
हिसार: माइग्रेशन में देरी से परेशान 170 नर्सिंग छात्राएं, मंगलवार तक समाधान नहीं तो विधायक आवास के बाहर प्रदर्शन
हिसार जिले के कागसर क्षेत्र में स्थित एक निजी नर्सिंग कॉलेज की लगभग 170 छात्राएं लंबे समय से माइग्रेशन प्रक्रिया पूरी न होने के कारण मुश्किल में फंसी हुई हैं। छात्राओं का कहना है कि इस समस्या को लेकर उन्होंने हांसी विधायक विनोद भयाना से मुलाकात भी की, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। छात्राओं ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक उनका माइग्रेशन नहीं कराया गया, तो वे मजबूरन विधायक के आवास के बाहर धरना देंगी।

छात्राओं के अनुसार, 30 जनवरी को विधायक से मुलाकात के दौरान उन्होंने माइग्रेशन से जुड़ी पूरी स्थिति स्पष्ट रूप से रखी थी। उन्होंने बताया था कि माइग्रेशन न होने के कारण उनकी पढ़ाई, परीक्षाएं और आगे की शैक्षणिक योजना प्रभावित हो रही है। विधायक की ओर से प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक किसी तरह की ठोस प्रगति नहीं हो सकी है।
पढ़ाई पर गहरा असर
माइग्रेशन प्रक्रिया अधूरी रहने से छात्राएं न तो नई कक्षाओं में नियमित रूप से शामिल हो पा रही हैं और न ही प्रशिक्षण व इंटर्नशिप से जुड़े जरूरी दस्तावेज पूरे हो पा रहे हैं। इससे छात्राओं के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है और मानसिक दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।
दिसंबर से चल रहा विवाद
इस मामले की शुरुआत दिसंबर महीने में हुई थी, जब छात्राओं ने कॉलेज चेयरमैन जगदीश गोस्वामी पर शोषण, उत्पीड़न और सुरक्षा में लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद छात्राओं ने आंदोलन शुरू किया। 9 दिसंबर को प्रदर्शन और रोड जाम किया गया, जिसके बाद मामला महिला आयोग और मुख्यमंत्री तक पहुंचा। 26 दिसंबर से छात्राएं धरने पर बैठ गई थीं। चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद 31 दिसंबर को धरना समाप्त हुआ।
आवेदन प्रक्रिया शुरू, फिर भी इंतजार
प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद एक जनवरी से माइग्रेशन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करवाई गई थी। छात्राओं को उम्मीद थी कि अब जल्द उनका माइग्रेशन हो जाएगा, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रशासन से उम्मीद
छात्राओं का कहना है कि वे किसी टकराव की स्थिति नहीं चाहतीं, बल्कि केवल अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहती हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान करते हैं या नहीं।



