
दिल्ली: 6 दिन से लापता दंपती के शव नाले में मिले, घर के झगड़े से गायब होने की आशंका
दिल्ली के बिंदापुर इलाके में पिछले छह दिनों से लापता एक अधेड़ दंपती के शव शुक्रवार दोपहर नजफगढ़ स्थित ककरौला नाले में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान 58 वर्षीय मुन्ना लाल और उनकी 55 वर्षीय पत्नी रामवती देवी के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्राथमिक जांच में यह पता चला है कि शवों पर किसी भी तरह की चोट के स्पष्ट निशान नहीं हैं। इस वजह से पुलिस इस मामले की जांच हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से कर रही है। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) अंकित सिंह ने बताया कि मृतक दंपती बिंदापुर इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। इनके परिवार में बेटा रितेश और अन्य सदस्य भी शामिल हैं।
रितेश ने 17 जनवरी को बिंदापुर थाने में अपने माता-पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 17 जनवरी को दंपती अपने घर में झगड़े के बाद अचानक गायब हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
कैब चालक ने दी सूचना
23 जनवरी को दोपहर लगभग 12 बजे, एक कैब चालक ने ककरौला नाले में शव पड़े होने की सूचना पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मियों को दी। सूचना मिलते ही नजफगढ़ थाने की टीम, जिसमें एसआई राज कुमार भी शामिल थे, तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने खेर बाबा की मजार के पास से शवों को बाहर निकालकर सुरक्षित किया।
पुलिस के मुताबिक, शवों के पास एक मोबाइल फोन भी मिला। फोन के नंबर पर संपर्क करने पर रितेश ने कॉल रिसीव की और पुष्टि की कि यह उसके पिता का फोन है। रितेश ने बताया कि उसके माता-पिता 17 जनवरी को झगड़े के बाद घर से चले गए थे और फिर वापस नहीं लौटे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
दूसरे शव की घटना: दस दिन से लापता बच्चे का शव बरामद
इसी दिन, दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। यहाँ दस दिन से लापता एक बच्चे का शव नहर किनारे कचरे के बीच मिला। मृतक की पहचान जैतपुर खड्डा कॉलोनी निवासी राजू के बेटे अरमान के रूप में हुई।
राजू, जो मूलत: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के रहने वाले हैं, ऑटो चलाते हैं। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि उनके बेटे की गुमशुदगी की समय पर उचित जांच नहीं की गई। कालिंदी कुंज थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस की प्राथमिक जांच और एंगल
पुलिस ने बताया कि शवों पर कोई स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले हैं। इस वजह से मामला हत्या का है या आत्महत्या का, इस पर फिलहाल पुख्ता कुछ नहीं कहा जा सकता। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।
पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि मृतक मुन्ना लाल और रामवती देवी का जीवन कठिनाइयों से भरा हुआ था। दोनों मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। रितेश ने बताया कि झगड़े के बाद उसके माता-पिता अचानक घर से चले गए थे। यह घटना उनके घर में किसी पारिवारिक विवाद के कारण हुई हो सकती है, हालांकि सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
द्वारका में एक सप्ताह में दूसरी घटना
दिल्ली के द्वारका जिले में यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी घटना है। इससे पहले 19 जनवरी को छठ पार्क में एक युवक का शव मिला था। ऐसे मामलों की लगातार बढ़ती घटनाओं ने इलाके में सुरक्षा और पुलिस तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस का कहना है कि गुमशुदगी की रिपोर्ट मिलने के बाद जांच तुरंत शुरू कर दी गई थी। हालांकि, परिवार का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर कुछ देरी हुई। दोनों मामलों में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर हर संभावित एंगल की जांच की जा रही है।
समाज में सनसनी और चिंता
दोनों घटनाओं ने स्थानीय समाज में डर और सनसनी फैला दी है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर परिवारिक झगड़ों और अचानक लापता होने के पीछे क्या कारण था। वहीं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में पारिवारिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। अक्सर छोटे झगड़े भी गंभीर परिणामों को जन्म दे सकते हैं, इसलिए परिवारों को आपसी संवाद और समझदारी से काम लेना चाहिए।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने दोनों घटनाओं में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट रूप से यह कहा जा सकेगा कि मृत्यु का कारण प्राकृतिक था या किसी अन्य वजह से हुई। पुलिस इस मामले में हत्या, आत्महत्या और अन्य संभावित कारणों की गहन जांच कर रही है।
साथ ही, पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर किसी को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस उपायुक्त ने यह भी कहा कि परिवारिक विवाद के मामले को हल करने के लिए पड़ोसियों और समाज के बुजुर्गों की मदद ली जा सकती है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।



