
‘मुझे घर में जीजा कहते हैं’—रोडवेज चालक की बदसलूकी पर गिरी गाज
हरियाणा के करनाल में रोडवेज बस चालक की दबंगई का एक वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बस चालक द्वारा एक टैक्सी ड्राइवर के साथ कथित अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो विभाग हरकत में आया और चालक को नौकरी से हटा दिया गया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

यह विवाद एक मामूली रोड रेज से शुरू हुआ था, लेकिन देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया। जानकारी के मुताबिक घटना 12 फरवरी की है, जब बसताड़ा टोल प्लाजा के पास कुरुक्षेत्र डिपो की किलोमीटर स्कीम वाली रोडवेज बस तेज रफ्तार में जा रही थी। आरोप है कि बस चालक ने अचानक टैक्सी के आगे कट मार दिया, जिससे टैक्सी पलटते-पलटते बची। इस घटना से घबराए टैक्सी चालक ने बस को रुकवाकर विरोध जताया।
टैक्सी चालक का कहना है कि उसने केवल बस चालक को सावधानी से गाड़ी चलाने के लिए कहा था, लेकिन बस चालक भड़क गया। आरोप है कि उसने बस रोककर टैक्सी चालक के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब टैक्सी चालक ने उसका नाम पूछा तो चालक ने तंज भरे अंदाज में कहा, “घर में मुझे जीजा कहते हैं।” यह बयान बाद में सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहा।
पीड़ित टैक्सी चालक ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में कथित तौर पर बस चालक को आक्रामक लहजे में बोलते और धमकी देते सुना जा सकता है। टैक्सी चालक का आरोप है कि बस चालक ने उसे धमकाते हुए कहा, “जो तुझसे होता है कर ले, तुझे जान से मार दूंगा।” इस धमकी से वह डर गया और उसने तुरंत डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कथित तौर पर बस को करनाल बस स्टैंड पर रुकवाया, लेकिन टैक्सी चालक का कहना है कि जब वह वहां पहुंचा तो न तो बस मिली और न ही पुलिस की टीम। उसका आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और सिर्फ ड्राइवर को समझाकर छोड़ दिया। बाद में उसने मधुबन थाने में लिखित शिकायत भी दी, लेकिन कार्रवाई न होने से वह निराश हो गया।
कार्रवाई में देरी से नाराज होकर टैक्सी चालक ने वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होते ही मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया और रोडवेज विभाग की किरकिरी होने लगी। लोगों ने सार्वजनिक परिवहन के चालक के व्यवहार पर सवाल उठाए और सख्त कार्रवाई की मांग की।
वीडियो वायरल होने के बाद रोडवेज विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। जांच के बाद चालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे नौकरी से हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद आरोपी चालक सामने आया और उसने अपने शब्दों को लेकर माफी मांगी।
चालक ने सफाई देते हुए कहा कि वीडियो का केवल एक पक्ष दिखाया गया है। उसके मुताबिक टैक्सी चालक उसे बार-बार परेशान कर रहा था और साइड नहीं दे रहा था, जिससे वह नाराज हो गया। उसने यह भी कहा कि बस में बैठे यात्रियों को भी पूरी स्थिति का पता है। हालांकि उसने माना कि उसके द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा गलत थी और वीडियो देखने के बाद उसे शर्मिंदगी हुई।
चालक ने भावुक होकर कहा कि नौकरी जाने के बाद वह घर पर बैठा है और इससे उसे काफी दुख है। उसने बताया कि उसके ऊपर परिवार की जिम्मेदारी है और “घर पर रहकर कौन खुश रहता है, मेरे भी बीवी-बच्चे हैं।” उसकी इस प्रतिक्रिया ने मामले को एक अलग भावनात्मक मोड़ भी दे दिया है।
इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। टैक्सी चालक का आरोप है कि समय रहते पुलिस सख्ती दिखाती तो मामला इतना नहीं बढ़ता। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोड रेज की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े कर्मचारियों को खास तौर पर संयम बरतने की जरूरत है, क्योंकि उनकी एक गलती से यात्रियों और आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि सड़क पर दोनों पक्षों को धैर्य रखना चाहिए ताकि छोटे विवाद बड़े टकराव में न बदलें।
फिलहाल रोडवेज विभाग की कार्रवाई के बाद मामला कुछ हद तक शांत जरूर हुआ है, लेकिन यह घटना सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क पर गुस्सा और लापरवाही किस तरह बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या इस मामले में आगे कोई पुलिस कार्रवाई होती है या मामला विभागीय कार्रवाई तक ही सीमित रह जाएगा। वहीं परिवहन विभाग के लिए भी यह एक संदेश माना जा रहा है कि चालक और कर्मचारियों के व्यवहार पर कड़ी निगरानी रखना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



