
अंबाला के नूरपुर गांव में मंदिरों को बनाया निशाना, शिव मंदिर और गोगामाड़ी से नकदी चोरी; CCTV में कैद हुए संदिग्ध
हरियाणा के अंबाला जिले के नूरपुर गांव में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर की गई चोरी की घटना ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है। गांव के शिव मंदिर और गोगामाड़ी में अज्ञात चोरों ने रात के अंधेरे में सेंध लगाकर दानपात्र तोड़ दिए और वहां रखी नकदी के साथ मंदिर का सामान लेकर फरार हो गए। चोरी की रकम का अनुमान करीब 40 से 50 हजार रुपये लगाया जा रहा है। घटना सामने आने के बाद गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

बताया गया है कि यह वारदात 9 फरवरी की देर रात अंजाम दी गई। उस समय मंदिर परिसर में कोई मौजूद नहीं था और आसपास भी सन्नाटा पसरा हुआ था। इसी का फायदा उठाते हुए चोर पहले मंदिर के मुख्य हिस्से तक पहुंचे। उन्होंने बेहद योजनाबद्ध तरीके से गल्लों को तोड़ा और उनमें रखी दान राशि निकाल ली। इसके बाद मंदिर में रखा कुछ अन्य सामान भी अपने साथ ले गए। वारदात के बाद आरोपी बिना किसी शोर-शराबे के मौके से फरार हो गए।
सुबह जब मंदिर की देखरेख करने वाले शीशपाल नियमित रूप से पूजा की तैयारी के लिए पहुंचे तो उन्होंने मंदिर का दृश्य देखकर तुरंत चोरी का अंदेशा लगा लिया। दानपात्र टूटे पड़े थे और मंदिर के भीतर सामान बिखरा हुआ था। यह देखकर उन्होंने तुरंत गांव के अन्य लोगों को सूचना दी। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ मंदिर परिसर में जमा हो गई और घटना को लेकर आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं बल्कि गांव की आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक होता है। ऐसे में वहां चोरी होना लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। कई ग्रामीणों ने कहा कि पिछले कुछ समय से आसपास के इलाकों में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं, लेकिन धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने से लोगों में भय का माहौल बन गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को बुलाया गया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला कि वारदात में तीन से चार लोगों का हाथ हो सकता है। मंदिर के आसपास के रास्तों, खेतों और बाहरी इलाकों की भी जांच की गई ताकि कोई सुराग मिल सके।
इस मामले में पुलिस को सबसे अहम सुराग मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से मिला है। फुटेज की जांच में कुछ संदिग्ध युवक मंदिर परिसर में आते-जाते दिखाई दिए हैं। हालांकि रात का समय होने के कारण चेहरे स्पष्ट नहीं दिख रहे, लेकिन पुलिस ने फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आसपास के गांवों और बाजारों में भी संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
मंदिर की देखरेख करने वाले शीशपाल की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि फुटेज और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि चोरी की इस घटना को गंभीरता से लिया गया है और जल्द कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मंदिरों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए। साथ ही मंदिरों में मजबूत ताले, बेहतर रोशनी और अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण लगाए जाने चाहिए। कुछ लोगों ने गांव स्तर पर स्वयंसेवी निगरानी दल बनाने का सुझाव भी दिया है, ताकि रात में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मंदिरों में चोरी की घटनाएं अक्सर इसलिए होती हैं क्योंकि वहां सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत कमजोर होती है। कई मंदिरों में नकदी रखने की व्यवस्था तो होती है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं किए जाते। ऐसे में अपराधी आसानी से मौका देखकर वारदात को अंजाम दे देते हैं।
इस घटना ने गांव के सामाजिक माहौल पर भी असर डाला है। जहां पहले लोग रात में बेफिक्र रहते थे, वहीं अब सतर्कता बढ़ गई है। मंदिर समिति के सदस्यों ने तय किया है कि भविष्य में दान राशि को लंबे समय तक मंदिर में नहीं रखा जाएगा और नियमित रूप से बैंक में जमा कराया जाएगा। साथ ही मंदिर परिसर में अतिरिक्त कैमरे लगाने और रात में निगरानी की व्यवस्था करने पर भी विचार किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि किसी ने घटना वाली रात संदिग्ध लोगों को घूमते देखा हो या कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
धार्मिक स्थलों में चोरी केवल आर्थिक नुकसान नहीं होती, बल्कि यह समाज की भावनाओं को भी आहत करती है। इसलिए प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। फिलहाल गांव के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद करेगी और इलाके में फिर से भरोसा कायम होगा।

