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Haryana News: डीजीआईपीआर पांडुरंग को एमडब्ल्यूबी ने सौंपा ज्ञापन

Haryana News: चंडीगढ़: पत्रकारों के हित में लगातार आवाज उठा रही मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसोसिएशन के उत्तर भारत के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी की अध्यक्षता में हरियाणा के सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक केएम मकरंद पांडूरंग से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों संबंधी एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष तरुण कपूर भी मौजूद रहें।
एसोसिएशन के उत्तर भारत के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने बताया कि सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक केएम मकरंद पांडूरंग को सौंपे गए ज्ञापन में एमडब्ल्यूबी की ओर से हरियाणा से प्रकाशित अखबारों को सीए की रिपोर्ट के आधार पर पूर्व की तरह से मान्यता प्रदान करने की सुविधा को जारी रखने के अलावा जिन संस्थानों व पत्रकारों की रोकी गई मान्यता को जल्द पूरा करने की मांग की गई है। इसके साथ ही पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए की गई कैशलेस इलाज की सुविधा की जो घोषणा की की अधिसूचना जल्द जारी करने, विकलांग सक्रिय पत्रकारों को हरियाणा सरकार की ओर से अविलंब 30 हजार रुपए प्रति माह विशेष भत्ता देने की शुरूआत करने, गंभीर बीमारी से जूझ रहे पत्रकारों के लिए कोई व्यवस्था करने, जिसमें उनका जीवन भी बचाना लक्ष्य हो, गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, किडनी फेलियर में सरकार पत्रकार को आर्थिक मदद कर जीवन यापन में सहयोग करने, पत्रकारों को टोल टैक्स में छूट देने की पहल करते हुए हरियाणा में पत्रकारों के लिए सभी टोल फ्री किए जाने, मीडिया वेलविंग एसोसिएशन का मुख्यालय पंचकूला में बनाने के लिए सस्ती दर पर एक कनाल का प्लाट दिए जाने, पेंशन की राशि जो 15 हजार रुपए मासिक से बढ़ाकर 30 हजार रुपए किए जाने, मासिक अखबार और मैगजीन छापने वाले पत्रकारों को सीएम प्रमाण पत्र के आधार पर मान्यता प्रदान करने, मीडिया से जुड़े हुए लोगों के बच्चों को इंजीनियरिंग, मेडिकल एजुकेशन और सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत का आरक्षण देने का प्रावधान शुरू किए जाने, हरियाणा रोडवेज में मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मिल रही सालाना 4 हजार किलोमीटर की फ्री पात्रा को अनलिमिटेड करने, हाउसिंग सोसाइटी बनाने व आवासीय सुविधा देने के लिए जो घोषणा की हुई है, को भी जल्द से जल्द कार्यांवित करवाने, हरियाणा मान्यता प्रदान करने वाली कमेटी का गठन किया जाए और मीडिया वेलबिंग के दो सदस्यों को उसमें शामिल किए जाने, डिजिटल मीडिया में मान्यता देने के नियमों का सरलीकरण करने और सोशल मीडिया के लिए नियमावली तय करने के साथ ही पत्रकारों की पेंशन के लिए आयु 58 वर्ष निर्धारित किए जाने की मांग की गई है।
सदस्यों से नहीं लिया जाता कोई शुल्क
धरणी ने बताया कि मीडिया वेलबपिंग एसोसिएशन किसी भी पत्रकार से एक पैसा भी नहीं लेती है ना ही सदस्यता के रूप में या इंश्योरेस के लिए भी कोई राशि नहीं लेती। अब तक 1300 पत्रकारों का टर्म इंश्योरेंस/एक्सीटेंड़ल इंश्योरेस करवा चुकी है। एमएडब्लूबी किसी भी स्तर पर सामाजिक या व्यवसायिक स्थलों से अन्य संगठनों की तरह कोई चंदा नहीं लेती।
मुफ्त 10-10 लाख रुपए का इंश्योरेंस करवाती एमडब्ल्यूबी
चंद्रशेखर धरणी ने बताया कि एमडब्ल्यूबी पिछले तीन साल में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, चंडीगढ़ में पूर्णत सक्रिय है और सभी स्थानों पर प्रांतीय इकाईयां गठित है। 780 पत्रकारों का हरियाणा में और उत्तर भारत में 1300 के करीब पत्रकारों को 10-10 लाख रुपए के टर्म इंश्योरेंस और एक्सीडेंटल इंश्योरेंस की पॉलिसी मुफ्त आवंटन करवा चुकी है। संस्था की ओर से 20 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद विभिन्न पत्रकारों या उनके परिवारों को अस्पताल में उपचाराधीन होने, किडनी ट्रांसप्लांट, हार्ट रोग से ग्रस्त होने व अन्य बीमारियों के लिए मदद कर चुकी है। उत्तर भारत में यह एकमात्र संस्था है, जो पत्रकारों की बिना किसी शुल्क के अपने स्तर पर आर्थिक मदद करती है। संस्था की ओर से किसी भी कार्य के लिए एक भी पत्रकार से कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
अमर शहीद लाला जगत नारायण अवार्ड से करते हैं सम्मान
चंद्रशेखर धरणी ने कहा कि मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन का गठन पत्रकारों के कल्याण के लिए किया गया था। इसके साथ ही एसोसिएशन की ओर से समय-समय पर युवा पत्रकारों का ज्ञान वर्धन करने का कार्य भी किया जाता है। पंजाब केसरी के संस्थापक अमर शहीद लाला जगत नारायण का पत्रकारिता में एक अहम योगदान रहा है। यहीं कारण है मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन की ओर से उनके नाम पर प्रदेश में अच्छा और उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक पत्रकार को हर वर्घ अमर शहीद लाला जगत नारायण अवार्ड देकर सम्मानित भी किया जाता है। धरणी ने बताया कि आपातकाल के समय सरकार ने पंजाब केसरी अखबार को छपने से रोकने के लिए उसका बिजली का कनेक्शन काट दिया था, लेकिन लाला जगत नारायण ने निर्भिक और निष्पक्ष पत्रकारिता करते हुए टैक्टर चलाकर अखबार छापने का काम किया। उस समय अखबारों पर भी सरकार का दमन चक्र चला, लेकिन उन्होंने निर्भिक होकर निष्पक्षता के साथ उन हालातों का सामना किया। देश से इमरजेंसी खत्म करवाने का श्रेय भी लाला जगत नारायण जैसे निर्भिक पत्रकार साथियों को ही जाता है। आपातकाल के बाद देश में फिर से लोकतंत्र को बहाल करवाने में पत्रकारों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इसलिए ऐसी महान शख्सियत की जीवनी प्रदेश के युवाओं तक पहुंच सके, इसके लिए उनकी जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए।

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