
सीमा पार से ‘चिट्टा’ तस्करी का खुलासा: अमृतसर पुलिस ने 7.6 किलो हेरोइन के साथ दो युवक दबोचे, दुबई बैठे हैंडलर से जुड़े तार
पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत अमृतसर शहरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सीमा पार संचालित एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने दो युवकों को भारी मात्रा में हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7 किलो 600 ग्राम ‘चिट्टा’ और 21,800 रुपये की कथित ड्रग मनी बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त हेरोइन की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिबप्रीत सिंह उर्फ साहिब (19), निवासी फतेहगढ़ चूड़ियां, बटाला (फिलहाल छेहरटा, अमृतसर) और गगनदीप सिंह उर्फ गगन (26), निवासी गुरु नानकपुरा, कोट खालसा, अमृतसर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और इनके खिलाफ पहले भी असला एक्ट व लूट से जुड़े मामले दर्ज हैं।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी दुबई में बैठे एक कथित हैंडलर करनदीप सिंह के संपर्क में थे। यह संपर्क वर्चुअल नंबरों के जरिए स्थापित किया गया था, ताकि नेटवर्क की गतिविधियां ट्रेस न हो सकें। जांच एजेंसियों के अनुसार, दुबई स्थित हैंडलर पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हेरोइन की खेप सीमा पार गिरवाने, पिकअप प्वाइंट तय करने और आगे की सप्लाई चेन को निर्देशित करने का काम करता था।
सूत्रों के मुताबिक हालिया खेप डेरा बाबा नानक सेक्टर के पास सीमा पार से गिराई गई थी। योजना के तहत साहिबप्रीत सिंह को उक्त स्थान से पैकेट उठाकर आगे नेटवर्क तक पहुंचाना था। खुफिया इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से ऑपरेशन चलाया और दोनों आरोपियों को रंगे हाथों काबू कर लिया। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में हेरोइन और नकदी बरामद हुई, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि करनदीप सिंह का नाम हाल ही में बरामद 43 किलोग्राम हेरोइन के एक बड़े एनडीपीएस मामले में भी सामने आया था। कुछ दिन पहले जिला देहाती पुलिस ने करीब 43 किलो हेरोइन की खेप जब्त की थी। अधिकारियों का मानना है कि दोनों मामलों के तार आपस में जुड़े हो सकते हैं। इसी कड़ी में एजेंसियां मौजूदा गिरफ्तारी को पहले की बरामदगी से जोड़कर देख रही हैं।
पुलिस कमिश्नर ने जानकारी दी कि करनदीप सिंह की मां और बहन को पहले ही एक संबंधित मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क बहुस्तरीय और संगठित ढंग से संचालित हो रहा था। फिलहाल एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और नेटवर्क के फॉरवर्ड व बैकवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन के जरिए सीमा पार से नशीले पदार्थ गिराने की रणनीति हाल के वर्षों में तस्करों द्वारा तेजी से अपनाई गई है। इस एंगल की भी गहन जांच की जा रही है कि खेप किस स्थान से उड़ान भरकर आई और स्थानीय स्तर पर किन-किन लोगों ने इसमें सहयोग किया। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रेल की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों, फाइनेंसर और रिसीवर की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
इस बरामदगी को राज्य में नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार से संचालित किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
फिलहाल जब्त हेरोइन को सुरक्षित रखकर फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आने वाले दिनों में पूछताछ और तकनीकी जांच से इस नेटवर्क के और भी चौंकाने वाले खुलासे सामने आने की संभावना है।



