीं बस्ती के कई मकान जर्जर और रहने लायक नहीं बचे हैं। मकानों में दरारें आ गई है मकान ढहने का खतरा मंडराता रहता है। दर्जनों मकान ढ़ह भी गऐ है।बरसाती पानी अब गलियों से होकर लोगों के घरों में घुस चुका है।
ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई, अधिकारियों को मौके पर बुलाया, लेकिन केवल आश्वासन मिले,कार्रवाई नहीं। सरकार के लोग समाधान की बजाय आपदा में अवसर तलाश रहे है। अब हालात इतने गंभीर हैं कि जीवन-यापन असंभव हो गया है।”
बरसाती पानी की बदबू, गंदगी और मच्छरों के कारण बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
कई परिवारों को घरों से बाहर निकलना पड़ रहा है, बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, राजकीय वरिष्ठ उच्च विद्यालय,सरकारी स्कूल की बिल्डिंग डैमेज हो चुकी है छत गिर रही है फर्श बैठ गऐ है,बिल्डिंग डैमेज घोषित कर के स्कूल बंद कर दिया है। अब बच्चे प्राइमरी एंव गर्ल स्कूल में एडजेस्ट किए गए हैं।बस्ती के लोग कहां जाएं। बच्चे,बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
स्थाई समाधान की माँग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ग्रस्त इलाके में तुरंत राहत कार्य शुरू किए जाएं और बरसाती पानी की निकासी के लिए स्थाई समाधान तैयार किया जाए। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे सामूहिक रूप से पलायन करने पर मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है “हम दबकर मरने से बेहतर समझते हैं कि अपने घर छोड़ दें। अगर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो पूरी बस्ती उजड़ जाएगी।”।
मांगें:
1. बाढ़ग्रस्त बस्ती और खेतों से पानी की तुरंत निकासी की जाए।
2. जोहड़ों के आसपास की बस्ती का पानी तुरंत प्रभाव से उतारा ताकि मकानों को गिरने से बचाया जा सके।
3. प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और मुआवज़ा दिया जाए।
4. सड़कों और रेलवे लाइन के नीचे बरसाती एवं बाढ़ के पानी कीज्ञनिकासी के लिए पुलिया बनाई जाए। स्थाई समाधान के लिए ड्रेन बनाई जाएं।
5. प्रशासनिक टीम मौके पर स्थायी निरीक्षण करे और रिपोर्ट सार्वजनिक करे।
राजली के लोगों की यह अपील केवल मदद की नहीं, बल्कि जीने की जद्दोजहद की पुकार है। अब ज़रूरत है कि शासन-प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कार्यवाही करे,
वरना यह संकट केवल एक गांव का नहीं रहेगा। यह पूरे क्षेत्र की त्रासदी बन जाएगा।
