
वैलेंटाइन डे पर प्रेमिका की हत्या का खुलासा, एआई फोटो से पकड़े गए आरोपी
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में वैलेंटाइन डे के दिन हुई युवती की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। यह सनसनीखेज वारदात सिमरिया गांव की बताई जा रही है, जहां 14 फरवरी को तनु चक्रवर्ती की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। वहीं मृतका के परिजन आरोपियों को फांसी देने की मांग पर अड़े हुए हैं।

शादी में जाने की बात कहकर निकली थी तनु
पुलिस जांच के मुताबिक, तनु चक्रवर्ती 14 फरवरी को अपने घर से यह कहकर निकली थी कि वह एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही है। परिवार को उस समय जरा भी अंदेशा नहीं था कि यह उसकी आखिरी विदाई साबित होगी। देर रात तक जब तनु घर नहीं लौटी और उसका मोबाइल फोन भी बंद मिला, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। अगले दिन उसका शव मिलने से पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
प्रेमी ने साथियों संग रची साजिश
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी योगेश उर्फ ईशु ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात की साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार, योगेश अपने तीन साथियों के साथ तनु को बहाने से घटनास्थल पर ले गया। वहां किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद आरोपियों ने मिलकर पहले तनु का गला दबाया और फिर पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि तनु आरोपी योगेश पर शादी का दबाव बना रही थी। आरोपी उससे पीछा छुड़ाना चाहता था और इसी वजह से उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दे दिया।
ब्लाइंड मर्डर को एआई फोटो ने सुलझाया
इस हत्याकांड की शुरुआत में पुलिस के सामने यह एक ब्लाइंड मर्डर केस था। मृतका की पहचान और आरोपियों तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। इसी दौरान पुलिस ने मृतका की एआई जनरेटेड फोटो तैयार कर उसे विभिन्न थानों और माध्यमों से साझा किया। इस तकनीक की मदद से पुलिस को अहम सुराग मिले।
इसके बाद तिलवारा और पाटन थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी योगेश उर्फ ईशु सहित उसके दो साथियों—पंकज बर्मन और राजा उर्फ अंकित श्रीवास—को गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य आरोपी की तलाश अभी जारी है।
परिवार ने सौंपा आपत्तिजनक वीडियो
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब मृतका के परिजन गढ़ा थाने पहुंचे और पुलिस को एक वीडियो सौंपा। परिजनों का आरोप है कि इस वीडियो में तीन युवक नजर आ रहे हैं, जिन्होंने कथित रूप से तनु के अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
पुलिस ने बताया कि वीडियो प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक प्रतीत हो रहा है और इसे लेकर आईटी एक्ट के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो किसने वायरल किया। इस संबंध में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
पहले भी शिकायत करने पहुंची थी युवती
जांच के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। सामने आया है कि हत्या से पहले तनु ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने के कई चक्कर लगाए थे, लेकिन उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।
इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए पुलिस अधीक्षक ने गढ़ा थाने में पदस्थ एएसआई राजेश पटेल को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भाई ने बताई पूरी कहानी
मृतका के भाई सागर चक्रवर्ती ने बताया कि उनकी बहन घर से शादी में जाने की बात कहकर निकली थी। उन्होंने कहा कि तनु को उसकी दो सहेलियां घर से लेने आई थीं। वह पहले एक दोस्त के घर तैयार होने गई थी। इसी दौरान आरोपी ईशु ठाकुर के लगातार फोन आ रहे थे। कुछ देर बाद वह उसके साथ चली गई और फिर उसका फोन बंद हो गया।
भाई के मुताबिक, ईशु से तनु की पुरानी पहचान थी। उन्होंने बताया कि एक-दो बार उन्होंने फोन में उसका नाम देखा था और इस बात को लेकर बहन को समझाया भी था। आरोपी एक बार उनके घर भी आया था।
पुलिस का बयान
गढ़ा सीएसपी आशीष जैन ने बताया कि युवती की हत्या की सूचना मिलने के बाद उसकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए फोटो सभी थानों में सर्कुलेट की गई थी। 16 फरवरी को परिजन गढ़ा थाने पहुंचे थे, जहां गुमशुदगी दर्ज करने में लापरवाही सामने आई। इसी आधार पर संबंधित एएसआई को निलंबित किया गया।
उन्होंने बताया कि बाद में तिलवारा थाने में गुमशुदगी दर्ज होते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पाटन थाना पुलिस के साथ समन्वय बनाकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
परिजनों की सख्त सजा की मांग
तनु के परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि यह जघन्य अपराध है और दोषियों को किसी भी प्रकार का कानूनी लाभ नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने आरोपियों को फांसी देने की मांग उठाई है।
पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले को जघन्य अपराध की श्रेणी में रखते हुए मजबूत अभियोजन तैयार किया जाएगा, ताकि आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। फरार आरोपी की तलाश के लिए टीमें सक्रिय हैं। साथ ही वायरल वीडियो के स्रोत और प्रसार की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर रिश्तों में बढ़ते अविश्वास, साइबर दुरुपयोग और समय पर शिकायतों पर कार्रवाई की जरूरत को उजागर करता है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।



