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Haryana News: हरियाणा की 29 जनवरी की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में

Haryana News: हरियाणा की 29 जनवरी की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में

दुर्भाग्यपूर्ण बयान के लिए अरविंद केजरीवाल हरियाणा और दिल्ली के लोगों से मांगे माफी – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों के साथ किया दिल्ली-हरियाणा सीमा पर दहिसरा गांव के समीप चार नंबर पॉइंट पर बने यमुना नदी के घाट का दौरा

यमुना नदी में खड़े होकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खुद पवित्र जल पीया

केंद्र से यमुना की सफाई के नाम पर मिले साढ़े आठ हजार करोड़ रुपए का नहीं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री के पास हिसाब – नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़, 29 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि के लिए लोगों में भय पैदा करने का जो बयान दिया है, वो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस प्रकार के बयान देकर द्वेष मत पैदा कीजिए। अरविंद केजरीवाल को इस बयान के लिए दिल्ली और हरियाणा के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को दिल्ली -हरियाणा बॉर्डर पर दहिसरा गांव के पास यमुना नदी के चार नंबर प्वाइंट का दौरा किया और पूजा-अर्चना कर यमुना के पानी का आचमन किया।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने बयान दिया है कि हरियाणा की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने यमुना में जहर मिलाकर भेजा है। जबकि वॉटर अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा पानी के जो सैंपल लिए गए हैं, उसमें कहीं भी जहरीले पदार्थ नहीं मिले हैं।

अरविंद केजरीवाल कर रहे झूठ की राजनीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि अरविंद केजरीवाल झूठ की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने 10 साल पहले दिल्ली के लोगों से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया। उन्होंने जहरीले पानी का बयान देकर दर्द भरा और भय पैदा करने वाला कार्य किया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पिछली चार सैंपल की जाँच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली की सीमा में दाखिल होने से पहले हरियाणा की सीमा पर यमुना का जल मानकों पर पूरी तरह खरा उतरा है। हरियाणा से दिल्ली को साफ पानी जा रहा है। दिल्ली के बाद पलवल और फरीदाबाद में जब हरियाणा को यह पानी मिलता है, वह बहुत अधिक खराब स्थिति में होता है।

केंद्र से यमुना की सफाई के नाम पर मिले साढ़े आठ हजार करोड़ रुपए का नहीं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री के पास हिसाब

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सरकार ने दिल्ली में पानी की सफाई व सीवरेज इत्यादि के लिए साढ़े 8 हजार करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन यह राशि कहां गईं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री के पास इसका कोई हिसाब नहीं है। अरविंद केजरीवाल ने ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर साफ पानी यमुना में छोड़ने की दिशा में कोई कार्य ही नहीं किया।

उन्होंने कहा कि 10 वर्षों में दिल्ली का विकास नहीं हुआ और यही वजह है की जगह-जगह गलियों में पानी का भराव है, सीवरेज सिस्टम ठप पड़े हैं। 10 साल पहले अरविंद केजरीवाल ने यमुना नदी पर खड़े होकर कहा था कि वह इसे पवित्र करेंगे लेकिन इसके लिए उन्होंने कोई काम नहीं किया। दिल्ली के लोग अब चुनाव का इंतजार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण बयान देने के लिए अरविंद केजरीवाल को माफी मांगनी चाहिए। केजरीवाल को जब भी मौका लगता है, वह कभी पराली के नाम पर तो कभी पानी के नाम पर हरियाणा पर झूठे आरोप लगाते रहे हैं, जिनमें कोई सच्चाई नहीं होती है।

हरियाणा से दिल्ली में पानी के प्रवेश स्थल दहिसरा गांव के पास यमुना नदी के पॉइंट नंबर चार से 28 जनवरी की अमोनिया नाइट्रोजन रिपोर्ट के अनुसार बीडीएल  (डीएल=0.5) ) बीडीएल (डीएल-0.5) तथा 16 जनवरी 2025 में यह मात्रा बीडीएल (डीएल=0.5) रही है। इससे  पहले 17 दिसंबर 2024 को बीडीएल (डीएल=0.5) तथा 26 नवंबर 2024 को बीडीएल (डीएल=0.5) कम रहा है।

– कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने यमुनानगर की रादौर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा किया

– मौके पर लोगों की सुनी समस्याएं, जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया

चंडीगढ़, 29 जनवरी – हरियाणा के कृषि, मत्स्य व पशुपालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने आज जिला यमुनानगर की रादौर विधानसभा के गांवों का धन्यवादी दौरा किया। उन्होंने हलके की जनता का आभार व्यक्त किया। विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पहुंचने पर गांवों के लोगों ने उनका पुष्पगुच्छ और फूल – मालाओं से जोरदार स्वागत किया।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि जिस विश्वास व उम्मीद के साथ हलके की जनता ने उन्हें प्यार व मान-सम्मान देकर अपना जनप्रतिनिधि चुना है उसका वे दिल से धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि वे हलके की जनता को विश्वास दिलाते हैं कि वे उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उनका ध्यान जनता की समस्याओं के समाधान एवं हलके में अधिक से अधिक विकास कार्य करवाने पर रहेगा। श्री राणा ने कहा कि यह मेरी जीत नहीं बल्कि हलके की जनता की जीत है। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और उनका शीघ्र समाधान करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सभी सरपंच अगर अपने विधायक, सांसद व मंत्रियों से जितना ज्यादा सम्पर्क बनाकर रखेंगे, उतने ही विकास के कार्य गांवों में समय पर हो सकेंगे।कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह के नेतृत्व में सभी वर्गों को साथ लेकर हरियाणा को और आगे ले जाने का कार्य किया जाएगा। प्रदेश सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कृतसंकल्प है।इस मौके पर विभिन्न गांवों के गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

श्रद्धा व उल्लास के साथ अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का हुआ आगाज

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंत्रोच्चारण के बीच महोत्सव का किया शुभारंभ

29 जनवरी से 2 फरवरी, 2025 तक चलेगा महोत्सव

मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की भी दी सौगात, 54 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत की 29 परियोजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास

चंडीगढ़, 29 जनवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को आदि बद्री, यमुनानगर में 31 कुंडीय हवन यज्ञ और मंत्रोच्चारण के बीच अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव-2025 का शुभारंभ किया। यह महोत्सव 29 जनवरी से 2 फरवरी, 2025 तक चलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की सौगात देते हुए 54 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत की 29 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया। इनमें 26 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत की 15 परियोजनाओं के उद्घाटन और लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत की 14 परियोजनाओं के शिलान्यास शामिल हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने माँ सरस्वती की चरण वंदना करते हुए कहा कि आज समय, स्थान और अवसर का अद्भुत संगम है। आज मौनी अमावस्या है। महाकुंभ का शाही स्नान है। ऋतुराज वसंत का आगमन भी हो रहा है। इसी मनमोहक वातावरण में मां सरस्वती नदी के उद्गम स्थल आदिबद्री में अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का शुभारंभ हो रहा है। इस महोत्सव का उद्देश्य पूरे संसार का ध्यान हमारी महान सभ्यता की ओर आकर्षित करना है। इस महोत्सव के माध्यम से हम अपनी संस्कृति, सभ्यता और मूल्यों को भी अगली पीढ़ी तक पहुंचा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आज ही मां सरस्वती के किनारे पर स्थित दूसरे तीर्थ स्थलों पर भी यह महोत्सव धूमधाम से शुरू हो रहा है। पेहवा तीर्थ सरस और सांस्कृतिक मेले का शुभारंभ हो रहा है। कैथल पोलड़ एवं पिसोल तीर्थ और जींद के हंस डहर तीर्थ में एक फरवरी को सरस्वती महोत्सव के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नदियों को भारतीय संस्कृति में पूजनीय माना जाता रहा है। इन दिनों गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम स्थल प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। कुम्भ केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैचारिक समागम व आदान-प्रदान के मंच के रूप में भी महत्व रखता है।

उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी के प्रवाह के वैज्ञानिक प्रमाण मिल चुके हैं। सरस्वती नदी का वर्णन ऋग्वेद में बार-बार आया है। यह नदी आज की गंगा की तरह उस समय की विशाल नदियों में से एक थी। वैदिक संस्कृति सरस्वती नदी के किनारे पनपी थी। इस नदी के किनारे ऋषि-मुनियों ने अपने आश्रम बनाकर वैदिक साहित्य की रचना की, जिसका ज्ञान देने के लिए हमें पूरे विश्व में विश्व गुरु के रूप में जाना गया। उन्होंने कहा कि महाभारत में मिले वर्णन के अनुसार सरस्वती शिवालिक पहाड़ियों से थोड़ा नीचे आदिबद्री से निकलती थी। यह नदी हरियाणा, राजस्थान तथा गुजरात में लगभग 1600 किलोमीटर तक प्रवाहित होते हुए अंत में अरब सागर में मिलती थी। लेकिन आज सरस्वती नदी विलुप्त हो गई है।

सरस्वती को फिर से प्रवाहित करने के हो रहे सार्थक प्रयास

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरस्वती नदी की महत्ता को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए सरस्वती को नर्मदा और साबरमती के जल के साथ जोड़कर पुनर्जीवित करने के प्रयास किये थे। उसी प्रकार हरियाणा में भी हम नदियों को जोड़कर व सरस्वती सरोवरों और जलाशयों का निर्माण करके सरस्वती को फिर से प्रवाहित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि आज हरियाणा को विश्वभर में वैदिक संस्कृति के उद्गम स्थल के प्रदेश के नाम से जाना जाता है। सरस्वती नदी के प्रवाह में बताये गये 633 पुरातत्व स्थलों में से 444 तो केवल हरियाणा में ही हैं। सर्वे ऑफ इंडिया और हरियाणा के राजस्व रिकॉर्ड में इस नदी का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। इसलिए हमने माँ सरस्वती को फिर से धरातल पर लाने का बीड़ा उठाया है। यह परियोजना हमारी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पुरातात्विक विरासत को नई पीढ़ियों तक ले जाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब भाजपा सरकार बनी तो इसके पुनरुद्धार के लिए वर्ष 2015 में हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की स्थापना की गई। मुख्यमंत्री ने विकास बोर्ड को महत्वपूर्ण कार्य के लिए 75 एजेंसियों के साथ मिलकर सरस्वती नदी पर अनुसंधान का कार्य करने के लिए बधाई दी। वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि आदिबद्री एवं घग्गर नदी क्षेत्र में सरस्वती नदी की लुप्त धाराएं अभी भी मौजूद हैं। इसी अनुसंधान के आधार पर सरस्वती को धरातल पर लाने की योजना बनाई है। इस दिशा में कुरुक्षेत्र व यमुनानगर में सरस्वती नदी पर 18 पुलों का निर्माण किया है। नदी के तट पर स्थित 111 विरासत स्थलों का जीर्णोद्धार किया गया है। इनमें मंदिर, घाट आदि शामिल हैं। आदिबद्री में स्थित सरस्वती सरोवर में सोम नदी से पानी लाने के लिए भूमिगत पाइप लाइन बिछाई गई है।

सरस्वती नदी में जल का बारहमासी प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश के साथ किया समझौता

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सरस्वती नदी में जल का बारहमासी प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत सोम नदी पर एक बांध का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, सोम-सरस्वती बैराज और जलाशय का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा, सरस्वती नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश के पानी को भी नदी में प्रवाहित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। सरस्वती नदी की पवित्रता की रक्षा करने के लिए यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और कैथल में गंदे पानी के उपचार के लिए 25 तरल अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं का निर्माण किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, कैबिनेट मंत्री श्री श्याम सिंह राणा और श्री कृष्ण कुमार बेदी ने आदिबद्री गऊशाला में 11-11 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान करने की घोषणा की। महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने पौधारोपण भी किया। बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए और मां सरस्वती पर पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

महोत्सव के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं अंत्योदय (सेवा) मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। हरियाणा सरस्वती धरोहर बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री धूमन सिंह किरमच ने मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों का महोत्सव में पहुंचने पर स्वागत किया और सरस्वती धरोहर बोर्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला।

‘‘हरियाणा में परिवहन विभाग को आधुनिक रूप से कार्य करने के लिए जल्द ही एक ट्रैकिंग ऐप बनाया जाएगा’’- परिवहन मंत्री श्री अनिल विज

