
शादी से पहले बुझा घर का चिराग: चंडीगढ़ में युवक का अपहरण कर निर्मम कत्ल
चंडीगढ़ में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिस घर में दो महीने बाद शहनाई बजने वाली थी, वहां अचानक मातम छा गया। 25 वर्षीय सुशील उर्फ साहिल की अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह वारदात पुरानी रंजिश का नतीजा थी, जिसमें आरोपियों ने अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, सेक्टर-20 निवासी सुशील उर्फ साहिल को दिनदहाड़े हल्लोमाजरा इलाके से अगवा किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीन से चार युवक उसे जबरन अपने साथ ले गए। पहले उसे जीरकपुर ले जाया गया, जहां रास्ते में ही उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद आरोपियों ने उसे डेराबस्सी की ओर ले जाकर लोहे की सरियों से ताबड़तोड़ हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शुक्रवार को डेराबस्सी सिविल अस्पताल की मोर्चरी में एक अज्ञात शव रखे होने की सूचना पुलिस को मिली। जब परिजन वहां पहुंचे तो शव की पहचान सुशील उर्फ साहिल के रूप में हुई। बाद में पोस्टमार्टम के लिए शव को सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच की मोर्चरी में भेजा गया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
इस मामले में थाना सेक्टर-31 पुलिस ने पहले ही अपहरण का केस दर्ज कर लिया था। शिकायत मृतक के रिश्तेदार विजय कुमार (41), निवासी दीप कॉम्प्लेक्स, हल्लोमाजरा ने दी थी। उन्होंने बताया था कि जीरकपुर की प्रीत कॉलोनी निवासी अनिल और उसके तीन साथियों ने सुशील को अगवा किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ किडनैपिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। अब हत्या की पुष्टि होने के बाद मामले में गंभीर धाराएं जोड़ दी गई हैं।
पूरी वारदात की जड़ नवंबर 2025 की एक घटना से जुड़ी बताई जा रही है। उस समय जीरकपुर की प्रीत कॉलोनी में अनिल के भाई का जन्मदिन मनाया जा रहा था। पार्टी के दौरान शराब का सेवन किया गया। इसी बीच कुछ युवकों ने सुशील से उसकी नई कार चलाने की जिद की। इस बात को लेकर विवाद बढ़ गया। माहौल तनावपूर्ण होते देख सुशील वहां से निकलने लगा।
बताया जा रहा है कि उसी दौरान जन्मदिन मना रहा युवक अचानक गाड़ी के सामने आ गया। टक्कर लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद मामला काफी गंभीर हो गया था। हालांकि उस समय इसे एक दुर्घटना माना गया, लेकिन मृतक के भाई अनिल और उसके साथियों ने इसे अपमान और दुश्मनी के रूप में लिया। तभी से वे बदला लेने की फिराक में थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इसी रंजिश के चलते सुशील को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने मौके की तलाश की और दिनदहाड़े उसे अगवा कर लिया। पहले जीरकपुर में उसके साथ मारपीट की गई और फिर डेराबस्सी ले जाकर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई।
सुशील की निजी जिंदगी की बात करें तो वह बेहद साधारण और संघर्षपूर्ण जीवन जी रहा था। उसके माता-पिता और बहन की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। वह सेक्टर-20 स्थित एक सरकारी मकान में अपने बड़े भाई और भाभी के साथ रहता था। परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए वह टैक्सी चलाता था। मेहनत-मजदूरी कर वह घर का खर्च चलाता और आने वाली शादी की तैयारियों में भी जुटा था।
परिजनों के अनुसार, सुशील की सगाई हो चुकी थी और दो महीने बाद शादी तय थी। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने सब कुछ बदल दिया। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सन्नाटा और आंसू हैं। परिजन सदमे में हैं और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है। दिनदहाड़े अपहरण और फिर हत्या जैसी वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद सुशील की जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जीरकपुर और आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी शुरू कर दी है। संबंधित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि पुरानी रंजिश और बदले की भावना किस तरह एक और जिंदगी को निगल सकती है। दो महीने बाद जिस युवक के सिर पर सेहरा सजना था, आज उसकी अर्थी उठी। पीछे छूट गए हैं रोते-बिलखते अपने और कई अनुत्तरित सवाल।


