पंजाब

स्मार्ट एलपीजी मीटर से सुरक्षा में क्रांति: गैस लीकेज होते ही मोबाइल पर अलर्ट, आग और हादसे होंगे टाले

रसोई में गैस सिलेंडर से होने वाली छोटी-सी चूक भी कभी-कभी बड़ा हादसा बन सकती है। देशभर में हर साल गैस लीकेज, सिलेंडर ब्लास्ट और आगजनी की घटनाओं में कई लोग घायल होते हैं और घरों को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में अब विज्ञान और तकनीक ने सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया समाधान पेश किया है।

केंद्रीय वैज्ञानिक संगठन CSIO (सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स ऑर्गनाइजेशन) के वैज्ञानिकों ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित स्मार्ट एलपीजी मीटर विकसित किया है। यह मीटर संभावित खतरे को पहचान कर समय रहते अलर्ट भेजने में सक्षम है, जिससे बड़े हादसों को टाला जा सकता है।

कैसे काम करता है स्मार्ट मीटर

स्मार्ट एलपीजी मीटर में गैस लीकेज सेंसर, फ्लेम डिटेक्टर और स्मोक डिटेक्टर लगे हैं। जैसे ही घर में गैस की लीकेज या आग की आशंका पैदा होती है, ये सेंसर तुरंत सक्रिय हो जाते हैं। सिस्टम तेज इमरजेंसी अलार्म बजाकर घर के लोगों को चेतावनी देता है। इसके साथ ही आग लगने के खतरे को कम करने के लिए बिजली की सप्लाई अपने आप बंद हो जाती है, ताकि किसी भी तरह की चिंगारी से बड़ा हादसा न हो।

सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए स्मार्ट एलपीजी मीटर में एसएमएस के जरिए नजदीकी फायर स्टेशन को तुरंत सूचना भेजने की सुविधा भी दी गई है। इससे आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच सकती है और संभावित नुकसान को रोका जा सकता है।

उपभोक्ताओं के लिए सुविधाएँ

जब सिलेंडर में गैस 20 प्रतिशत स्तर तक पहुंचती है, तो उपयोगकर्ता को तुरंत मोबाइल पर अलर्ट मिल जाता है।

रेगुलेटर या सिलेंडर से छेड़छाड़ या असावधानी से होने वाले जोखिमों को कम किया जा सकता है।

आवश्यकता पड़ने पर मीटर ऑटोमैटिक सिलेंडर बुकिंग की सुविधा भी प्रदान करता है।

उपभोक्ता मोबाइल फोन या डिस्प्ले स्क्रीन के जरिए गैस की स्थिति और उपयोग की निगरानी कर सकते हैं।

वैज्ञानिकों की भूमिका

इस स्मार्ट एलपीजी मीटर का विकास CSIO चेन्नई सेंटर में डॉ. जीएस अय्यप्पन, सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट द्वारा किया गया है। इस टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की प्रक्रिया में डायरेक्टर डॉ. शांतनु भट्टाचार्य और डॉ. सी. सेतुरमन (सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट और नोडल बीडीजी चेन्नई सेंटर) ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इस नई तकनीक से न केवल घरों में सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए सुविधा और समय की बचत भी सुनिश्चित होगी। छोटे से सेंसर और स्मार्ट सिस्टम के जरिए गैस लीकेज और आग जैसे खतरों का पता पहले ही लग जाता है, जिससे बड़े हादसों को टाला जा सकता है।

स्मार्ट एलपीजी मीटर ने घरेलू सुरक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है, और यह तकनीक आने वाले समय में हर घर में सुरक्षा और सुविधा दोनों की गारंटी देने में मददगार साबित होगी

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