परिवहन ऐप को बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है, अधिकारियों को दिए निर्देश- अनिल विज

ऐप के माध्यम से मिलेगी आम व्यक्ति को जानकारी, मोबाइल फोन में होगा इंस्टॉल- विज

राज्य के पांच बस अडडों पर खाने-पीने की चीजें हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी, पायलट प्रोजेक्ट के लिए सरकार को भेजा प्रस्ताव- विज

‘‘एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए हरियाणा के बस अडडों  को आधुनिक बनाने के लिए किया जाएगा कार्य’’- विज

यमुनानगर में 800 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट को स्थापित करने के लिए बीएचईएल को कार्य आरंभ करने हेतु पत्र किया जारी – विज

चण्डीगढ, 29 जनवरी- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि ‘‘हरियाणा में परिवहन विभाग को आधुनिक रूप से कार्य करने के लिए जल्द ही एक टैªकिंग ऐप बनाया जाएगा और इस ऐप को बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है तथा इस संबंध में उनके द्वारा परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए हैं’’।

श्री विज आज चण्डीगढ में मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

ऐप से बस की जानकारी मिलने पर यात्री नहीं लेगा वैकल्पिक परिवहन सुविधा- विज

उन्होंने कहा कि ‘‘परिवहन विभाग के ऐप में कौन सी बस कब आती है और कब जाती है, इस प्रकार की सभी जानकारियां यात्रियों को ऐप के माध्यम से मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ये ऐप आम व्यक्ति के मोबाइल फोन में भी होगी और वह देख सकेगा कि हरियाणा रोडवेज की कौन सी बस आ रही है और जहां पर अमुक व्यक्ति खड़ा है, वहां पर वह अमुक बस कितनी देर में पहुंचेगी’’। उन्होंने कहा कि ‘‘इस ऐप के बनने से विभाग के साथ-साथ यात्रियों को भी लाभ होगा क्योंकि जब यात्री को पता होगा कि बस आ रही है तो वह वैकल्पिक परिवहन से जाने की कोशिश नहीं करेगा’’।

राज्य के पांच बस अडडों पर खाने-पीने की चीजें हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी, पायलट प्रोजेक्ट के लिए सरकार को भेजा प्रस्ताव- विज

          परिवहन मंत्री ने बताया कि इसके साथ-साथ कई ओर मुख्य कदम भी परिवहन विभाग द्वारा उठाए जा रहे है जिसके तहत बस अडडों/स्टॉप पर अच्छा खाने-पीने का सामान मिलें। उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य के पांच बस अडडों पर खाने-पीने की चीजें हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस संबंध में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एक प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यदि यह पायलट परियोजना सफल होती है तो इसे आगे भी विस्तारित किया जाएगा। अन्यथा रेलवे की तर्ज पर कारपोरेशन बनाकर यात्रियों/लोगों को अच्छा खाने-पीने का सामान उपलब्ध करवाने के लिए आगे बढा जाएगा।

‘‘लोगों को अच्छे शौचालय और आरामगृह की सुविधा देने पर किया जा रहा है काम’’- विज

श्री विज ने कहा कि ‘‘हमारी प्रतिबद्धता है कि लोगों को अच्छे शौचालय और आरामगृह मिलने चाहिए, के लिए न केवल बस अडडों पर बल्कि जहां-जहां भी अन्य स्थानों पर जगह मिलेगी वहां पर आरामगृह/शौचालय इत्यादि बनाए जाएंगंे। उन्होंने कहा कि लंबे रूटों पर महिलाएं भी यात्रा करती है, महिलाओं की सुविधा को मद्देनजर रखते हुए यह आरामगृह होंगे। जिनमें चालक व सवारियों के आराम की भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि इन सभी सुविधाओं को मुहैया करवाने के लिए हम तेजी से कार्य कर रहे है’’।

‘‘एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए हरियाणा के बस अडडों   को आधुनिक बनाने के लिए किया जाएगा कार्य’’- विज

