
जमीन के नीचे छिपा खौफनाक राज—जालंधर में पांच महीने बाद मिला हत्या का सुराग, घर से बरामद हुआ शव
पंजाब के जालंधर जिले में सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। एक व्यक्ति की हत्या कर उसके शव को घर के भीतर ही दफनाने का मामला सामने आया है, जो करीब पांच महीने तक रहस्य बना रहा। आरोपी इस दौरान बेखौफ घूमता रहा, लेकिन अंततः पुलिस की जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सच सामने आ ही गया। इस खुलासे ने न केवल स्थानीय लोगों को चौंका दिया, बल्कि अपराध की भयावहता को भी उजागर कर दिया।

मृतक की पहचान 45 वर्षीय अमरजीत सिंह के रूप में हुई है, जो नवंबर 2025 से लापता था। परिवार ने शुरू में उसकी गुमशुदगी को सामान्य समझकर खुद ही तलाश शुरू की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत एक अप्रैल को मृतक के भतीजे अमनप्रीत सिंह ने थाना सदर नकोदर में दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
शिकायत में बताया गया कि अमरजीत सिंह पिछले करीब 20 वर्षों से गुरदेव सिंह नामक व्यक्ति के साथ काम करता था। दोनों के बीच लंबे समय से संबंध थे, लेकिन इसी संबंध के पीछे एक खौफनाक साजिश छिपी थी, जिसका खुलासा अब हुआ है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आधुनिक तकनीकों की मदद से संदिग्धों की पहचान की। मोबाइल कॉल डिटेल्स, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गुरदेव सिंह तक पहुंची। जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में सख्ती के आगे टूट गया।
आरोपी ने कबूल किया कि 13 नवंबर 2025 को उसने अमरजीत सिंह की हत्या कर दी थी। हत्या के पीछे का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस का मानना है कि दोनों के बीच किसी प्रकार का विवाद हुआ था, जो इस घटना का कारण बना।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए बेहद चौंकाने वाला तरीका अपनाया। उसने अपने घर में बाथरूम के पास करीब 5-6 फीट गहरा गड्ढा खोदा और शव को प्लास्टिक के बोरे में डालकर उसमें दफना दिया। इसके बाद उसने गड्ढे को इस तरह से भर दिया कि किसी को शक न हो।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी पांच महीने तक उसी घर में रहता रहा, जहां उसने शव को दफनाया था। इस दौरान वह सामान्य जीवन जीता रहा और किसी को भी इस बात की भनक नहीं लगने दी कि उसके घर के अंदर एक हत्या का राज दफन है।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घर की खुदाई करवाई। खुदाई के दौरान जैसे ही जमीन के अंदर से प्लास्टिक में लिपटा शव बरामद हुआ, वहां मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए। यह दृश्य इतना भयावह था कि लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। डॉक्टरों के एक विशेष बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। साथ ही, डीएनए जांच के जरिए शव की पहचान की पुष्टि भी की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा, ताकि उससे और पूछताछ की जा सके। यह भी जांच की जा रही है कि इस हत्या में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक व्यक्ति इतने लंबे समय तक एक हत्या को छिपाकर सामान्य जीवन कैसे जी सकता है। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि अपराधी कितने शातिर और योजनाबद्ध तरीके से काम कर सकते हैं।
मृतक के परिवार के लिए यह घटना किसी सदमे से कम नहीं है। वे पिछले कई महीनों से अपने प्रियजन की तलाश में थे, लेकिन अब जब सच्चाई सामने आई है, तो उनका दुख और गहरा हो गया है। परिवार ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ की जा रही है और जल्द ही सभी पहलुओं को स्पष्ट कर दिया जाएगा। साथ ही, आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए मजबूत साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
यह घटना हमें यह भी सिखाती है कि समाज में सतर्कता और जागरूकता कितनी जरूरी है। यदि समय रहते किसी संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान दिया जाए, तो शायद इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।
कुल मिलाकर, जालंधर में सामने आया यह मामला केवल एक हत्या की घटना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा उदाहरण है, जो समाज को सोचने पर मजबूर करता है। यह हमें यह एहसास दिलाता है कि अपराध कहीं भी और किसी के द्वारा किया जा सकता है, इसलिए हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए।



