हिमाचल प्रदेश

चंबा में युवक की संदिग्ध मौत पर बवाल, फौजी भाई ने उठाए सवाल

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में 35 वर्षीय युवक सोनू की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके का माहौल गरमा दिया है। बरौर पंचायत के चमीणु गांव में सड़क किनारे नाले से युवक का शव मिलने के बाद परिजन और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। परिवार इस घटना को दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बता रहा है, जबकि पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसी को लेकर मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई है।

घटना के दो दिन बाद सोमवार को मामला उस समय और तूल पकड़ गया, जब मृतक का बड़ा भाई अनिल कुमार, जो सेना में जवान है, वर्दी पहनकर सीधे चंबा मुख्यालय के मुख्य चौक पर धरने पर बैठ गया। उसके साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी एकत्र हो गए। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि करीब डेढ़ घंटे तक मुख्य चौक पर चक्का जाम रहा और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिनमें स्कूल बसें भी फंसी रहीं।

परिजनों का कहना है कि सोनू की मौत किसी हादसे का परिणाम नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि गांव में चल रहे सड़क निर्माण विवाद के चलते पहले से ही सोनू को धमकियां मिल रही थीं। परिवार के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में पुलिस और प्रशासन को पहले भी अवगत कराया था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब जब युवक की लाश मिली है तो उन्हें पूरा संदेह है कि यह हत्या का मामला है।

धरने के दौरान फौजी भाई अनिल कुमार ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परिवार पिछले कई सालों से सरकारी जमीन पर सड़क निर्माण के मुद्दे को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहा था। सड़क के निर्माण को लेकर कुछ लोगों से विवाद भी चल रहा था। अनिल का दावा है कि इसी रंजिश के कारण उनके भाई को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पुलिस ने शिकायतों पर कार्रवाई की होती तो आज उनके भाई की जान बच सकती थी।

अनिल कुमार ने खुलकर कहा कि उन्हें मामले में निष्पक्ष जांच नहीं दिख रही है। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि उनके पास कुछ वीडियो सबूत भी हैं, जिनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए यहां तक कह दिया कि यदि प्रशासन कार्रवाई करने में असमर्थ है तो उन्हें “पावर” दी जाए, वह खुद अपने भाई को इंसाफ दिला लेंगे। उनके इस बयान ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने भी पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि चंबा शांतिप्रिय इलाका माना जाता है, लेकिन इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पांच संदिग्ध लोगों के नाम सामने आने के बावजूद अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे लोगों का भरोसा डगमगा रहा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने निष्पक्ष और गहन जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ और यातायात बहाल कराया गया। हालांकि परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और सख्त कार्रवाई नहीं दिखती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो सोनू (35), जो छमैरी गांव का निवासी था, का शव बीते शुक्रवार रात को नाले में मिला था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसका मोबाइल फोन शव से काफी दूर बरामद हुआ। इसी आधार पर परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। उनका कहना है कि यदि यह दुर्घटना होती तो मोबाइल इतनी दूरी पर कैसे मिलता।

परिवार का यह भी दावा है कि 14 जनवरी 2026 को सोनू ने धमकियों को लेकर 1100 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए। मृतक के भाई ने जांच अधिकारी पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है और कहा है कि शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।

ग्रामीणों के अनुसार विवाद की जड़ गांव में प्रस्तावित सड़क है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था और सड़क निर्माण का विरोध कर रहे थे। वहीं मृतक पक्ष का कहना है कि उन्हें विधिवत अनुमति मिल चुकी थी और ग्रामीणों के सहयोग से चंदा जुटाकर सड़क बनाई जा रही थी। इसी को लेकर तनाव बढ़ा और अब यह मामला संदिग्ध मौत तक पहुंच गया।

फिलहाल पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और जांच जारी होने की बात कही जा रही है। पूरे जिले की नजर अब इस बात पर टिकी है कि पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं। यदि हत्या के प्रमाण मिलते हैं तो पुलिस पर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दबाव और बढ़ सकता है।

यह मामला केवल एक संदिग्ध मौत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। परिजनों की मांग है कि सच सामने आए और दोषियों को कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अब देखना होगा कि पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और सोनू की मौत की गुत्थी कब सुलझती है।

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