
वैश्विक मंच पर AIIMS Delhi की धमक: दुनिया के 25 सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में छठा स्थान हासिल
भारत के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में शामिल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। वर्ष 2026 की ब्रांड फाइनेंस अकादमिक मेडिकल रैंकिंग में एम्स दिल्ली को दुनिया के शीर्ष 25 अस्पतालों में छठा स्थान प्राप्त हुआ है। इस बड़ी उपलब्धि पर एम्स से जुड़े डॉक्टरों, फैकल्टी और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।

एम्स दिल्ली की इस सफलता को स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उसकी निरंतर उत्कृष्टता का प्रमाण माना जा रहा है। रैंकिंग जारी करने वाली संस्था ने दुनिया भर के प्रमुख मेडिकल सेंटरों का आकलन कर यह सूची तैयार की है।
वैश्विक सर्वे के आधार पर तय हुई रैंकिंग
ब्रांड फाइनेंस अकादमिक मेडिकल सेंटर की ओर से जारी इस रैंकिंग में स्वास्थ्य पेशेवरों के वैश्विक सर्वे को आधार बनाया गया। मूल्यांकन के दौरान 30 से अधिक मानकों को शामिल किया गया, जिनमें मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता, इलाज की विश्वसनीयता, मेडिकल रिसर्च, शिक्षा प्रणाली, तकनीकी संसाधन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा जैसे पहलू शामिल रहे।
इन सभी मानदंडों पर एम्स दिल्ली का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा, जिसके चलते उसे दुनिया के शीर्ष अस्पतालों में छठा स्थान मिला।
नामी विदेशी अस्पतालों को भी छोड़ा पीछे
इस सूची में एम्स दिल्ली ने सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल और अमेरिका के प्रसिद्ध क्लीवलैंड क्लीनिक जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के अस्पतालों से बेहतर रैंक हासिल की है। वहीं, भारत के ही एक और बड़े चिकित्सा संस्थान टाटा मेमोरियल अस्पताल को इस रैंकिंग में 13वां स्थान मिला है।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय स्वास्थ्य संस्थान अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से अपनी पहचान बना रहे हैं।
फैकल्टी एसोसिएशन ने जताया आभार
एम्स दिल्ली की इस सफलता पर फैकल्टी एसोसिएशन ऑफ एम्स ने प्रसन्नता व्यक्त की है। एसोसिएशन का कहना है कि यह सम्मान एम्स की टीम भावना और वर्षों की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
एम्स के रेडियो डायग्नोसिस एवं इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमरिंदर सिंह मल्ही ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक रैंक नहीं, बल्कि संस्थान से जुड़े हर व्यक्ति के समर्पण का सम्मान है। उन्होंने बताया कि इसमें फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, मेडिकल छात्र और गैर-चिकित्सकीय कर्मचारी—सभी का योगदान शामिल है।
आगे भी कायम रहेगी उत्कृष्टता
डॉ. मल्ही ने विश्वास जताया कि एम्स दिल्ली आने वाले समय में भी मरीजों की सेवा, उच्चस्तरीय चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह रैंकिंग एम्स को और बेहतर करने के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
देश के लिए गर्व का अवसर
एम्स दिल्ली की यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण है। यह साबित करता है कि भारतीय चिकित्सा प्रणाली वैश्विक मानकों पर खरा उतरते हुए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों की सूची में मजबूती से अपनी जगह बना रही है।



