
रोहतक के पोलंगी गांव में दोहरे हत्याकांड से दहशत, घर में घुसकर की गई निर्मम हत्या; हर एंगल से जांच में जुटी हरियाणा पुलिस
हरियाणा के रोहतक जिले के अंतिम छोर पर बसे पोलंगी गांव में शुक्रवार को हुई दोहरे हत्याकांड की वारदात ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। गांव के बाहरी हिस्से में स्थित एक मकान के भीतर दो लोगों के शव मिलने से न केवल स्थानीय लोग दहशत में हैं, बल्कि इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों व्यक्तियों की हत्या तेजधार हथियारों से की गई, जिससे वारदात की निर्ममता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पुलिस के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे सूचना मिली कि गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक मकान में दो लोग मृत अवस्था में पड़े हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को घेर लिया गया। जब पुलिस अंदर पहुंची तो देखा कि दोनों शव खून से लथपथ पड़े थे और कमरे के भीतर संघर्ष के संकेत मौजूद थे। फर्श पर खून के छींटे और सामान के बिखरे होने से प्रतीत होता है कि हमले के दौरान पीड़ितों ने बचने की कोशिश की होगी।
जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों मृतकों की उम्र लगभग 50 से 55 वर्ष के बीच बताई जा रही है। हालांकि प्रारंभिक स्तर पर उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी, क्योंकि आसपास के लोग खुलकर कुछ बताने से बच रहे हैं। मकान गांव की मुख्य आबादी से थोड़ी दूरी पर स्थित है, जिससे संभावना जताई जा रही है कि हमलावरों ने सुनसान जगह का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया।
फॉरेंसिक टीम ने मौके से खून के नमूने, पैरों के निशान, हथियारों के संभावित संकेत और अन्य भौतिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस को शक है कि हमला अचानक नहीं बल्कि योजना बनाकर किया गया। घर के अंदर जबरन प्रवेश के संकेत भी मिले हैं, जिससे यह अंदेशा गहराता है कि अपराधियों ने पहले से रेकी की होगी।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक दिन में किसी तरह की असामान्य गतिविधि दिखाई नहीं दी थी। गांव में रोजमर्रा की तरह लोग अपने कामों में लगे हुए थे। लेकिन जैसे ही पुलिस और एंबुलेंस की गाड़ियां गांव के बाहर पहुंचीं, लोगों में हलचल मच गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके के पास जुट गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए क्षेत्र को सील कर दिया, ताकि जांच प्रभावित न हो।
जांच में जुटी पुलिस ने हत्या के पीछे कई संभावित कारणों पर काम शुरू कर दिया है। इसमें आपसी रंजिश, संपत्ति विवाद, आर्थिक लेन-देन या पारिवारिक मतभेद जैसे पहलुओं को खंगाला जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि मृतकों के किसी आपराधिक मामले से संबंध तो नहीं थे या हाल के दिनों में उनका किसी से विवाद हुआ था।
आसपास के गांवों और मुख्य रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस तकनीकी निगरानी के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय क्षेत्र में कौन-कौन लोग आए या गए। मोबाइल लोकेशन डेटा और कॉल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए जा सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों के परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है। पहचान स्पष्ट होने के बाद जांच को दिशा मिलने की उम्मीद है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिससे मौत के समय, वार की प्रकृति और इस्तेमाल किए गए हथियार के बारे में अधिक जानकारी सामने आ सकेगी।
घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। कई ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई, इसलिए लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। खासकर गांव के बाहरी हिस्सों में रहने वाले परिवारों ने रात के समय सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी हो तो तुरंत सूचना दें।
यह दोहरा हत्याकांड न केवल अपराध की गंभीरता को दर्शाता है बल्कि यह भी संकेत देता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपराधी संगठित तरीके से वारदात करने से नहीं हिचक रहे। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस रहस्यमयी हत्या का खुलासा होगा।

