फिर मुखर हुए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के सुर* *रेवाड़ी की धन्यवाद रैली में सच बोलना राव इंद्रजीत सिंह के लिए पड़ सकता है भारी*
फिर मुखर हुए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के सुर* *रेवाड़ी की धन्यवाद रैली में सच बोलना राव इंद्रजीत सिंह के लिए पड़ सकता है भारी*
*फिर मुखर हुए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के सुर*
*रेवाड़ी की धन्यवाद रैली में सच बोलना राव इंद्रजीत सिंह के लिए पड़ सकता है भारी*
*दक्षिण हरियाणा में अधिकांश भाजपा विधायकों को जीत दर्ज कराने में फिट साबित हुआ राव इंद्रजीत का फार्मूला*
*कोसली, 28 जून।* ओमप्रकाश डाबला
बेबाक बयानबाजी के लिए मशूहर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नही बनने की टीस उजागर की है।लेकिन आज की राजनीति में सच को सच कहना राजनेताओ को भारी पड़ता दिख रहा है पिछले दिनों रेवाड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह की धन्यवाद रैली में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने अपने मन की बात कही थी कि हरियाणा में मुख्यमंत्री तो नायब सैनी है ,लेकिन सरकार को मनोहर लाल खटर ही चला रहे हैं ।उनकी यह टिस वाजिब भी है क्योंकि उनके मन माफिक प्रदेश में कार्य नही हो पा रहे हैं। हरियाणा में आज के दिन राव इंद्रजीत सिंह के अलावा कोई ऐसा नेता नहीं है जो अपने बलबूते पर 8-10 विधायकों को जीता सके।2024 के विधानसभा चुनाव से पहले राव इंद्रजीत सिंह ने भाजपा शिर्ष नेतृत्व पर दबाव बनाकर अपने चेहतों को दक्षिणी हरियाणा में 10 -12 टिकट दिलवाई और उनको जितने में भी कामयाब रहे । इसमें कोई दो राय नहीं की 2024 के चुनाव में दक्षिण हरियाणा में जीती सीटो के बलबूते पर राव की हरियाणा के मुख्यमंत्री बनने की चाहत थी ।लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल से अच्छे संबंध नहीं होने के कारण मुख्यमंत्री बनते -बनते रह गए ,और मनोहर लाल खट्टर अपने समर्थक नायब सैनी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए भाजपा शीर्ष नेतृत्व को मनाने में कामयाब हो गए । इसी बात की टिस आज भी राव इंद्रजीत सिंह के मन में है।राव इंद्रजीत सिंह द्वारा रेवाड़ी रैली में दिए गए बयान के बाद अब प्रदेश में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है कि राव इंद्रजीत सिंह 75 साल पार कर चुके हैं , एक परिवार एक पद की चर्चाएं भी चल रही है ।ये चर्चाऐ कही न कही राव इंद्रजीत सिंह की टेंसन को बढ़ा रही है ।लगता है ये चर्चाएं इसलिए आ रही है ताकि राव इंद्रजीत सिंह को अनाप-शनाप बयान देने से रोका जाए। लेकिन राव इंद्रजीत सिंह को बेबाक बयानबाजी देने से रोकना भाजपा के लिए आसान नही है। वैसे अहीरवाल में आम लोगों की धारणा है कि राव इंद्रजीत सिंह ने भाजपा की सरकार बनाने में संजीवनी का काम किया है।2014 में कांग्रेस छोड़ने के बाद राव इंद्रजीत सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया था जिस कारण भाजपा को विधानसभा चुनाव में फायदा हुआ और 2014 में भाजपा की सरकार बनी और 2024 के चुनाव में यह तीसरी बार बनी है ।इसमें कोई शक नहीं की अहिरवाल ने तीसरी बार भाजपा की सरकार बनवाई, लेकिन जिस सपने को लेकर राव इंद्रजीत सिंह भाजपा मे आए थे वो सपना पूरा नही हुआ। इसमें कोई दो राय नही की राव इंद्रजीत सिंह हरियाणा के सबसे कदवार व सीनियर सांसद होते हुए भाजपा ने उन्हें कैबिनेट मंत्री तक भी नहीं बनाया और न हीं कोई अच्छा विभाग दिया ,जबकि उनके जूनियर सांसदों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है।यह बात राव इंद्रजीत को कहीं ना कहि खल रही है। अब अगर भाजपा ने राव इंद्रजीत सिंह के मान सम्मान को ठेश पहुँचाने की कोशिश कि तो राव भाजपा सरकार के लिए मुशीबत बन सकते है ,इसलिए भाजपा को फूक-फूक कर कदम रखना पड़ेगा। कुल मिलाकर यही कहा जाएगा कि प्रदेश में बेशक भाजपा नेतृत्व वाली सरकार है,मगर अहीरवाल सहित समस्त दक्षिणी हरियाणा में राव इंदरजीत सिंह का जलवा आज भी बरकरार है।
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