उन्होंने कहा कि ‘‘एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए हरियाणा के बस  अड्डों  को आधुनिक बनाने के लिए कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की तरह राज्य के प्रत्येक बस अडडे पर डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाएगा जिसमें बसों के आने-जाने की पूरी जानकारी होगी। उन्होंने कहा कि हम बस अड्डों को भी एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए कई परिवर्तन व व्यवस्थाएं करने जा रहे है’’।

यमुनानगर में 800 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट को स्थापित करने के लिए बीएचईएल को कार्य आरंभ करने हेतु पत्र किया जारी – विज

ऊर्जा विभाग से संबंधित पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग में बहुत ही बड़ा काम होने जा रहा है, जिसके तहत यमुनानगर में 800 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट को स्थापित करने के लिए बीएचईएल को कार्य आरंभ करने हेतु पत्र जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस थर्मल पावर प्लांट को स्थापित करने के लिए वर्तमान सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 दिनों के भीतर सभी प्रकार की रुकावटों को दूर कर दिया गया है और बीएचईएल को पत्र जारी कर कार्य आरंभ करने के लिए कहा गया है’’।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देश व प्रदेश का हो रहा चहुंमुखी विकास – रणबीर गंगवा

नागरिकों की समस्याओं का समाधान राज्य सरकार का मुख्य ध्येय : कैबिनेट मंत्री

चंडीगढ़, 29 जनवरी – हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सरकार में देश तथा प्रदेश का चहुंमुखी विकास हो रहा है। वर्तमान राज्य सरकार द्वारा जो वायदे किए जाते हैं उनको अवश्य पूरा किया जाता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।

कैबिनेट मंत्री बुधवार को जिला हिसार में बरवाला विधानसभा क्षेत्र के गांव खोखा तथा खरकड़ी में हरियाणा में तीसरी बार भाजपा सरकार बनने पर धन्यवादी दौरे के दौरान ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान श्री रणबीर गंगवा ने गांव खोखा में धानक तथा एससी चौपाल के निर्माण कार्यों के लिए 10-10 लाख रुपये की घोषणा के साथ-साथ बीसी चौपाल के हॉल के निर्माण का भी आश्वासन दिया। इसके अलावा, गांव खरकड़ी में सामान्य, एससी व बीसी चौपाल के लिए 10-10 लाख रुपये तथा ओपन जिम बनवाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विकास के कार्यों में धन की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

हर वर्ग के कल्याण के लिए बनाई योजनाएं

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने युवाओं, महिलाओं, गरीब सहित हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई हैं। प्रदेश में डीएससी समाज की भलाई के लिए जो कदम मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने उठाए हैं, उसका समाज के हर आयु वर्ग को लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सरकार बनते ही 25 हजार युवाओं को योग्यता के आधार पर बिना पर्ची-बिना खर्ची युवाओं को नौकरी देने का कार्य किया। भाजपा सरकार पहले दिन से ही काबिलियत के आधार पर नौकरी देने के पक्ष में रही है। हमारी सरकार में गरीब, किसान, व्यापारी, दुकानदार या छोटे से छोटे वर्ग का कोई भी बच्चा हो, अगर उसमें योग्यता है तो उसे नौकरी प्राप्त करने से कोई रोक नहीं सकता। प्रदेश सरकार योग्यता के आधार पर युवाओं को 2 लाख सरकारी नौकरियां देगी।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि परिवार पहचान पत्र नागरिकों के लिए एक सशक्त माध्यम बन गया है। परिवार पहचान पत्र में एक लाख 80 हजार रुपये वार्षिक आय वाले पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य-चिरायु हरियाणा के तहत 5 लाख रुपये वार्षिक स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य ध्येय नागरिकों की समस्याओं का निपटारा प्राथमिकता से करना है।

– कुरुक्षेत्र की फैक्ट्री को सील करने के साथ 10 लाख रुपए जुर्माना लगाएं अधिकारी : खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री राजेश नागर

– राज्यमंत्री राजेश नागर ने 15 में से 10 शिकायतों का मौके पर समाधान किया, पांच शिकायतों पर जल्द कार्रवाई के आदेश

चंडीगढ़, 29 जनवरी – हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्यमंत्री श्री राजेश नागर ने कहा कि लोगों को मिलावटी और मापदंडों पर खरा ना उतरने वाले खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

