
हरिमंदिर साहिब के सरोवर में कुल्ला करने वाला युवक गिरफ्तार, एसजीपीसी ने पुलिस को दी शिकायत; केस दर्ज
अमृतसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की शिकायत पर हरिमंदिर साहिब के सरोवर में अपवित्र कृत्य करने वाले युवक के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह घटना धार्मिक और सामाजिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है, क्योंकि हरिमंदिर साहिब का सरोवर सिख धर्म के अनुयायियों के लिए पवित्र स्थान है
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घटना की जानकारी शनिवार को सामने आई थी, जब निहंग सिंहों की एक टीम ने गाजियाबाद में आरोपी युवक सुभान रंगरेज़ के साथ मारपीट की और उसे वहां की पुलिस के हवाले किया। इसके बाद एसजीपीसी ने भी तुरंत पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना ई-डिवीजन में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 298 के तहत प्राथमिकी दर्ज की। यह धारा किसी भी धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से धार्मिक स्थल, पवित्र स्थान या पवित्र वस्तु को अपवित्र करने से संबंधित है।
एसजीपीसी की शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने सरोवर की पवित्रता को ठेस पहुंचाया, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुईं। इस घटना ने धार्मिक अनुयायियों के बीच गहरा आक्रोश पैदा कर दिया।
पुलिस ने मामले की जांच तुरंत शुरू कर दी है। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि सबूतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
घटना के बाद प्रशासन ने हरिमंदिर साहिब और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी है। श्रद्धालुओं और आम लोगों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है।
एसजीपीसी के अधिकारियों ने बताया कि पवित्र सरोवर की सुरक्षा और पवित्रता बनाए रखना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों की किसी भी परिस्थितियों में अनुमति नहीं दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अमृतसर पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक की पहचान कर ली गई है और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि घटना के समय सरोवर में कौन-कौन मौजूद थे और उसने यह कृत्य किस तरह किया।
इस मामले ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने और वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर ध्यान खींचा है। पुलिस और एसजीपीसी दोनों ही घटनाओं पर नजर रखे हुए हैं और आश्वस्त कर रहे हैं कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ होगी।
यह मामला सिख धर्म के अनुयायियों के लिए संवेदनशील होने के साथ-साथ पूरे समाज में धार्मिक स्थलों की पवित्रता और वहां के अनुशासन के महत्व को उजागर करता है।


