
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई अहम गतिविधियां और घटनाएं देखने को मिलीं। जहां एक ओर भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक ताकत का भव्य प्रदर्शन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय तनाव, राजनीतिक विवाद और हादसों की खबरें भी सुर्खियों में बनी हुई हैं।

गणतंत्र दिवस समारोह के तहत केंद्र सरकार ने इस वर्ष भी लाल किले के ऐतिहासिक प्रांगण में ‘भारत पर्व’ का आयोजन किया है। यह छह दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक और पर्यटन महोत्सव 26 जनवरी से शुरू होकर 31 जनवरी तक चलेगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसका उद्घाटन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देशवासियों और विदेशी पर्यटकों को भारत की सांस्कृतिक, कलात्मक, पाक और आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित कराना है।
भारत पर्व के दौरान विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 41 झांकियां प्रदर्शित की जा रही हैं। इन झांकियों में देश की विविधता, लोक परंपराएं और विकास की झलक देखने को मिलती है। लोकनृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेना और अर्धसैनिक बलों के बैंड शो, हस्तशिल्प के स्टॉल और राज्यों के पर्यटन पवेलियन महोत्सव को खास बना रहे हैं। बिहार की ओर से मखाना उद्योग पर आधारित झांकी इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र है, जो राज्य की पहचान और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर रही है। आम लोगों के लिए यह महोत्सव पूरी तरह नि:शुल्क है। इस वर्ष भारत पर्व का आयोजन “वंदे मातरम” की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया जा रहा है, जिससे इसका ऐतिहासिक महत्व और बढ़ गया है।
गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की भागीदारी भी खास रही। दिल्ली में 24 और 25 जनवरी को आयोजित ग्लोबल बौद्ध समिट में शामिल 40 देशों के बौद्ध भिक्षु और भिक्षुणियां इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर ‘सम्मानित अतिथि’ के रूप में आमंत्रित किए गए हैं। इंटरनेशनल बौद्ध कन्फेडरेशन और संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का विषय था – “साझा बुद्धिमत्ता, एकीकृत आवाज और सहयोगपूर्ण सहअस्तित्व”। सम्मेलन का उद्देश्य विश्व में शांति, करुणा, सामाजिक समरसता और पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देना रहा। आईबीसी के सचिव जनरल वेन शार्त्से खेनसुर रिनपोचे जांगचुप चोडेन ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय पर्व के जरिए दुनिया को शांति और सहअस्तित्व का संदेश दे रहा है।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय हालात का असर विमानन सेवाओं पर भी पड़ा है। निजी एयरलाइन इंडिगो ने ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए कई देशों के लिए उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द करने का फैसला किया है। त्बिलिसी, अल्माटी, बाकू और ताशकंद के लिए 26, 27 और 28 जनवरी की सभी उड़ानें रद्द की गई हैं। एयरलाइन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और ईरानी हवाई क्षेत्र में मौजूदा स्थिति के कारण वैकल्पिक मार्ग अपनाने पर उड़ानों में ज्यादा समय और ईंधन खर्च होने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर साफ दिखाई दे रहा है।
देश के राजनीतिक परिदृश्य में भी गणतंत्र दिवस के आसपास गतिविधियां तेज रहीं। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर तृणमूल कांग्रेस ने कई जिलों में विरोध रैलियां निकालीं। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद भी बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं किए जा रहे हैं। राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने निर्वाचन आयोग पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में लापरवाही का आरोप लगाया। दूसरी ओर, भाजपा ने युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए। पूर्व त्रिपुरा मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने बंगाल में मतदाताओं के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।
वहीं, देश के अलग-अलग हिस्सों से कई दुखद घटनाएं भी सामने आईं। तेलंगाना के मेडचल-मलकाजगिरि जिले में एक महिला छात्रावास में एसी ब्लास्ट के कारण आग लग गई, जिससे छह छात्राएं बेहोश हो गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। निजामाबाद जिले में ड्रग्स तस्करों द्वारा एक महिला आबकारी कांस्टेबल को कार से कुचलने की घटना ने सभी को झकझोर दिया। गंभीर रूप से घायल कांस्टेबल की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उनकी एक किडनी निकालनी पड़ी।
हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में एक फर्नीचर दुकान में लगी भीषण आग में दो बच्चों और एक बुजुर्ग महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई। जांच में सामने आया कि इमारत के तलघर में अवैध रूप से ज्वलनशील सामग्री रखी गई थी, जिसके कारण आग तेजी से फैली। पुलिस ने अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप में दुकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा बलों ने मणिपुर में विस्फोटक के साथ दो उग्रवादियों को गिरफ्तार कर बड़ी साजिश को नाकाम किया। वहीं असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 फरवरी को राज्य के दौरे पर रहेंगे और कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
कुल मिलाकर, गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत एक ओर सांस्कृतिक उत्सव और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का संदेश दे रहा है, तो दूसरी ओर राजनीतिक बहस, सुरक्षा चुनौतियां और दुखद हादसे भी देश की मौजूदा वास्तविकताओं को सामने ला रहे हैं।
