
हाईवे किनारे मिला पूर्व प्रधान का शव, हत्या की आशंका में बवाल
बुलंदशहर जिले के छतारी थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब गांव बुढ़ासी के पूर्व प्रधान गंगाशरण उर्फ बिन्नमी सिंह का शव अलीगढ़-अनूपशहर हाईवे किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शुक्रवार सुबह किंग होटल के पास उनका शव पड़ा होने की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और हत्या की आशंका जताते हुए जमकर हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने हाईवे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन भी किया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया।

मृतक गंगाशरण उर्फ बिन्नमी सिंह (45) गांव बुढ़ासी के निवासी थे और पूर्व में प्रधान पद पर रह चुके थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर शाम वह घर से यह कहकर निकले थे कि अलीगढ़ में चल रही नुमाइश देखने जा रहे हैं। वह अपनी बाइक से घर से रवाना हुए थे। परिजनों के अनुसार, देर रात तक उनके घर न लौटने पर परिवार को चिंता होने लगी थी, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि वह नुमाइश से देर से लौट सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, गंगाशरण ने हाईवे पर एक दुकान के पास अपनी बाइक खड़ी की थी और वहां से पैदल किसी दिशा में चले गए थे। बताया जाता है कि शुक्रवार तड़के करीब चार बजे वह वापस लौटे और बाइक लेकर घर की ओर रवाना हो गए। लेकिन इसके बाद क्या हुआ, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
सुबह करीब छह बजे कुछ राहगीरों ने किंग होटल के पास हाईवे किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा देखा। पास जाकर पहचान करने पर पता चला कि वह गंगाशरण हैं। उनकी बाइक भी घटनास्थल के पास ही पड़ी थी। यह सूचना तेजी से गांव में फैल गई। परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और शव की स्थिति देखकर हत्या की आशंका जताने लगे। उनका कहना था कि यह महज सड़क हादसा नहीं हो सकता, बल्कि सुनियोजित तरीके से हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंका गया है, ताकि इसे दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
घटना से आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। पहले उन्होंने थाने पहुंचकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बाद सुबह करीब आठ बजे अलीगढ़-अनूपशहर हाईवे पर किंग होटल के पास धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौके की गंभीरता को देखते हुए खुर्जा क्षेत्राधिकारी शोभित कुमार पहासू और शिकारपुर सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। वे मामले की गहन जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता कर भरोसा दिलाया कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। पुलिस ने आश्वासन दिया कि यदि किसी प्रकार की साजिश या हत्या के संकेत मिलते हैं, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष व पारदर्शी जांच के निर्देश दिए। विधायक के आश्वासन और प्रशासन की समझाइश के बाद ग्रामीणों का आक्रोश कुछ शांत हुआ। करीब दो घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद सुबह लगभग दस बजे जाम समाप्त कर दिया गया और यातायात बहाल हो सका।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा होगा। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गंगाशरण के साथ कोई और व्यक्ति तो नहीं था या किसी वाहन से टक्कर की घटना हुई है।
गांव बुढ़ासी में इस घटना के बाद शोक और तनाव का माहौल है। पूर्व प्रधान होने के कारण गंगाशरण की गांव में पहचान और सामाजिक प्रभाव था। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी किसी से खुली रंजिश की जानकारी नहीं है, फिर भी अचानक इस तरह मौत होना कई सवाल खड़े करता है।
फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि अफवाहों से बचें और जांच पूरी होने तक धैर्य रखें। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह दुर्घटना थी या किसी साजिश का परिणाम। तब तक पूरे इलाके की निगाहें इस मामले की जांच पर टिकी हुई हैं।



