
रास्ते में थमीं सांसें, ऑक्सीजन खत्म होने के आरोप पर डिंडौरी में हंगामा
डिंडौरी से जबलपुर रेफर किए गए पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी की रास्ते में मौत के बाद गुरुवार को जिला मुख्यालय पर हालात तनावपूर्ण हो गए। परिजनों ने दावा किया कि मरीज को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिली और सिलिंडर खाली होने से उनकी जान चली गई। घटना के विरोध में परिवार और स्थानीय लोगों ने पहले जिला अस्पताल के सामने और फिर अवंती चौक पर चक्काजाम कर दिया।

53 वर्षीय रविन्द्र मरावी ग्राम धनवासी में पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। बुधवार शाम उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए गुरुवार सुबह करीब 11 बजे उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया।
परिजनों के अनुसार 108 एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण जननी वाहन से मरीज को भेजा गया। उनका आरोप है कि ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए दो हजार रुपये जमा कराए गए, लेकिन अस्पताल की ओर से एक खाली और एक आंशिक भरा सिलिंडर दिया गया। मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट पर ही रवाना किया गया था।
परिवार का कहना है कि कुंडम के पास दोपहर के समय ऑक्सीजन खत्म हो गई। इसी दौरान रविन्द्र मरावी की हालत तेजी से बिगड़ी और रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। शव को वापस जिला अस्पताल लाया गया, जहां आक्रोश फूट पड़ा।
गुस्साए परिजनों ने आकस्मिक चिकित्सा इकाई के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। शाम करीब चार बजे अस्पताल के सामने सड़क जाम कर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी दोषियों के खिलाफ तत्काल कदम उठाने पर अड़े रहे।
तहसीलदार आरपी मार्को भी अस्पताल पहुंचे और जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अवंती चौक पहुंच गए और वहां भी चक्काजाम कर दिया, जिससे शहर का यातायात प्रभावित हुआ।
करीब दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन के आश्वासन पर जाम हटाया गया और स्थिति सामान्य हो सकी। मृतक के बेटे हिमांशु मरावी ने कहा कि यदि समय पर पर्याप्त ऑक्सीजन और समुचित व्यवस्था मिलती तो उनके पिता की जान बच सकती थी।
इस घटना ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने जांच की बात कही है, वहीं परिजन जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जिले में घटना को लेकर शोक और नाराजगी का माहौल बना हुआ



