
*राजीव गांधी महाविद्यालय उचाना के ऑडिटोरियम में मंगलवार, 25 मार्च 2025 को पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह जी के 79 वें जन्म दिवस के उपलक्ष में एक शानदार केरियर सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है।*
*राजीव गांधी महाविद्यालय उचाना के ऑडिटोरियम में मंगलवार, 25 मार्च 2025 को पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह जी के 79 वें जन्म दिवस के उपलक्ष में एक शानदार केरियर सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है।*
*राजीव गांधी महाविद्यालय उचाना के ऑडिटोरियम में मंगलवार, 25 मार्च 2025 को पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह जी के 79 वें जन्म दिवस के उपलक्ष में एक शानदार केरियर सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है।*
*जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, सेमी कंडक्टर, चिप डिजाइन एवं चिप निर्माण के कोर्सेस में शानदार केरियर बनाने के और नवाचार के रोजगार के अनंत अवसरो के विकल्पों की जानकारी देने और जागरुकता लाने के लिए क्षेत्र के विज्ञान विषयों के 11 वीं और 12 वीं के, BSC, BCA, MSC, के और क्षेत्र की मौजूदा प्रतिभाओं को फिर से प्रशिक्षित करने के साथ उन्हें बेहतर AI कौशल से लेस करने की जरूरत के लिए प्रेरित और जागरूक करने के उद्देश्य के साथ बतौर प्राथमिकता के साथ आमंत्रित किया गया हैं।*
*उपरोक्त कोर्सेस सम्बन्धित तमाम विस्तृत जानकारी देने और विद्यार्थियों के सभी डाऊटस क्लियर करने के लिए अलग अलग जगहों से बेहतरीन विलक्षण कुशल स्पेशलिस्ट एक्सपर्ट को आमंत्रित किया गया है।*
*गौरतलब है कि बढ़ते विज्ञान के युग में डिजिटल मार्केटिंग, डाटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिस दौर में हम प्रौद्योगिकी तकनीकी की चौथी क्रांति में प्रवेश करने जा रहे हैं ,उसमें सेमी कंडक्टर चिप का भी बहुत बड़ा योगदान होने वाला है। प्रत्यक्ष सेमी कंडक्टर चिप निर्माण को लेकर आज सेमी कंडक्टर प्रतिस्पर्धा विश्व स्तर पर तेजी से बढ़ रही है। विशेषरूप से AI, इलेक्ट्रिक वाहन,स्वचालित ड्राइविंग, ड्रोन, प्रौद्योगिकी कृषि ,हेल्थ,एजुकेशन, व अन्य क्षेत्रों में भारी मांग के प्रमुख कारण उबर कर सामने आए हैं। वैसे भी आज टेक्नोलॉजी बड़े पैमाने पर देश व दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को दिशा दे रही है। आज भारत में एक साथ सेमी कंडक्टर चिप निर्माण की पांच बड़ी इकाईयां निर्माणाधीन है और दुनिया भर की सेंकड़ों सेमी कंडक्टर चिप निर्माता कंपनी निकट भविष्य मे अपने प्लांट भारत में स्थापित करने जा रही है। साल 2027 से 2030 तक तो AI और सेमी कंडक्टर क्षेत्र में नौकरियों के अवसर स्किल प्रतिभा की उपलब्धता के मुकाबले 20 से 25 गुणा अधिक होने की संभावना है। जिसके चलते प्रत्यक्ष भारत सरकार ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अंर्तगत आने वाले चयनित 300 शिक्षण संस्थानों में AI और सेमी कंडक्टर कोर्सेस के पाठ्यक्रम अनिवार्य किए हैं। यहां तक अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने तो साल 2025 को AI वर्ष घोषित कर दिया गया है। आज भारत के मुकाबले चीन ने तो इसी वर्ष अपनी शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए अपने प्राईमरी से सेकेंडरी स्कूलों में AI एजुकेशन को पाठ्यक्रमों में अनिवार्य कर लागू कर दिया है। फिर हम क्यों पीछे रहें ।इसलिए निश्चित यह केरियर सेमीनार प्रौद्योगिकी तकनीकी शिक्षा और AI की जागरूकता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा जो आने वाले निकट समय में बांगर इलाके के विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसरों के द्वार ही नहीं खोलेगा बल्कि तकनीकी रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतीयों के पार करने का हुनर और शानदार और जानदार केरियर की गारन्टी भी देगा।*
*AI स्किल शिक्षा पर जोर होगा तभी अपना बांगर इलाक़ा प्रगति की ओर होगा*
*सुरेश पंघाल अहमदाबाद*
