
गाजियाबाद पर कम होगा बिजली का दबाव, शाहबेरी की सप्लाई अब स्थानीय स्तर से
गाजियाबाद में बिजली व्यवस्था सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गौतमबुद्धनगर के शाहबेरी क्षेत्र को 20 मई के बाद गाजियाबाद के सुदामापुरी बिजलीघर से बिजली नहीं मिलेगी। शाहबेरी में बने नए 20 एमवीए बिजलीघर के चालू होते ही वहां की सप्लाई स्थानीय स्तर से शुरू हो जाएगी। इससे गाजियाबाद के हजारों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

अब तक शाहबेरी की बिजली जरूरतें गाजियाबाद से पूरी की जाती थीं। इस वजह से सुदामापुरी बिजलीघर पर लगातार अतिरिक्त दबाव बना रहता था। गर्मी में जब बिजली की मांग बढ़ती थी, तब कई इलाकों में ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग की समस्या बढ़ जाती थी।
विद्युत निगम के अधिकारियों के मुताबिक शाहबेरी को दो फीडरों के जरिए बिजली दी जाती थी। इससे गाजियाबाद के स्थानीय उपभोक्ताओं की सप्लाई प्रभावित होती थी। कई बार तकनीकी खराबियों के चलते लंबे समय तक बिजली बाधित रहती थी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद गाजियाबाद के अकबरपुर-बहरामपुर और बागू जैसे इलाकों में बिजली सप्लाई बेहतर होगी। विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में करीब 20 हजार उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने से कटौती में कमी आएगी और लोगों को स्थिर सप्लाई मिल सकेगी।
मुख्य अभियंता पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि शाहबेरी का नया बिजलीघर पूरी तरह तैयार है और जल्द ही इसे लोड पर लिया जाएगा। इसके शुरू होते ही दूसरे जिले पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। साथ ही गाजियाबाद के बिजली सिस्टम पर भी दबाव कम होगा।
उन्होंने कहा कि पिछले काफी समय से कुछ इलाकों में जरूरत से ज्यादा लोड होने की समस्या बनी हुई थी। इससे बार-बार फाल्ट और ट्रिपिंग की शिकायतें आती थीं। अब बिजली वितरण संतुलित होने से ऐसी समस्याओं में कमी आएगी।
बिजली विभाग का यह फैसला ऐसे समय आया है जब गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। लोग बेहतर सप्लाई की उम्मीद कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह स्थानीय स्तर पर बिजलीघर विकसित किए जाते रहे तो भविष्य में बड़े शहरों में बिजली संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
गाजियाबाद में हाल के दिनों में बिजली कटौती, स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिलों को लेकर लोगों में नाराजगी थी। ऐसे में शाहबेरी की सप्लाई अलग होना राहत भरी खबर मानी जा रही है। विभाग का दावा है कि नई व्यवस्था से बिजली आपूर्ति पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनेगी।



