
दिनदहाड़े पिस्तौल तानकर कारोबारी से लूट: फैक्टरी गेट पर बदमाशों का हमला, शहर में दहशत
पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े उद्योगपति और ओसवाल पोलीपैक के मालिक सुनील जैन को पिस्तौल की नोक पर लूट लिया। वारदात उनकी फैक्टरी के बाहर हुई, जिससे पूरे कारोबारी जगत में डर और गुस्से का माहौल बन गया है।

घटना चीमा चौक स्थित आरके रोड की बताई जा रही है, जहां दो अज्ञात युवक बाइक पर सवार होकर पहुंचे और फैक्टरी के बाहर कार में बैठे कारोबारी को निशाना बना लिया। बताया जा रहा है कि यह वारदात इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बदमाश पलक झपकते ही नकदी लेकर फरार हो गए।
परिवार के अनुसार, सुनील जैन किसी काम से दोराहा गए थे और वहां से लौटकर फैक्टरी पहुंचे थे। वह कार में बैठे ही किसी से फोन पर बातचीत कर रहे थे कि अचानक बाइक सवार दो युवक कार के पास आकर रुके। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, एक बदमाश ने कार की विंडो झटके से खोल दी और पिस्तौल सीधे उनकी जांघ पर तान दी।
इस अचानक हमले से सुनील जैन बुरी तरह घबरा गए। बदमाशों ने उनसे नकदी देने को कहा। इसी दौरान उन्होंने कार स्टार्ट कर वहां से निकलने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस छीना-झपटी में कार के भीतर रखी करीब सवा दो लाख रुपये की नकदी नीचे गिर गई। मौके का फायदा उठाकर लुटेरे तुरंत पैसे समेटकर फरार हो गए।
घटना के बाद सुनील जैन सीधे घर नहीं गए बल्कि कुछ दूरी तक आगे जाकर रुके और परिवार को सूचना दी। जब वे दोबारा फैक्टरी लौटे तो बदमाश वहां से जा चुके थे। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।
सूचना मिलते ही थाना मोती नगर की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें पूरी वारदात कैद हो गई है। पुलिस ने फुटेज कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान करने का काम शुरू कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए फुटेज को तकनीकी टीम के पास भेजा गया है। साथ ही शहर के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर भी जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना ने शहर के कारोबारियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि जब उद्योगपति तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम व्यापारी कैसे खुद को सुरक्षित महसूस करें। दिनदहाड़े फैक्टरी के बाहर इस तरह की वारदात होना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है।
स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से लूट और छीना-झपटी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की गश्त और निगरानी में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा। कारोबारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक शहरों में नकदी का लेन-देन ज्यादा होने के कारण अपराधी ऐसे कारोबारियों को आसान निशाना मानते हैं। इसलिए पुलिस को औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा योजना लागू करनी चाहिए। फैक्ट्रियों के बाहर सीसीटीवी, गश्त और क्विक रिस्पॉन्स टीम की तैनाती से ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है।
साथ ही सुरक्षा विशेषज्ञों ने कारोबारियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। बड़ी रकम नकद ले जाने से बचने, बैंक ट्रांजेक्शन को प्राथमिकता देने और निजी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई जा रही है।
यह वारदात सिर्फ एक लूट नहीं, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चेतावनी मानी जा रही है। यदि दिनदहाड़े फैक्टरी गेट पर बदमाश पिस्तौल तान सकते हैं, तो यह स्पष्ट संकेत है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं कारोबारी समुदाय प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठा है। सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस कब तक इन बदमाशों को पकड़कर कानून के शिकंजे में लाती है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहरों में व्यापारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। जब तक अपराधियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे हमलों का डर बना रहेगा।



