
हापुड़ में ‘पैसा डबल’ ठगी गिरोह का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत पांच गिरफ्तार; लोगों को झांसे में लेकर ऐंठते थे लाखों रुपये
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पुलिस ने एक संगठित ठगी गिरोह का खुलासा किया है, जो लोगों को रकम दोगुनी करने का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। इस गिरोह के सदस्य बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करते थे और भोले-भाले लोगों को निशाना बनाकर उनसे बड़ी रकम हड़प लेते थे। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से नकदी, मोबाइल फोन और एक बाइक भी बरामद की गई है।

मामला सिंभावली थाना क्षेत्र का है, जहां सिखेड़ा गांव निवासी लताफत नामक व्यक्ति इस गिरोह का शिकार बना। पीड़ित ने 16 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले एक अजनबी व्यक्ति उससे मिलने उसके खेत पर आया था। उसने खुद को जमीन खरीदने वाला बताकर बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उससे संपर्क बढ़ाने लगा।
शुरुआत में बातचीत सामान्य रही, लेकिन कुछ मुलाकातों के बाद आरोपी ने पीड़ित को अपने विश्वास में लेना शुरू कर दिया। वह बार-बार उससे मिलने आता और दोस्ती का माहौल बनाता। इसी दौरान उसने ‘गोटी खेल’ के नाम पर पैसे दोगुने करने का झांसा दिया। उसने दावा किया कि वह एक खास तकनीक से कम समय में रकम को दोगुना कर सकता है।
लताफत शुरू में संदेह में था, लेकिन आरोपी की बातों और आत्मविश्वास भरे अंदाज ने उसे यकीन दिला दिया। धीरे-धीरे वह इस जाल में फंसता चला गया। आरोपी ने उसे 11 मार्च को छिजारसी टोल के पास स्थित एक होटल में बुलाया, जहां उसके अन्य साथी पहले से मौजूद थे।
होटल में आरोपियों ने मिलकर ऐसा माहौल तैयार किया कि पीड़ित को यह सब एक असली और सुरक्षित प्रक्रिया लगने लगा। उन्होंने उसे भरोसा दिलाया कि कई लोग इस तरीके से फायदा उठा चुके हैं। इसके बाद उन्होंने चालाकी से उससे ढाई लाख रुपये ले लिए और मौका पाते ही वहां से फरार हो गए।
जब काफी देर तक आरोपी वापस नहीं लौटे, तब पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। उसने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी।
सीओ स्तुति सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें एसएसआई संजय शर्मा, एसआई नवीन गौतम, हेड कांस्टेबल उदय सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
कड़ी मेहनत और रणनीति के तहत पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नहर पटरी के पास देखे गए हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां घेराबंदी की और पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना अवनीश उर्फ गोलू भी शामिल है, जो अमरोहा जिले के सुभाष नगर मोहल्ले का निवासी है। इसके अलावा कामेश, आस मोहम्मद, शहजाद सक्के और मेहताब सक्के को भी पकड़ा गया है। ये सभी अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए हैं, जिससे यह साफ होता है कि गिरोह का नेटवर्क काफी फैला हुआ था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 85,300 रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद की है। बरामद मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने और किन-किन लोगों को निशाना बनाया है।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इसी तरह कई लोगों को ठग चुका है। आरोपी पहले अपने शिकार को पहचानते थे, फिर उनसे दोस्ती करते और धीरे-धीरे उन्हें विश्वास में लेकर पैसे दोगुने करने का लालच देते थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह बेहद शातिर था और हर कदम सोच-समझकर उठाता था। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और तत्परता के कारण इन्हें पकड़ने में सफलता मिली है।
सीओ स्तुति सिंह ने जनता से अपील की है कि वे इस तरह के लालच में न आएं। उन्होंने कहा कि “रकम दोगुनी करने” जैसे दावे अक्सर ठगी का हिस्सा होते हैं और इनसे बचना बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के और कितने सदस्य हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस गिरोह का संबंध किसी बड़े नेटवर्क से है।
आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
यह घटना एक चेतावनी है कि लालच में आकर लिए गए फैसले कैसे बड़ी परेशानी का कारण बन सकते हैं। थोड़े से फायदे के लालच में लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। इसलिए जरूरी है कि हम सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध प्रस्ताव से दूरी बनाए रखें।
कुल मिलाकर, हापुड़ पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश कर लोगों को राहत दी है। अब उम्मीद की जा रही है कि आगे भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि समाज में सुरक्षा और विश्वास बना रहे।



