
कॉलेज के बाहर मनचलों की हरकत पर सख्त एक्शन, महिला पुलिस ने तीन युवकों को दबोचा
हरियाणा के हिसार जिले में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रियता एक बार फिर देखने को मिली है। शहर के एक कॉलेज के बाहर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ कर रहे तीन युवकों को महिला पुलिस टीम ने मौके पर ही पकड़ लिया। यह कार्रवाई न केवल त्वरित थी, बल्कि इसने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अब सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ बदसलूकी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

दरअसल, जिला पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत महिला समर्पित टीम नियमित रूप से स्कूलों, कॉलेजों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गश्त कर रही है। इसी क्रम में सब-इंस्पेक्टर ममता अपनी टीम के साथ शहर के एक कॉलेज के पास निगरानी कर रही थीं। गश्त के दौरान उनकी नजर तीन युवकों पर पड़ी, जो कॉलेज के मुख्य द्वार के सामने खड़े होकर वहां आने-जाने वाली छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि ये युवक छात्राओं पर फब्तियां कस रहे थे और अश्लील इशारे कर रहे थे, जिससे वहां का माहौल असहज हो गया था। कई छात्राएं इन हरकतों से परेशान थीं, लेकिन डर के कारण खुलकर विरोध नहीं कर पा रही थीं। हालांकि, महिला पुलिस टीम की मौजूदगी ने स्थिति को जल्द ही बदल दिया।
महिला पुलिस ने बिना समय गंवाए तुरंत मौके पर पहुंचकर तीनों युवकों को पकड़ लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से छात्राओं को राहत मिली और वहां मौजूद लोगों ने भी इस कदम की सराहना की। पकड़े गए युवकों को थाने ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 172 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और उन्हें हवालात में रखा गया है। इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया है कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को अब हल्के में नहीं लिया जाएगा।
इस मामले पर जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि महिला सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। उन्होंने बताया कि जिले में कई जगहों पर महिला पुलिस की विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो सादी वर्दी में भी गश्त करती हैं। इसका उद्देश्य ऐसे असामाजिक तत्वों को पकड़ना है, जो खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाने की कोशिश करते हैं।
एसपी ने यह भी कहा कि छात्राओं और महिलाओं को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1091 या 112 पर संपर्क करना चाहिए। पुलिस हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे ऐसे मामलों में चुप न रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। कॉलेज के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अक्सर कॉलेज के बाहर कुछ शरारती तत्व छात्राओं को परेशान करते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ता है। उन्होंने महिला पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से छात्राओं का मनोबल बढ़ेगा और वे खुद को सुरक्षित महसूस करेंगी।
वहीं, अभिभावकों ने भी इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बेटियों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है, लेकिन जब पुलिस इस तरह सक्रिय नजर आती है तो भरोसा मजबूत होता है। उन्होंने मांग की कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी रहनी चाहिए।
सामाजिक दृष्टिकोण से देखें तो इस तरह की घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं हैं, बल्कि यह समाज की सोच को भी दर्शाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में बढ़ती ऐसी प्रवृत्तियों को रोकने के लिए परिवार और शिक्षण संस्थानों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। सही शिक्षा और जागरूकता के जरिए ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
महिला सुरक्षा को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। नियमित गश्त, सादी वर्दी में तैनाती और हेल्पलाइन सेवाओं के जरिए महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने की कोशिश की जा रही है। हिसार में हुई यह कार्रवाई उसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
इस घटना ने यह भी साबित कर दिया कि अगर पुलिस सतर्क और मुस्तैद हो, तो अपराधियों के हौसले अपने आप पस्त हो जाते हैं। महिला पुलिस टीम की तत्परता और सूझबूझ ने एक बड़ी समस्या को समय रहते खत्म कर दिया।
कुल मिलाकर, हिसार में हुई यह घटना एक सख्त संदेश देती है कि अब समाज में महिलाओं के प्रति किसी भी तरह की बदसलूकी को सहन नहीं किया जाएगा। कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को उनके कृत्य का परिणाम भुगतना ही पड़ेगा। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई ही सबसे बड़ा निवारक उपाय है, और हिसार पुलिस ने इसे बखूबी साबित किया है।



