
नशे के खिलाफ पुलिस की सख्ती, धर्मशाला में बाहरी राज्य का तस्कर पकड़ा गया
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को उस समय बड़ी कामयाबी मिली, जब कांगड़ा पुलिस ने धर्मशाला के नजदीक शिव नगर क्षेत्र में एक निजी होटल पर छापेमारी कर पंजाब के एक कुख्यात नशा तस्कर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 10.58 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद गंभीर है और उसके खिलाफ पंजाब के विभिन्न जिलों में पहले से कई संगीन मामले दर्ज हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात धर्मशाला थाना पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि तिब्बतन कॉलोनी के समीप शिव नगर इलाके के एक होटल में बाहरी राज्य का एक व्यक्ति ठहरा हुआ है, जो नशे की खेप बेचने की तैयारी में है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने बिना देरी किए कार्रवाई की योजना बनाई और संबंधित होटल पर दबिश दी।
पुलिस टीम ने होटल के उस कमरे को घेर लिया, जहां संदिग्ध के ठहरे होने की जानकारी थी। तलाशी के दौरान कमरे से ललित कुमार उर्फ टिंकू (34) को हिरासत में लिया गया। जांच में उसके पास से 10.58 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। आरोपी की पहचान वार्ड नंबर-1, कॉलोनी गुरु तेग बहादुर नगर, गली नंबर-4, थाना सिटी तरनतारन, पंजाब निवासी के रूप में हुई है।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि आरोपी नशा तस्करी के मामलों में पहले से ही कुख्यात है। उसके खिलाफ तरनतारन और कपूरथला जिलों में एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। इतना ही नहीं, जून 2024 में पंजाब पुलिस ने तरनतारन में कार्रवाई करते हुए इसी आरोपी से 2.04 किलोग्राम चिट्टा बरामद किया था। इसके बावजूद वह दोबारा नशे के अवैध कारोबार में सक्रिय पाया गया।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपी ने हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों को नशा तस्करी के लिए अपना ठिकाना बनाया था। धर्मशाला जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग आते हैं, जिससे तस्करों को अपनी गतिविधियां छिपाने में आसानी होती है। इसी का फायदा उठाकर आरोपी स्थानीय संपर्कों के जरिए नशे की सप्लाई करने की कोशिश कर रहा था।
मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धर्मशाला थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह कब से इस क्षेत्र में सक्रिय था तथा किन-किन लोगों के माध्यम से नशा सप्लाई कर रहा था। पुलिस अब उसके नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहन जांच में जुटी हुई है।
एसपी अशोक रत्न ने स्पष्ट किया कि कांगड़ा पुलिस जिले में नशे के खिलाफ सख्त नीति पर काम कर रही है। बाहरी राज्यों से आकर युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आम लोगों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को नशा तस्करी या नशे से जुड़ी कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि धर्मशाला और आसपास के इलाकों में युवाओं को नशे से बचाने के लिए ऐसे तस्करों पर सख्ती बेहद जरूरी है। पर्यटन क्षेत्र होने के कारण यहां तस्कर अक्सर आसानी से छिप जाते हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता से अब उन पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच करने की तैयारी कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं आरोपी कांगड़ा जिले के अन्य क्षेत्रों में भी नशा फैलाने की योजना तो नहीं बना रहा था। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा, ताकि हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।



