
हरियाणा में बदला मौसम: बारिश और ओलावृष्टि से तबाही, हादसे में बुजुर्ग महिला की मौत
हरियाणा में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मंगलवार को दिन की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन दोपहर तक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। इस अचानक बदलाव ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया और कई जगहों पर नुकसान की खबरें सामने आईं।

इस मौसमीय बदलाव के बीच सबसे दुखद घटना भिवानी जिले के तोशाम क्षेत्र के डाडम गांव में हुई, जहां एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई। जानकारी के अनुसार, 73 वर्षीय चिड़िया अपने परिवार के साथ घर के बाहर चारपाई पर सो रही थीं। अचानक तेज तूफान उठा और मकान की मुंडेर भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। इस हादसे में उनका पौत्र दीपांशु भी घायल हो गया। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद महिला को बचाया नहीं जा सका। इस घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मौसम के इस बदले हुए मिजाज का असर सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रदेश में इसका प्रभाव देखने को मिला। पानीपत, यमुनानगर, बहादुरगढ़, कैथल, झज्जर और जींद समेत कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। बहादुरगढ़ में तो दोपहर के समय ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि सड़कों पर सफेद परत जम गई। यमुनानगर के रादौर इलाके और पानीपत में भी लोगों को अचानक आई इस बारिश से जूझना पड़ा।
किसानों के लिए यह मौसम किसी आपदा से कम नहीं रहा। खेतों में खड़ी फसलें बारिश और ओलों की मार से बर्बाद हो गईं। विशेष रूप से गेहूं और आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर मंडियों में रखा अनाज भीग गया, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। किसान पहले ही लागत और मौसम की मार से परेशान थे, ऐसे में यह नुकसान उनकी चिंता और बढ़ा गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है, जो उत्तर भारत में सक्रिय हो गया है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, प्रदेश में 10 मई तक मौसम परिवर्तनशील बना रह सकता है। इस दौरान बीच-बीच में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि 10 मई के बाद मौसम साफ हो सकता है, लेकिन उसी रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे फिर से बारिश हो सकती है।
इस अचानक आए तूफान और बारिश ने कई जगहों पर जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी हालात चुनौतीपूर्ण रहे।
तापमान में भी इस मौसम बदलाव का असर साफ तौर पर देखा गया। कई जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली। अंबाला में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि भिवानी और रोहतक में यह 35 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। हिसार, गुरुग्राम, करनाल और पानीपत में भी तापमान सामान्य से कम रहा।
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर उन इलाकों में जहां पुराने या कमजोर मकान हैं, वहां रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
यह मौसम परिवर्तन जहां एक ओर गर्मी से राहत लेकर आया, वहीं दूसरी ओर इसने लोगों को यह एहसास भी कराया कि प्राकृतिक आपदाएं कभी भी आ सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
कुल मिलाकर, हरियाणा में आया यह मौसमीय बदलाव एक चेतावनी की तरह है। आने वाले दिनों में भी मौसम का मिजाज इसी तरह बदलता रह सकता है, इसलिए सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।



