
महाशिवरात्रि पर चंडीगढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा, दो महिलाओं सहित तीन की मौत; कई घायल
महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व के दिन शहर चंडीगढ़ में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने उत्सव का माहौल मातम में बदल दिया। रविवार शाम सेक्टर 5 और सेक्टर 8 को जोड़ने वाली डिवाइडिंग रोड पर तेज रफ्तार कार और ई-रिक्शा की आमने-सामने टक्कर में तीन लोगों की जान चली गई, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। हादसे में चार अन्य लोग घायल हो गए, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।

शाम की भीड़ में हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना उस समय हुई जब शाम के वक्त सड़कों पर आवाजाही बढ़ी हुई थी। महाशिवरात्रि के कारण कई लोग मंदिरों और धार्मिक स्थलों की ओर जा रहे थे, जबकि कुछ परिवार घूमने निकले थे। इसी दौरान अचानक तेज गति से आई कार ने सामने चल रहे ई-रिक्शा को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे लोग सड़क पर जा गिरे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी तथा घायलों को उठाकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने बताया कि टक्कर की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी थी। कुछ ही मिनटों में सड़क पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने अपनी गाड़ियों को रोककर घायल व्यक्तियों को बाहर निकाला और प्राथमिक मदद दी।
पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीम के पहुंचने तक स्थानीय लोग ही राहत कार्य में जुटे रहे। पुलिस ने पहुंचकर स्थिति संभाली और यातायात को नियंत्रित करने के लिए मार्ग बदल दिए।
अस्पतालों में कराया गया भर्ती
घायलों को तुरंत सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। घायलों में से एक की हालत गंभीर होने पर उसे आगे इलाज के लिए पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि कुछ घायलों को सिर और छाती में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल सभी घायलों की हालत पर निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस ने संभाली स्थिति
दुर्घटना के बाद पुलिस ने तुरंत घटनास्थल को घेर लिया और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात को दूसरे मार्गों पर मोड़ दिया। हादसे के कारण आसपास की सड़कों पर लंबा जाम लग गया, खासकर उस मार्ग पर जो सुखना झील की ओर जाता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफिक सामान्य करने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है। दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
रफ्तार और लापरवाही पर सवाल
प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या चालक ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया था या वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया था।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि शहर की चौड़ी सड़कों पर अक्सर वाहन चालक गति सीमा से अधिक रफ्तार पकड़ लेते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। त्योहारों और छुट्टियों के दिनों में यह जोखिम और बढ़ जाता है क्योंकि सड़क पर भीड़ और वाहन दोनों अधिक होते हैं।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी है। अस्पतालों के बाहर परिजनों और परिचितों की भीड़ देखी गई, जो अपने प्रियजनों की स्थिति जानने के लिए बेचैन थे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क पर सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएं, स्पीड कंट्रोल के लिए संकेतक लगाए जाएं और निगरानी बढ़ाई जाए।
शहर में बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता
यह हादसा शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की समस्या को भी सामने लाता है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना अभी भी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के लिए केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता भी जरूरी है। हेलमेट, सीट बेल्ट और गति सीमा का पालन करने से कई हादसों को टाला जा सकता है।
जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना की पूरी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, वाहन की स्थिति और चालक की भूमिका की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों और व्यस्त दिनों में विशेष सावधानी बरतें, वाहन धीरे चलाएं और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके



