
उचाना में रोका बिजली हाईटेंशन लाइन का काम किसान नेता आजाद पालवां। मुआवजे को लेकर लोगों में रोष; SDO ने लिखित में दिया, तब माने
उचाना में रोका बिजली हाईटेंशन लाइन का काम किसान नेता आजाद पालवां। मुआवजे को लेकर लोगों में रोष; SDO ने लिखित में दिया, तब माने
उचाना में रोका बिजली हाईटेंशन लाइन का काम किसान नेता आजाद पालवां।
मुआवजे को लेकर लोगों में रोष; SDO ने लिखित में दिया, तब माने
रिपोर्टर जींद नरवाना ( विरेन्द्र शर्मा)
जींद से नरवाना तक बिछाई जा रही हाईटेंशन बिजली लाइन का कार्य उचाना में किसानों और कॉलोनीवासियों के विरोध के चलते दो घंटे तक बाधित रहा।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिजली टावरों के लिए तो मुआवजा दिया गया है, लेकिन तारों के नीचे आने वाली जमीन का मुआवजा बहुत कम तय किया गया है।किसान नेता आजाद पालवां ने बताया कि तारों के नीचे की जमीन के मुआवजे को लेकर संशय बना हुआ था। किसानों और कॉलोनी वासियों ने काम रुकवाकर प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगा। सूचना मिलने पर एचवीपीएनएल के एसडीओ संजय कुमार और जेई मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि तारों के नीचे आने वाली जमीन के लिए कलेक्टर रेट का 30 प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा।
लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसानों और कॉलोनीवासियों ने काम फिर से शुरू करने की अनुमति दी
लेकिन किसानों ने कहा-30 प्रतिशत
मुआवजा बहुत कम है
किसानों ने सरकार से मांग की
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपील की कि 30 प्रतिशत मुआवजा बहुत कम है और उन्हें पूरी कीमत दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जहां बिजली टावर खड़े किए गए हैं, वहां कलेक्टर रेट का दोगुना मुआवजा दिया जाए, क्योंकि ऐसे स्थानों पर जमीन की कीमत आधी से भी कम रह जाती है। कॉलोनी वासियों ने बस्ती से बाहर ला ईन निकलने की मांग भी कि हाईटेंशन लाइन से अनेकों बार अनहोनी घटना हो जाती है।
किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि 1963 में जब पहली बार बड़ी बिजली लाइनें बिछाई गई थीं, तब न तो तारों के नीचे की जमीन का और न ही पोल खड़े करने वाली जगह का कोई मुआवजा दिया गया था। अब सरकार को किसानों के हित में पारदर्शी नीति अपनानी चाहिए।
एचवीपीएनएल अधिकारियों ने दी तकनीकी जानकारी
एचवीपीएनएल कंस्ट्रक्शन के एसडीओ संजय कुमार ने बताया कि जींद से नरवाना तक हाईटेंशन लाइन का काम जारी है। पहले यह लाइन रेलिंग पोल पर लगाई गई थी, जिनकी ऊंचाई कम थी। अब नए पोल 250 से 300 मीटर की दूरी पर लगाए जा रहे हैं, जबकि पहले यह दूरी 90 मीटर थी। तारों की ऊंचाई भी बढ़ाकर 60 फीट कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि 10 जुलाई 2024 को सरकार ने नई मुआवजा नीति लागू की थी, जिसके तहत जहां पोल खड़े होंगे और जहां से लाइन गुजरेगी, वहां मुआवजा दिया जाएगा
एस डी ओ विधुत विभाग
संजय धीमान
उचाना में हाईटेंशन लाइन का काम रोक कर विरोध प्रदर्शन कर मुआवजा बारें मांग करते हुए। बिजली विभाग अधिकारीयों द्वारा लिखित आश्वासन के बाद ही समझौता हुआ।

