
शाहाबाद/बाबैन। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी गुट) ने किसानों से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन 10 जनवरी को कुरुक्षेत्र में एक विशाल विरोध प्रदर्शन करेगा। इसकी तैयारियों के सिलसिले में भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने वीरवार को शाहाबाद और बाबैन के किसान रेस्ट हाउस में किसानों के साथ बैठक कर उन्हें आंदोलन के लिए संगठित किया।

चढूनी ने किसानों से आह्वान किया कि वे बड़ी संख्या में कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करें। उन्होंने कहा कि संगठन कथित महाभ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष कर रहा है, जिसमें धान घोटाला, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में लूट, आयात कर, बिजली बिल, बीज बिल जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इन्हीं मांगों को लेकर हर जिले में चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 10 जनवरी को कुरुक्षेत्र में प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा जाएगा। इसके अलावा 16 जनवरी को यमुनानगर और 20 जनवरी को कैथल में भी विरोध प्रदर्शन होंगे। वहीं, 23 मार्च को शहीद भगत सिंह की जयंती पर पिपली में एक बड़ी किसान रैली आयोजित की जाएगी।
धान उत्पादन से ज्यादा बिक्री, घोटाले का बड़ा संकेत
बाबैन में बैठक के दौरान चढूनी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में करीब 5,000 करोड़ रुपये का धान घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि आंकड़े खुद घोटाले की गवाही देते हैं—प्रदेश में जहां लगभग 40 लाख टन धान का उत्पादन हुआ, वहीं मंडियों में 62 लाख टन धान की बिक्री दर्ज की गई। यह सब अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से संभव हुआ।
चढूनी ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े पूंजीपतियों के कर्ज माफ कर रही है, जबकि छोटे और गरीब किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं पर लंबे समय तक ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन एक अधिकारी को थप्पड़ मारने की घटना के बाद वही काम मिनटों में हो गया—जो व्यवस्था की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
किसानों में रोष, आंदोलन को समर्थन
इस मौके पर भाकियू के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। बैठक में संगठन को मजबूत करने और आगामी आंदोलनों को सफल बनाने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

