हरियाणा

विदेश भेजने का झांसा बना डरावना जाल, कुरुक्षेत्र के तीन युवकों का उज्बेकिस्तान में अपहरण

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें विदेश भेजने के नाम पर तीन युवकों के साथ ठगी ही नहीं, बल्कि उनका अपहरण कर उन्हें बंधक बनाकर प्रताड़ित किए जाने की बात सामने आई है। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवारों को झकझोर कर रख दिया, बल्कि विदेश भेजने के नाम पर चल रहे अवैध नेटवर्क पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक मोहन लाल, बहादुर सिंह और मनदीप, तीनों कुरुक्षेत्र के रहने वाले हैं। बेहतर भविष्य और विदेश में नौकरी के सपने लेकर इन युवकों ने एक एजेंट के संपर्क में आकर अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा जोखिम उठा लिया। आरोप है कि एजेंट प्रेम सैनी, उसकी पत्नी अनीता रानी और उनके साथियों ने युवकों को स्पेन भेजने का भरोसा दिलाया था।

परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में प्रत्येक युवक से 2-2 लाख रुपये एडवांस के तौर पर लिए गए थे। एजेंट ने आश्वासन दिया था कि बाकी रकम स्पेन पहुंचने के बाद ली जाएगी। परिवारों ने भी अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद में यह रकम दे दी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह फैसला उन्हें किस खौफनाक स्थिति में पहुंचा देगा।

बताया जा रहा है कि 16 फरवरी को तीनों युवकों को भारत से उज्बेकिस्तान भेजा गया। वहां एयरपोर्ट पर कुछ अज्ञात लोग उन्हें लेने पहुंचे और अपने साथ ले गए। इसके बाद अचानक ही उनका परिवार से संपर्क टूट गया। कुछ समय बाद जो जानकारी सामने आई, उसने सभी को हिला कर रख दिया।

परिजनों का आरोप है कि उज्बेकिस्तान पहुंचते ही तीनों युवकों को बंधक बना लिया गया। उन्हें एक अज्ञात स्थान पर रखा गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया। इस दौरान अपहरणकर्ताओं ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए परिवारों से संपर्क किया और युवकों की हालत दिखाकर 45 लाख रुपये की फिरौती की मांग की।

बताया गया कि किडनैपर्स ने वीडियो कॉल पर युवकों को बुरी तरह घायल और डरे हुए हालत में दिखाया। उन्होंने परिवारों को धमकी दी कि अगर जल्द पैसे नहीं दिए गए, तो युवकों को जान से मार दिया जाएगा। इस डर से परिवार पूरी तरह टूट गए और उन्होंने किसी तरह पैसे जुटाने शुरू कर दिए।

डरे-सहमे परिजनों ने 20 फरवरी को 45 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। इसके अगले ही दिन तीनों युवकों को छोड़ दिया गया। किसी तरह वे सुरक्षित भारत लौट आए, लेकिन उनके साथ हुई घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।

घर लौटने के बाद युवकों और उनके परिवारों ने जब एजेंट प्रेम सैनी से संपर्क कर अपने पैसे वापस मांगे, तो उसने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित परिवारों ने पुलिस का सहारा लिया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना कृष्णा गेट में केस दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि यह मामला केवल ठगी का नहीं, बल्कि मानव तस्करी और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ा हुआ है। पुलिस अब आरोपी एजेंट और उसके साथियों की तलाश में जुटी हुई है।

अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह के तार और किन-किन जगहों से जुड़े हुए हैं।

यह घटना उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है, जो विदेश जाने के सपने में बिना पूरी जांच-पड़ताल किए एजेंटों के झांसे में आ जाते हैं। कई बार ऐसे एजेंट बड़े-बड़े वादे कर लोगों को फंसा लेते हैं और फिर उन्हें ऐसे खतरनाक जाल में धकेल देते हैं, जहां से निकलना मुश्किल हो जाता है।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि विदेश जाने से पहले एजेंट की पूरी पृष्ठभूमि और वैधता की जांच जरूर करें। केवल भरोसे या सस्ते ऑफर के लालच में आकर कोई भी कदम न उठाएं। अगर कोई एजेंट संदिग्ध लगे, तो तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दें।

इस पूरे मामले ने यह भी साबित कर दिया है कि विदेश भेजने के नाम पर चल रहे फर्जी रैकेट कितने खतरनाक हो सकते हैं। एक छोटी सी लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।

फिलहाल तीनों युवक सुरक्षित अपने घर लौट चुके हैं, लेकिन उनके साथ जो कुछ हुआ, वह एक डरावना अनुभव बनकर रह गया है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button