
दिल्ली-एनसीआर में अप्रैल बना ‘जून’: समय से पहले लू का प्रहार, 44°C तक पहुंचने के आसार, जनजीवन पर पड़ा असर
राष्ट्रीय राजधानी Delhi और उससे जुड़े एनसीआर इलाकों में इस साल गर्मी ने अपने तय समय से पहले ही दस्तक देकर लोगों को हैरान कर दिया है। अप्रैल का महीना, जो आमतौर पर हल्की गर्मी का संकेत देता है, इस बार तपती धूप और लू जैसी परिस्थितियों के कारण जून जैसा महसूस हो रहा है। दिन में झुलसाने वाली गर्मी और रात में भी राहत न मिल पाने से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

सोमवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री के आसपास रहा। हालांकि यह आंकड़े रिकॉर्ड स्तर पर नहीं हैं, लेकिन वातावरण में मौजूद शुष्कता और गर्म हवाओं ने गर्मी के प्रभाव को कई गुना बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने पूरे दिन के लिए येलो अलर्ट जारी किया, जो इस बात का संकेत है कि स्थिति धीरे-धीरे और गंभीर हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले पांच दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अनुमान है कि 20 से 24 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यह स्तर आमतौर पर जून के महीने में देखने को मिलता है, लेकिन इस बार अप्रैल में ही ऐसी स्थिति बनती दिख रही है। न्यूनतम तापमान भी 21 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा, जिससे रात के समय भी गर्मी का असर कम नहीं होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं तापमान को तेजी से बढ़ा रही हैं। वातावरण में नमी की कमी के कारण शरीर को ठंडक नहीं मिल पाती, जिससे लू का असर अधिक महसूस होता है। यही कारण है कि लोग दिन के साथ-साथ रात में भी असहज महसूस कर रहे हैं।
इस भीषण गर्मी का असर राजधानी की दिनचर्या पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कें खाली हो जाती हैं और लोग जरूरी काम के अलावा बाहर निकलने से बचते हैं। दफ्तर जाने वाले लोग अपने समय में बदलाव कर रहे हैं, ताकि धूप से बचा जा सके। बाजारों में भी भीड़ कम हो गई है, जबकि ठंडे पेय पदार्थों और पानी की मांग तेजी से बढ़ गई है।
सबसे अधिक प्रभावित वे लोग हैं, जो खुले में काम करते हैं। मजदूर, डिलीवरी एजेंट, ट्रैफिक पुलिस और रिक्शा चालक इस समय सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। अस्पतालों में भी ऐसे मामलों की संख्या में धीरे-धीरे इजाफा देखने को मिल रहा है।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए राजधानी के प्रमुख अस्पतालों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। Dr. Ram Manohar Lohia Hospital में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए विशेष यूनिट सक्रिय कर दी गई है। यहां मरीजों को ठंडा करने के लिए बर्फ और पानी से भरे टब का उपयोग किया जाता है, जिससे शरीर का तापमान तेजी से कम किया जा सके।
इसके अलावा ‘टैको’ तकनीक के जरिए भी इलाज किया जा रहा है, जिसमें मरीज को तिरपाल में लपेटकर ठंडा किया जाता है। यह तकनीक गंभीर मरीजों के लिए काफी प्रभावी मानी जाती है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को वेंटिलेटर पर भी रखा जाता है।
अन्य अस्पताल जैसे Lok Nayak Hospital और Guru Teg Bahadur Hospital में भी हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। डॉक्टरों की टीम को अलर्ट पर रखा गया है और अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है।
इस बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। Devender Yadav ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया है कि हीट वेव से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि यदि तापमान 43 डिग्री तक पहुंचता है, तो आम जनता के लिए राहत के उपाय पर्याप्त नहीं हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले साल कूलिंग शेल्टर और पानी की व्यवस्था को लेकर जो घोषणाएं की गई थीं, वे जमीन पर लागू नहीं हो सकीं। खासकर झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों और खुले में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं, जिससे उनकी स्थिति और भी खराब हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में तेजी से बदलाव हो रहा है। पहले जहां लू मई और जून में चरम पर होती थी, अब वह अप्रैल में ही दिखने लगी है। यह बदलाव आने वाले समय के लिए गंभीर संकेत है और इससे निपटने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं की जरूरत है।
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और सिर को ढककर रखने की सलाह दी जा रही है। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि वे गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
फिलहाल, दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आने वाले दिनों में और अधिक गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, 25 और 26 अप्रैल को तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है, लेकिन यह राहत अस्थायी होगी। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें और खुद को इस भीषण गर्मी से सुरक्षित रखें।



