
तीन दिन में उजड़ गई एक प्रेम कहानी: पति के बाद पत्नी ने भी लगाई फांसी, कुरुक्षेत्र की घटना ने किया भावुक
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एक युवा दंपति, जिसने कभी साथ जीने-मरने की कसमें खाईं थीं, उसने कुछ ही दिनों के अंतराल में अपनी जिंदगी खत्म कर ली। पहले पति ने आत्महत्या की और उसके तीन दिन बाद पत्नी ने भी फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। इस घटना ने न सिर्फ दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि समाज में बढ़ते मानसिक तनाव और रिश्तों की जटिलताओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामला कुरुक्षेत्र के सेक्टर-13 स्थित एक पीजी का है, जहां 21 वर्षीय मानसी उर्फ देवी रह रही थी। वह जींद जिले की निवासी थी और पिछले कुछ समय से अपने पति से अलग होकर यहां रह रही थी। मंगलवार सुबह जब मानसी अपने कमरे से बाहर नहीं निकली और दरवाजा अंदर से बंद रहा, तो पीजी संचालक को चिंता हुई। उसने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। संदेह होने पर उसने खिड़की से झांककर देखा, तो अंदर का नजारा देखकर वह स्तब्ध रह गया। मानसी का शव पंखे से लटका हुआ था।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और परिजनों को इसकी जानकारी दी। शुरुआती जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है, लेकिन पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मानसी के पति विक्रम (26) ने भी तीन दिन पहले आत्महत्या कर ली थी। विक्रम करनाल जिले के तरावड़ी क्षेत्र का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि दोनों ने करीब तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे उनके रिश्ते में खटास आने लगी।
पिछले कुछ महीनों से दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था। हालात इतने बिगड़ गए कि करीब एक महीने पहले मानसी कुरुक्षेत्र आकर अलग रहने लगी। वह एक पीजी में रहकर नौकरी की तलाश कर रही थी और अपनी जिंदगी को संभालने की कोशिश कर रही थी। दूसरी ओर, विक्रम भी अपनी पत्नी से अलग होने के बाद करनाल के गांव चौपड़ी में अपने ननिहाल चला गया था और वहां किराए के कमरे में रह रहा था।
कुछ दिन पहले विक्रम के कमरे से बदबू आने पर आसपास के लोगों को शक हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा, तो अंदर विक्रम का शव फंदे से लटका मिला। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया।
बताया जा रहा है कि विक्रम की आत्महत्या के बाद करनाल पुलिस ने मानसी को पूछताछ के लिए बुलाया था। विक्रम के परिजनों ने उस पर पैसे लेकर जाने का आरोप लगाया था। इन आरोपों और पुलिस पूछताछ के कारण मानसी मानसिक रूप से काफी दबाव में आ गई थी।
आत्महत्या से पहले मानसी ने अपने भाई को एक मैसेज भेजा, जिसमें उसने अपनी बेगुनाही जताई। उसने लिखा—“मैंने विक्रम के कोई पैसे नहीं लिए, अब ये सब सहा नहीं जा रहा।” इस संदेश से साफ जाहिर होता है कि वह मानसिक तनाव और आरोपों के बोझ से पूरी तरह टूट चुकी थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। हालांकि, दोनों घटनाओं को आपस में जोड़कर देखा जा रहा है और करनाल व कुरुक्षेत्र पुलिस मिलकर मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
यह घटना केवल एक परिवार की निजी त्रासदी नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के लिए भी एक चेतावनी है। आजकल रिश्तों में संवाद की कमी, आपसी समझ का अभाव और बढ़ता मानसिक दबाव लोगों को ऐसे खतरनाक कदम उठाने के लिए मजबूर कर रहा है। खासकर युवा दंपतियों के बीच छोटी-छोटी बातों का बड़ा विवाद बन जाना एक गंभीर समस्या बनती जा रही है।
मानसी और विक्रम की कहानी भी कुछ ऐसी ही है—एक प्रेम कहानी, जो शादी तक पहुंची, लेकिन समय के साथ गलतफहमियों और तनाव ने इसे एक दर्दनाक अंत तक पहुंचा दिया। अगर समय रहते दोनों के बीच बातचीत होती, परिवार या दोस्तों का सहारा मिलता या किसी विशेषज्ञ की मदद ली जाती, तो शायद आज यह स्थिति न बनती।
फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की सच्चाई तक पहुंचने के लिए जांच में जुटी हुई है। वहीं, दोनों परिवार इस गहरे सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन यह घटना एक ऐसा जख्म छोड़ गई है, जिसे भरना आसान नहीं होगा।
यह दुखद घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि जिंदगी की समस्याओं का समाधान आत्महत्या नहीं है। जरूरत है समझदारी, धैर्य और समय पर सही मदद लेने की, ताकि किसी और की जिंदगी इस तरह अधूरी न रह जाए।