श्री नागर आज कुरुक्षेत्र में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। खाद्य मंत्री ने मापदंडों पर खरा नहीं उतरने वाला पनीर बेचने पर कुरुक्षेत्र के सेक्टर 2 में स्थित एक फैक्ट्री को सील करने के आदेश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पनीर का सैंपल फेल आने पर फैक्ट्री पर जुर्माना लगाया जाए। इससे पहले उपायुक्त नेहा सिंह ने खाद्य मंत्री को एजेंडे की 15 शिकायतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

बैठक के बाद राज्यमंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एजेंडे की 15 शिकायतों में से 10 शिकायतों का समाधान मौके पर कर दिया गया है। शेष पांच शिकायतों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

इस अवसर पर खाद्य मंत्री ने कुरुक्षेत्र सेक्टर 13 निवासी ज्ञान सागर की शिकायत पर सुनवाई करते हुए आदेश दिए कि ज्योतिसर से थर्ड गेट विश्वविद्यालय तक सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करने के लिए एडीसी की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मई 2025 तक सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए।

खाद्य मंत्री ने सड़क निर्माण कार्य को लेकर गांव खेड़ी दबदलान निवासी रामकुमार मलिक और ओम प्रकाश की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि सड़क निर्माण कार्य 10 मार्च तक पूरा किया जाए। राज्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र निवासी राजपाल खुराना द्वारा एक निजी अस्पताल के खिलाफ दी गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कहा कि इस मामले में एडीसी छानबीन करेंगे और अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।इसके अलावा एजेंडे के बाद करीब एक दर्जन लोगों ने अपनी शिकायतें सौंपी।  राज्यमंत्री ने उपायुक्त से इन शिकायतों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

केजरीवाल के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अदालत में केस किया दायर – राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल

केजरीवाल के पानी सम्बंधी बयान पर हरियाणा सरकार का कड़ा रुख

चंडीगढ़, 29 जनवरी- हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि दिल्ली में सप्लाई किए जाने वाले पानी को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान पर हरियाणा सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। हरियाणा सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत केजरीवाल के खिलाफ सोनीपत की अदालत में केस दायर कर दिया है।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने यह जानकारी चण्डीगढ़ स्थित सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।

श्री विपुल गोयल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का बयान बेतुका और भ्रमित करने वाला है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के घटिया और गैरजिम्मेदारना बयान के लिए चुनाव आयोग भी केजरीवाल के खिलाफ कड़ा संज्ञान लंे। श्री विपुल गोयल ने कहा कि हरियाणा पर इस प्रकार का आरोप लगाकर केजरीवाल ने घटिया राजनीति की है। हरियाणा सरकार कानूनी कार्रवाई कर रही है।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि जो पानी दिल्ली को सप्लाई किया जा रहा है, वहीं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, और केंद्रीय मंत्री भी पीते है। केजरीवाल ने यह बयान देकर दिल्ली ही नहीं हरियाणा की जनता में भी भय फैलाने का काम किया है।

उन्होंने कहा दिल्ली सरकार यमुना को स्वच्छ बनाने में पूरी तरह विफल रही है। चुनाव में अपनी साख बचाने के लिए अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा की जनता पर शर्मनाक और निराधार आरोप लगाए हैं। हरियाणा की जनता यमुना जी को आराध्य मानती है। इस प्रकार का मिथ्या प्रचार न केवल हरियाणा का अपमान है बल्कि दिल्ली के लोगों को गुमराह करने की साजिश भी है।

श्री विपुल गोयल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने तथाकथित ‘जहरीले पानी‘ को दिल्ली में प्रवेश करने से रोक दिया। लेकिन उनके पास इस दावे का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए झूठ बोलना अरविंद केजरीवाल की पुरानी आदत है।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री ने दिल्ली सरकार पर यमुना की सफाई को लेकर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दिल्ली के 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में से केवल 17 ही चालू हैं। यह दिल्ली सरकार की अक्षमता और यमुना नदी की दुर्दशा के लिए उनकी गैर जिम्मेदारी को दिखाता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के इस कुप्रबंधन से न केवल दिल्ली के लोग, बल्कि हरियाणा के फरीदाबाद, पलवल, और मेवात जिले के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं।

