
परीक्षा खत्म होने की खुशी बनी काल: ओडिशा में तालाब और जलाशय में डूबने से पांच स्कूली छात्रों की मौत, राज्यभर में शोक
ओडिशा में बोर्ड परीक्षाओं के समाप्त होने के बाद जहां छात्रों के बीच खुशी और राहत का माहौल था, वहीं यह खुशी कुछ परिवारों के लिए हमेशा का दर्द बन गई। शनिवार को राज्य के दो अलग-अलग जिलों—कोरापुट और मयूरभंज—में हुई दर्दनाक घटनाओं में पांच स्कूली छात्रों की डूबने से मौत हो गई। इन घटनाओं ने न सिर्फ मृतकों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार, सभी छात्र हाल ही में अपनी बोर्ड परीक्षाएं देकर निकले थे और परीक्षा खत्म होने के बाद दोस्तों के साथ समय बिताने गए थे। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह खुशी भरा पल कुछ ही देर में एक भयानक हादसे में बदल जाएगा।
कोरापुट में तालाब बना मौत का कारण
पहली घटना ओडिशा के कोरापुट जिले में सामने आई, जहां कक्षा 10 के तीन छात्रों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ये तीनों छात्र बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के बाद अपने स्कूल से बाहर निकले थे और अपने माता-पिता के आने का इंतजार कर रहे थे।
इसी दौरान उन्होंने पास ही स्थित कोलंब तालाब की ओर जाने का फैसला किया। परीक्षा खत्म होने की खुशी में तीनों दोस्त तालाब के किनारे पहुंच गए और पानी में उतरकर खेलने लगे।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक तालाब का पानी गहरा होने के कारण वे संतुलन खो बैठे और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने जब बच्चों को संघर्ष करते देखा तो तुरंत शोर मचाया और उन्हें बचाने के लिए पानी में कूद पड़े।
स्थानीय लोगों की मदद से तीनों छात्रों को बाहर निकाला गया और तुरंत इलाज के लिए कोरापुट स्थित शहीद लक्ष्मण नायक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
तीनों छात्रों की पहचान
पुलिस के मुताबिक इस हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान लिंगराज खिल (16), स्वस्तिक (15) और ओम प्रकाश (16) के रूप में हुई है। तीनों छात्र कक्षा 10 के विद्यार्थी थे और परीक्षा खत्म होने के बाद बेहद खुश थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना दोपहर करीब 3 बजे से 3:30 बजे के बीच हुई। जैसे ही छात्रों के डूबने की खबर फैली, इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग तालाब के पास पहुंच गए।
अस्पताल में मचा कोहराम
जब छात्रों को अस्पताल लाया गया तो उनके परिजन भी वहां पहुंच गए। डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य अपने बच्चों को खोने के सदमे को सहन नहीं कर पा रहे थे।
कई लोग रोते-बिलखते हुए बार-बार यही कह रहे थे कि सुबह तक सब कुछ ठीक था, लेकिन कुछ ही घंटों में उनकी दुनिया उजड़ गई।
परिवारों ने स्कूल पर लगाए आरोप
इस दर्दनाक हादसे के बाद मृत छात्रों के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि परीक्षा खत्म होने के बाद स्कूल प्रशासन को छात्रों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए थी।
परिजनों का आरोप है कि परीक्षा के बाद बच्चों को बिना किसी निगरानी के बाहर जाने दिया गया, जिसके कारण वे तालाब तक पहुंच गए और यह हादसा हो गया। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की गहन जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मयूरभंज में भी दो छात्रों की मौत
इसी दिन ओडिशा के मयूरभंज जिले में भी एक और दुखद घटना सामने आई। यहां दो अन्य स्कूली छात्रों की जलाशय में डूबने से मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि ये दोनों छात्र अपने दोस्तों के साथ पास के जलाशय के किनारे गए थे। वहां वे पानी में नहाने के लिए उतर गए, लेकिन कुछ ही देर में गहरे पानी में चले गए और बाहर नहीं निकल पाए।
उनके साथ मौजूद अन्य छात्रों ने जब उन्हें डूबते देखा तो जोर-जोर से चिल्लाकर मदद मांगी। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की।
हालांकि जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया।
गांवों में छाया मातम
इन दोनों जिलों में हुई घटनाओं के बाद गांवों में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है। जिन घरों में बच्चों के परीक्षा खत्म होने की खुशी थी, वहां अब मातम का माहौल है।
मृत छात्रों के परिवार पूरी तरह टूट चुके हैं। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्हें यह विश्वास ही नहीं हो रहा कि उनके बच्चे अब इस दुनिया में नहीं रहे।
स्थानीय लोग भी इस घटना से बेहद दुखी हैं और बड़ी संख्या में लोग मृतकों के घरों पर पहुंचकर परिवारों को सांत्वना दे रहे हैं।
राजनीतिक दलों ने जताई संवेदना
इन घटनाओं के बाद राज्य की राजनीति में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली। सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) और विपक्षी कांग्रेस ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
दोनों दलों के नेताओं ने मृत छात्रों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग भी की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह हादसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इन घटनाओं के बाद छात्रों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा खत्म होने के बाद छात्र बेहद उत्साहित रहते हैं और कई बार बिना सोचे-समझे जोखिम भरे कदम उठा लेते हैं।
ऐसे में स्कूल प्रशासन और अभिभावकों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। साथ ही स्थानीय प्रशासन को भी तालाबों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
एक दर्दनाक सबक
ओडिशा में हुई ये घटनाएं इस बात का दर्दनाक उदाहरण हैं कि कभी-कभी छोटी सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। परीक्षा खत्म होने की खुशी में निकले पांच छात्रों की जिंदगी कुछ ही पलों में खत्म हो गई।
यह हादसा न सिर्फ उनके परिवारों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरा सदमा है। अब हर किसी की यही उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।



