
पंजाब में मौसम का बदला मिजाज: बारिश-ओलावृष्टि से ठंड बढ़ी, तापमान 8.9 डिग्री गिरा; 26 जनवरी से फिर अलर्ट
पंजाब में लगातार बदल रहे मौसम ने आम जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। बीते दो दिनों से जारी बारिश, तेज हवाओं और शीतलहर के कारण राज्य में ठंड काफी बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक तापमान में औसतन 8.9 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सर्दी का असर और तेज हो गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है और घना कोहरा भी छाए रहने की संभावना है। हालांकि रविवार को मौसम कुछ हद तक शुष्क रहने की उम्मीद है, लेकिन 26 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते एक बार फिर मौसम खराब हो सकता है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, बारिश होने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।
गुरुवार रात से शुरू हुए मौसम के इस बदलाव का असर शुक्रवार को पूरे दिन देखने को मिला। कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे ठंड और बढ़ गई। कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी सूचना मिली है। इससे किसानों को जहां गेहूं और सरसों की फसल के लिए राहत मिली है, वहीं सब्जी उत्पादकों की चिंता भी बढ़ी है।
बारिश का आंकड़ा
प्रदेश में सबसे अधिक बारिश गुरदासपुर में 48.7 मिमी दर्ज की गई। पठानकोट में 34.2 मिमी, अमृतसर में 25.2 मिमी, लुधियाना में 21.4 मिमी, संगरूर में 20.0 मिमी, पटियाला में 14.8 मिमी, रूपनगर में 11.0 मिमी और मानसा में 4.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
ठंड का असर बढ़ा
बारिश और तेज हवाओं के चलते दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। अमृतसर में अधिकतम तापमान 16 डिग्री, लुधियाना में 13.2 डिग्री, पटियाला में 13 डिग्री और पठानकोट में 12.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन का एहसास ज्यादा हो रहा है।
फसलों पर मिला-जुला असर
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश गेहूं, सरसों और कई रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। वहीं मटर, गोभी, गाजर और मूली जैसी सब्जियों को भी बढ़वार में मदद मिलेगी। हालांकि जिन क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी है, वहां आलू और हरी सब्जियों में रोग लगने का खतरा बढ़ सकता है। किसानों को खेतों में पानी की निकासी पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों में मौसम के फिर से करवट लेने के संकेत हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों और किसानों दोनों से सतर्क रहने और जरूरी एहतियात बरतने की अपील की है।


