
मार्च की शुरुआत में ही पंजाब में गर्मी का कहर: 34 डिग्री तक पहुंचा तापमान, मौसम विभाग ने दी और बढ़ने की चेतावनी
पंजाब में मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आमतौर पर मार्च के शुरुआती दिनों में मौसम हल्का सुहावना रहता है, लेकिन इस बार राज्य में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जो सामान्य से काफी अधिक माना जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 7.1 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। विभाग ने अगले चार से पांच दिनों के दौरान तापमान में और वृद्धि होने की संभावना जताई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि इस दौरान मौसम शुष्क रहेगा और बारिश की कोई खास संभावना नहीं है। हालांकि कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं।
तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में लगभग 0.9 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।
अगर यही स्थिति बनी रही तो मार्च के पहले ही पखवाड़े में पंजाब के कई इलाकों में तापमान 36 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है। यह स्थिति किसानों और आम लोगों दोनों के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
रूपनगर बना सबसे गर्म जिला
राज्य के विभिन्न शहरों में दर्ज किए गए तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो रूपनगर सबसे गर्म जिला रहा। यहां अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसके अलावा कई अन्य शहरों में भी तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा। अमृतसर में अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि लुधियाना में 32.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
पटियाला में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री तक पहुंच गया, वहीं पठानकोट में यह 31.3 डिग्री दर्ज किया गया। बठिंडा में तापमान 32.8 डिग्री, फरीदकोट में 33.0 डिग्री और फिरोजपुर में 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसके अलावा एसबीएस नगर में अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री और होशियारपुर में 31.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
न्यूनतम तापमान भी बढ़ा
केवल दिन का तापमान ही नहीं बल्कि रात का तापमान भी सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के न्यूनतम तापमान में भी करीब 1.5 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है।
वर्तमान में न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 5.3 डिग्री अधिक चल रहा है। इसका मतलब यह है कि रात के समय भी ठंडक कम महसूस हो रही है और मौसम धीरे-धीरे गर्म होता जा रहा है।
राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान पठानकोट में 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा अमृतसर में न्यूनतम तापमान 15.1 डिग्री, लुधियाना में 15.0 डिग्री और पटियाला में 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बठिंडा में रात का तापमान 14.5 डिग्री, फरीदकोट में 14.2 डिग्री और एसबीएस नगर में 15.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं फिरोजपुर में 13.9 डिग्री और होशियारपुर में 12.9 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसके पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति और साफ आसमान बताया जा रहा है।
जब आसमान साफ रहता है और बादल नहीं होते, तब सूर्य की किरणें सीधे धरती तक पहुंचती हैं। इससे तापमान तेजी से बढ़ता है। यही कारण है कि मार्च के शुरुआती दिनों में ही इतनी गर्मी महसूस की जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि अगर इसी तरह तापमान बढ़ता रहा तो आने वाले महीनों में गर्मी सामान्य से अधिक रह सकती है।
तेज हवाओं की संभावना
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में राज्य के कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि इन हवाओं से तापमान में ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
तेज हवाओं के कारण धूल भरी परिस्थितियां भी बन सकती हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए चुनौती
मार्च में बढ़ती गर्मी किसानों के लिए भी चिंता का कारण बन सकती है। इस समय गेहूं की फसल पकने की अवस्था में होती है और तापमान में ज्यादा वृद्धि होने से उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मार्च के महीने में तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है तो इससे गेहूं के दाने छोटे रह सकते हैं और पैदावार कम हो सकती है।
इसलिए किसानों को फसल की देखभाल पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को भी बढ़ती गर्मी को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिन के समय धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचना चाहिए।
इसके अलावा शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। हल्के और ढीले कपड़े पहनना भी गर्मी से बचाव में मदद करता है।
डॉक्टरों का कहना है कि अचानक बढ़ती गर्मी के कारण लोगों को थकान, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
जलवायु परिवर्तन का असर
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल रहा है। सर्दियां छोटी हो रही हैं और गर्मी जल्दी शुरू हो जाती है।
यह बदलाव जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से भी जुड़ा हो सकता है। इसी कारण कई बार मौसम सामान्य से अलग व्यवहार करता दिखाई देता है।
आने वाले दिनों पर सबकी नजर
फिलहाल पंजाब में गर्मी की शुरुआत ने लोगों को चौंका दिया है। मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान का 34 डिग्री के करीब पहुंचना यह संकेत दे रहा है कि आने वाले महीनों में गर्मी और ज्यादा पड़ सकती है।
अब लोगों की नजर मौसम विभाग की आगामी भविष्यवाणियों पर टिकी हुई है। अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो अप्रैल और मई के महीनों में गर्मी का असर और ज्यादा देखने को मिल सकता है।



