
भीषण गर्मी की दस्तक—उत्तर भारत तप रहा, कई राज्यों में लू का अलर्ट तो कहीं बारिश का असर
देश में मौसम ने एक बार फिर तेज करवट ली है और अब गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। कुछ दिन पहले तक जहां हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को राहत मिल रही थी, वहीं अब तापमान में अचानक बढ़ोतरी ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में देश के बड़े हिस्से में गर्मी और अधिक बढ़ेगी, जिससे लू चलने की स्थिति भी बन सकती है।

उत्तर भारत इस समय सबसे ज्यादा गर्मी की चपेट में है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई स्थानों पर यह 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है। राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में इसके 42 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। बांदा जैसे इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जो इस सीजन में अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। वहीं, हरियाणा और पंजाब में भी गर्म हवाओं का असर साफ देखा जा रहा है, जिससे खेतों और शहरों दोनों में लोगों को परेशानी हो रही है।
राजस्थान में तो गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बाड़मेर, चुरू, बीकानेर और कोटा जैसे जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। बाड़मेर में पारा 41.6 डिग्री तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 17 और 18 अप्रैल के दौरान पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में तापमान 44 डिग्री तक जा सकता है, जिससे लू चलने की पूरी संभावना है।
मध्य भारत भी गर्मी से अछूता नहीं है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। यहां दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है। पश्चिमी भारत में गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। खासकर तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी लोगों के लिए अधिक असहज स्थिति पैदा कर रही है।
पूर्वी भारत की बात करें तो ओडिशा में भी गर्मी का कहर जारी है। टिटलगढ़ में तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस क्षेत्र में सबसे अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन दिनों में यहां तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है, जिससे हालात और कठिन हो सकते हैं।
हालांकि, देश के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग है। दक्षिण भारत के राज्यों कर्नाटक और केरल में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। इन इलाकों में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने से तापमान नियंत्रित बना हुआ है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिल रही है।
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मणिपुर में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। साथ ही बिजली गिरने की घटनाओं की भी संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इस बीच, एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहा है, जो मौसम में कुछ बदलाव ला सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में यह विक्षोभ प्रभाव दिखाना शुरू करेगा। इसके असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 15 से 18 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में भी 17 से 19 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17 और 18 अप्रैल को हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे इन इलाकों में तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को अस्थायी राहत मिल सकती है।
पिछले 24 घंटों के मौसम पर नजर डालें तो देश के कई हिस्सों में तेज हवाएं चली हैं। उत्तराखंड, बिहार, पंजाब और हरियाणा में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। वहीं गुजरात, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में भी आंधी और गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मौसमीय बदलाव अब सामान्य होते जा रहे हैं, लेकिन इनकी तीव्रता पहले की तुलना में ज्यादा हो गई है। जलवायु परिवर्तन इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है। ऐसे में लोगों को मौसम के प्रति अधिक जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है।
स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय काफी संवेदनशील है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी और लू से बचने के लिए लोगों को दिन में ज्यादा पानी पीना चाहिए, हल्के कपड़े पहनने चाहिए और धूप में निकलने से बचना चाहिए। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, देश में इस समय मौसम के कई रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं भीषण गर्मी और लू का प्रकोप है तो कहीं बारिश और ठंडी हवाएं राहत दे रही हैं। आने वाले दिनों में यह स्थिति और स्पष्ट होगी, लेकिन फिलहाल उत्तर भारत के लोगों को गर्मी के लिए तैयार रहना होगा।