चंडीगढ़ , 29 जनवरी – महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के कॅरियर काउंसलिंग एण्ड प्लेसमेंट सेल (सीसीपीसी) के तत्वावधान में 14-15 फरवरी को कॅरियर कार्निवल का आयोजन किया जाएगा।विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस कॅरियर कार्निवल में प्रतिष्ठित कंपनियां भाग लेंगी। इस कार्नीवल के तहत लगभग 1500 पदों पर नियुक्तियां उपलब्ध होंगी। आज निदेशक सीसीपीसी प्रो. दिव्या मल्हान की अध्यक्षता में सीसीपीसी समन्वयकों तथा उप निदेशकों की बैठक हुई। बैठक में कॅरियर कार्निवल के आयोजन बारे गहन चर्चा हुई।

हरियाणा ने पीएमएवाई-यू 2.0 के साथ शुरू की शहरों में किफायती आवास की महत्वाकांक्षी योजना

योजना के लाभ गरीबों तक अवश्य पहुंचे-मुख्य सचिव

चंडीगढ़, 29 जनवरी–हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के कार्यान्वयन के साथ ही शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को  किफायती आवास उपलब्ध करवाने की दिशा बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर परिवार के सिर पर छत के सपने को साकार करने की दिशा में  केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में देशभर में शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध करवाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के विजन के अनुरूप, हरियाणा ने पीएमएवाई-यू 2.0 का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं।

हरियाणा के मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी ने आज यहां प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के लिए राज्य स्तरीय स्वीकृति और निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) की 17वीं बैठक और प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के लिए एसएलएसएमसी की पहली बैठक की अध्यक्षता की।

डॉ. जोशी ने फंड वितरण में खामियों को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया और  किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता को रोकने के लिए अधिकारियों को ओटीपी-आधारित सत्यापन प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने लाभार्थियों की वास्तविकता का आकलन करने और यह सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत नमूना सर्वेक्षण करने पर भी बल दिया कि ऋण वितरण में बैंक उन्हें कुशलतापूर्वक सहायता कर रहे हैं। योजना की कार्यान्वयन प्रक्रिया में सख्त निगरानी और जवाबदेही की आवश्यकता पर बल देते हुए, मुख्य सचिव ने कहा कि इस योजना का लाभ बिना किसी लीकेज के गरीबों तक पहुंचना चाहिए।

मुख्य सचिव ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से योजना के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 15,256 आवेदकों को पक्के मकान बनाने के लिए एक मरला प्लॉट आवंटित किए गए हैं। इन सभी लाभार्थियों को पीएमएवाई-यू 2.0 के बेनेफिशरी लेड कंस्ट्रक्शन (बीएलसी) वर्टिकल के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

पीएमएवाई-यू 2.0 शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), निम्न आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) की आवास संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करती है। लाभार्थी परिवार को पति, पत्नी, अविवाहित बेटे और/या अविवाहित बेटियों के रूप में परिभाषित किया गया है। इस योजना के तहत पात्र होने के लिए परिवार के पास देश में कहीं भी पक्का मकान (स्थायी आवास इकाई) नहीं होना चाहिए। पीएमएवाई-यू 2.0 ईडब्ल्यूएस परिवारों (वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक), एल परिवारों (3 लाख से 6 लाख रुपये तक) और एमआईजी परिवारों (6 लाख से 9 लाख तक) को किफायती आवास के अवसर प्रदान करता है। योजना के तहत विधवाओं, एकल महिलाओं, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडरों, अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों के व्यक्तियों और स्ट्रीट वेंडर्स और निर्माण श्रमिकों जैसे अन्य कमजोर वर्गों सहित कमजोर समूहों को प्राथमिकता दी जाती है।

योजना का दायरा 2011 की जनगणना के अनुसार सभी वैधानिक शहरों और बाद में अधिसूचित शहरों तक है, जिसमें निर्दिष्ट प्लानिंग एरिया भी शामिल हैं। यह योजना 30 वर्ग मीटर के न्यूनतम कारपेट एरिया वाले मकानों के निर्माण का समर्थन करती है, जो राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता के स्तर को कायम रखते हुए इसे 45 वर्ग मीटर तक बढ़ाने का लचीलापन प्रदान करती है।  योजना के तहत चार अलग-अलग घटकों : बेनेफिशरी लाइट कंस्ट्रक्शन  (बीएलसी), अफॉर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी), अफॉर्डेबल रेंटल हाउसिंग (एआरएच), और इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (आईएसएस) के माध्यम से लाभ प्रदान किया जाएगा।

हरियाणा ने पीएमएवाई-यू 2.0 का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। प्रशासनिक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘सभी के लिए आवास’ विभाग को राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। राज्य ने परियोजना अनुमोदन और कार्यान्वयन की देखरेख के लिए राज्य स्तरीय मूल्यांकन समिति (एसएलएसी) और राज्य स्तरीय मंजूरी और निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) की स्थापना की है। योजना के लिए राज्य की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए आवास और शहरी मामले मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। केंद्रीय मंजूरी और निगरानी समिति (सीएसएमसी) जैसी समर्पित समितियों के माध्यम से तीन स्तरों- शहर, राज्य और केंद्र स्तर पर निगरानी की जाएगी।

चंडीगढ़, 29 जनवरी – हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, टोहाना (फतेहाबाद) में कार्यरत कमर्शियल सहायक (सीए) देवी लाल पर 5 हजार रूपये तथा तत्कालीन एसडीओ धर्मबीर सिंह पर 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आयोग ने यह जुर्माना आवेदक को अधिसूचित सेवा निर्धारित समय सीमा में न देने व बिना किसी उचित कार्यवाही के अपील का निपटान करने के कारण लगाया गया।

आयोग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि फतेहाबाद जिले के निवासी श्री सुनील कुमार प्रिंसिपल, गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कन्हेरी के नाम से एनडीएस श्रेणी के बिल में सुधार के संबंध में 29 मई, 2024 को शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन कमर्शियल सहायक (सीए) ने बिला जांच के इस मामले को अगले ही दिन बंद कर दिया।

उन्होंने बताया कि इसके बाद मामला एफजीआरए व एसजीआरए के पास गया लेकिन वहां पर भी इसका समाधान नहीं हो पाया। समस्या का समाधान न होने से शिकायतकर्ता ने 25 दिसंबर, 2024 को आयोग में स्व-अपील दायर की। शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि नेट मीटर 25 फरवरी, 2021 को लगाया गया था और उन्हें अक्टूबर, 2023 तक यानी दो साल और आठ महीने की अवधि तक कोई बिल नहीं मिला। इसके बाद, उन्हें 2023 के नवंबर और दिसंबर में एक बिल मिला, जिसका भुगतान किया गया था, लेकिन जनवरी, 2024 में उन्हें बहुत अधिक बिल मिला, जिसके बारे में उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी।

आयोग ने इस मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर ध्यानपूर्वक विचार करते हुए कहा कि सीए देवी लाल की गलती स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, क्योंकि उन्होंने शिकायत प्राप्त होने के एक दिन के भीतर ही मामले को बिना किसी विवरण पर गौर किए बंद कर दिया। इसी प्रकार, तत्कालीन एसडीओ धर्मबीर सिंह ने कोई कार्रवाई न करने और 20 जून, 2024 को शिकायत का गलत तरीके से समाधान करने के लिए दोषी हैं। उनका तर्क कि अगस्त, 2021 से जून 2023 तक बिलिंग नहीं की गई, क्योंकि डेटा को हारट्रॉन से आरएपीडीआरपी प्रणाली में माइग्रेट किया जा रहा था, बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।

आयोग ने हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम की धारा 17(1)(एच) के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए कमर्शियल सहायक (सीए) देवी लाल पर 5 हजार रुपये और तत्कालीन एसडीओ धर्मबीर सिंह पर 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाता है। इस मामले में आयोग ने  वर्तमान एक्सईएन कृष्ण कुमार को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर  नया बिल जारी कर 31 जनवरी, 2025 तक आयोग को इसकी रिपोर्ट करें।

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