
हांसी में दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर की नृशंस हत्या का पर्दाफाश, गहनों की लालच में रची गई थी खौफनाक साजिश; एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
हरियाणा के हांसी शहर में पॉश कॉलोनी के भीतर हुई प्रॉपर्टी डीलर की जघन्य हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए सनसनीखेज सच सामने रखा है। जांच में यह बात स्पष्ट हुई है कि 65 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर सुभाष मलिक की हत्या किसी पुरानी रंजिश या आपसी विवाद के कारण नहीं, बल्कि महज सोने की चेन, अंगूठी और कड़ा लूटने की नीयत से की गई थी। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके तीन साथी अभी भी फरार हैं।

पॉश एरिया में हुई वारदात से दहला शहर
मंगलवार को हांसी के सेक्टर-6 इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रॉपर्टी डीलर सुभाष मलिक का शव उनके कार्यालय के भीतर खून से लथपथ हालत में मिला। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। सिर और चेहरे पर गोली के निशान और तेजधार हथियार से किए गए कई वार इस बात की गवाही दे रहे थे कि हत्या बेहद बेरहमी से की गई।
पत्नी के सामने आया भयावह मंजर
घटना का खुलासा तब हुआ, जब सुभाष मलिक की पत्नी सुबह करीब 11 बजे उन्हें बुलाने के लिए उनके कार्यालय पहुंचीं। दरवाजा खोलते ही जो दृश्य सामने आया, उसने उन्हें सदमे में डाल दिया। कार्यालय के भीतर सुभाष मलिक का शव फर्श पर पड़ा था और चारों ओर खून फैला हुआ था। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
लूट के इरादे से रची गई थी पूरी योजना
शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी गुरमीत ने अपने तीन साथियों पवन, महेंद्र और संजू के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। चारों ने पहले से योजना बनाई थी कि वे सुभाष मलिक से सोने की चेन, अंगूठी और कड़ा लूटेंगे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को लगा था कि उम्रदराज होने के कारण सुभाष मलिक ज्यादा विरोध नहीं करेंगे, लेकिन जब उन्होंने लूट का विरोध किया तो आरोपियों ने गोली चला दी और तेजधार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी।
सैलून संचालक निकला मास्टरमाइंड
इस मामले में गिरफ्तार किया गया आरोपी गुरमीत प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय के पास ही सैलून चलाता था। वह मूल रूप से रोहतक के भैणी महाराजपुर गांव का निवासी है। पुलिस को शक है कि आसपास रहने और रोजाना सुभाष मलिक की गतिविधियों पर नजर रखने के कारण उसी ने पूरी साजिश रची।
गिरफ्तारी से बचने के लिए फ्लाईओवर से कूदा
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जब स्पेशल स्टाफ की टीम गुरमीत को पकड़ने पहुंची, तो वह भागने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान उसने शेखपुरा फ्लाईओवर से नीचे छलांग लगा दी, जिससे उसकी एक टांग में फ्रैक्चर हो गया। घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल वह पुलिस रिमांड पर नहीं लिया जा सका है, लेकिन ठीक होते ही उससे गहन पूछताछ की जाएगी।
तीन आरोपी अभी भी फरार
गुरमीत के तीन अन्य साथी—पवन, महेंद्र और संजू—मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली क्रूरता की परतें
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुभाष मलिक के सिर और चेहरे पर करीब 12 गहरे घाव पाए गए हैं। इनमें गोली लगने के निशान और तेजधार हथियार से किए गए वार शामिल हैं। इससे साफ है कि आरोपियों ने उन्हें जिंदा रहने का कोई मौका नहीं दिया।
सम्मानित परिवार, तीनों बेटे सरकारी सेवा में
सुभाष मलिक सेवानिवृत्त पंचायत अधिकारी थे और समाज में उनकी एक साफ-सुथरी छवि थी। उनके तीन बेटे हैं और तीनों सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं। उनके बेटे अमन, जो पंचायती राज विभाग में जूनियर इंजीनियर हैं, की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।
परिजनों को नहीं था किसी पर शक
परिजनों ने बताया कि सुभाष मलिक का किसी से कोई विवाद नहीं था और उन्होंने कभी किसी दुश्मनी की आशंका भी नहीं जताई थी। ऐसे में लूट की नीयत से की गई यह हत्या पूरे परिवार के लिए अकल्पनीय है।
पुलिस का दावा—जल्द होगी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
दिनदहाड़े हुई इस नृशंस हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि लालच और अपराध की प्रवृत्ति किस हद तक लोगों को इंसानियत से दूर ले जा रही है।

